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Amroha News: यूपीसीडा के प्रबंधक और किसानों के बीच नोकझोंक
Tue, 23 Sep 2025 02:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 23 Sep 2025 02:31 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)। तिगरिया भूड़ के किसानों और यूपीसीडा के प्रबंधक के बीच जमकर नोकझोंक हुई। एक किसान पर प्रबंधक के साथ गाली-गलौज करने का भी आरोप है। किसी तरह लोगों ने मामला निपटाया।
यूपीसीडा के प्रबंधक धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली के उद्योगपति का तिगरिया भूड़ में पांच हजार वर्ग मीटर का प्लॉट है। इसके लिए उसे रास्ता चाहिए। कागजों में भी रास्ता दर्ज है। कई दिन पहले उन्होंने रास्ते का सर्वे करा दिया। उस पर हदबंदी के लिए पोल भी लगवा दिए। सोमवार को वह दिल्ली निवासी उद्योगपति के साथ तिगरिया भूड़ आए थे। यहां पर वह उसे रास्ता दिखा रहे थे।
इस बीच तिगरिया भूड़ के किसान इकट्ठा होकर आ गए। उनका आरोप है कि एक किसान ने उनके साथ गाली-गलौज कर नोकझोंक की जबकि उन्होंने किसान से सिर्फ ये कहा कि रास्ता है तो उसके कागज दिखा दें। उन्होंने किसान से पटवारी बुलाने को भी कहा लेकिन एक किसान कुछ सुनने को तैयार नहीं था। इस बीच कुछ संभ्रांत लोगों ने उसे समझाया। किसानों ने प्रबंधक को रास्ता प्रदर्शित करते हुए कागजात दिखाए जिसे लेकर वह चले गए।
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किसानों बोले, गाली-गलौज का आरोप बेबुनियाद
तिगरिया भूड़ के किसानों ने बताया कि उन पर गाली-गलौज का आरोप बेबुनियाद है। किसानों का आरोप है कि यूपीसीडा के प्रबंधक उनसे बिना बताए आते हैं। उनका सदियों पुराना रास्ता जबरन बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने प्रबंधक से अपना रास्ता बंद न किए जाने की मांग रखी थी। किसान अपना हक मांग रहे हैं। जिसे देने की बजाय उन पर गाली गलौज का गलत आरोप लगाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
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यूपीसीडा के प्रबंधक धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली के उद्योगपति का तिगरिया भूड़ में पांच हजार वर्ग मीटर का प्लॉट है। इसके लिए उसे रास्ता चाहिए। कागजों में भी रास्ता दर्ज है। कई दिन पहले उन्होंने रास्ते का सर्वे करा दिया। उस पर हदबंदी के लिए पोल भी लगवा दिए। सोमवार को वह दिल्ली निवासी उद्योगपति के साथ तिगरिया भूड़ आए थे। यहां पर वह उसे रास्ता दिखा रहे थे।
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इस बीच तिगरिया भूड़ के किसान इकट्ठा होकर आ गए। उनका आरोप है कि एक किसान ने उनके साथ गाली-गलौज कर नोकझोंक की जबकि उन्होंने किसान से सिर्फ ये कहा कि रास्ता है तो उसके कागज दिखा दें। उन्होंने किसान से पटवारी बुलाने को भी कहा लेकिन एक किसान कुछ सुनने को तैयार नहीं था। इस बीच कुछ संभ्रांत लोगों ने उसे समझाया। किसानों ने प्रबंधक को रास्ता प्रदर्शित करते हुए कागजात दिखाए जिसे लेकर वह चले गए।
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किसानों बोले, गाली-गलौज का आरोप बेबुनियाद
तिगरिया भूड़ के किसानों ने बताया कि उन पर गाली-गलौज का आरोप बेबुनियाद है। किसानों का आरोप है कि यूपीसीडा के प्रबंधक उनसे बिना बताए आते हैं। उनका सदियों पुराना रास्ता जबरन बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों ने प्रबंधक से अपना रास्ता बंद न किए जाने की मांग रखी थी। किसान अपना हक मांग रहे हैं। जिसे देने की बजाय उन पर गाली गलौज का गलत आरोप लगाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं।