अमरोहा: मासूम से छेड़खानी करने वाले को हुई जेल, 27 दिन के भीतर न्यायालय ने सुनाई पांच साल की सजा
मासूम से छेड़खानी के आरोपी को 27 दिन के भीतर सजा होने का मामला चर्चा का विषय बन गया। इससे पहले न्यायालय ने 13 मई को तेरह दिन के भीतर पांच साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई और साथ ही 23 हजार का जुर्माना लगाया था।
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अपहरण कर सात साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को न्यायालय ने 27 दिन के भीतर पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले 13 मई को न्यायालय ने 13 दिन के भीतर पांच साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी।
यह मामला मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के एक गांव का है। यहां एक किसान का परिवार रहता है। 7 मई 2022 को गांव में ही किसान की रिश्तेदारी में शादी समारोह का आयोजन था। जिसमें किसान अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शामिल होने के लिए गया था। लेकिन शाम करीब पांच बजे दावत खाने के बाद किसान के बच्चे वापस लौट आए और घर के बाहर खेलने लगे। तभी गांव के पड़ोस में ईट भट्ठे पर मजदूरी करने वाला नवाब किसान की सात वर्षीय बेटी को उठाकर गन्ने के खेत में ले गया। मासूम को ले जाता देख कर वहां खेल रहे अन्य बच्चों ने शोर मचा दिया। जिससे लोगों की भीड़ जमा हो गई। मासूम के माता-पिता भी मौके पर आ गए। इसके बाद परिजनों ने मासूम को तलाश कर गन्ने के खेत में निर्वस्त्र हालत में बरामद किया था।
इस दौरान एकत्र हुए ग्रामीणों की भीड़ ने आरोपी को मौके पर पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में पीड़ित किसान की तहरीर पर आरोपी नवाब निवासी शाहबाजपुर थाना मंडावर जनपद बिजनौर के खिलाफ अपहरण, छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमें के विवेचक गजेंद्र पाल शर्मा ने 21 मई 2022 को मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 23 मई 2022 को आरोप बनने के बाद गवाही शुरू हो गई।
इस बीच हुई सुनवाई के दौरान छह गवाहों ने गवाही दी। मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को न्यायालय ने मामले में आखिरी सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी नवाब को दोषी करार दिया और पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अभियोजन अधिकारी के मुताबिक न्यायालय ने जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।