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काॅटनवेस्ट कारखाने में आग से मदरसे में मची भगदड़
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:40 PM IST
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ट्रक में आग
- फोटो : SELF
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जोया कॉटनवेस्ट कारखाने में लगी आग की तपिश इतनी अधिक थ्ाी कि बगल में ही बने मदरसे में भगदड़ मच गई। वहां मौजूद लड़कियों में चीखपुकार मची तो आनन फानन में उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थ्ाान पर पहुंचाया गया।
काटनवेस्ट के कारखाने के बगल में लड़कियों का मदरसा अहले सुन्नत हैं। मदरसे के प्रबंधक साबिर पाशा ने बताया कि यहां 70 लड़कियां आलिम राहिल फात्मा से शिक्षा ग्रहण करती हैं। कारखाने में आग लगने से इसकी लपटें मदरसे तक पहुंचने लगी। मदरसे के ऊपरी तल पर किचन है।
वहीं सिलेंडर भी रखे थे। आग से मदरसे की दीवारें भी चटकने लगीं। स्थिति को देखकर अंदर मौजूद 55 लड़कियों को वहां से निकाल कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। सिलेंडरों को वहां से हटाया गया।
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101 पर बजता रहा फोन, नहीं उठाया
कारखाना स्वामी साबिर हुसैन ने बताया कि आग लगने के बाद कई बार 101 नंबर पर फोन कर फायर ब्रिगेड को सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस के सूचना देने पर एक घंटे के बाद दमकल की गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंची। आग इतनी जबरदस्त थी कि दमकल का पानी भी खत्म हो गया। बाद में पानी भरकर आग के बुझाया गया।
जोया। कारखाना स्वामी ने बताया कि नोटबंदी के कारण कारखाना न के बराबर चल रहा हैं। मजदूर घर बैठे हुए हैं। यदि सभी मजदूर होते तो कारखाने में बड़ा जानमाल का हादसा हो सकता था। आग लगने के कारण अंदर फंसे मजदूरों को निकालने में काफी परेशानी आती।
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काटनवेस्ट के कारखाने के बगल में लड़कियों का मदरसा अहले सुन्नत हैं। मदरसे के प्रबंधक साबिर पाशा ने बताया कि यहां 70 लड़कियां आलिम राहिल फात्मा से शिक्षा ग्रहण करती हैं। कारखाने में आग लगने से इसकी लपटें मदरसे तक पहुंचने लगी। मदरसे के ऊपरी तल पर किचन है।
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वहीं सिलेंडर भी रखे थे। आग से मदरसे की दीवारें भी चटकने लगीं। स्थिति को देखकर अंदर मौजूद 55 लड़कियों को वहां से निकाल कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। सिलेंडरों को वहां से हटाया गया।
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101 पर बजता रहा फोन, नहीं उठाया
कारखाना स्वामी साबिर हुसैन ने बताया कि आग लगने के बाद कई बार 101 नंबर पर फोन कर फायर ब्रिगेड को सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस के सूचना देने पर एक घंटे के बाद दमकल की गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंची। आग इतनी जबरदस्त थी कि दमकल का पानी भी खत्म हो गया। बाद में पानी भरकर आग के बुझाया गया।
जोया। कारखाना स्वामी ने बताया कि नोटबंदी के कारण कारखाना न के बराबर चल रहा हैं। मजदूर घर बैठे हुए हैं। यदि सभी मजदूर होते तो कारखाने में बड़ा जानमाल का हादसा हो सकता था। आग लगने के कारण अंदर फंसे मजदूरों को निकालने में काफी परेशानी आती।