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Amroha News: रेबीज से बिगड़ी नौ साल की बच्ची को हालत, गंभीर
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रहरा(अमरोहा)। क्षेत्र के गांव गंगेश्वरी में पागल गीदड़ के हमले की अनदेखी के चलते नौ वर्ष की मासूम बच्ची रेबीज की चपेट में आ गई है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
गंगेश्वरी निवासी योगेश कुमार का परिवार गांव के बाहर स्थित घर में रहता है। उन्होंने घर में एक पालतू कुतिया है। बीते चार सितंबर को एक पागल गीदड़ ने घर में घुसकर कुतिया पर हमला कर दिया था। इस घटना के ठीक 10 दिन बाद कुतिया की मौत हो गई।
इसके बाद, 20 सितंबर को कुतिया के ढाई महीने के पिल्ले ने योगेश की नौ वर्षीय बेटी महक को काट लिया। परिजनों ने शुरुआत में इस बात पर ध्यान नहीं दिया और इलाज में लापरवाही बरती। 29 सितंबर को परिजनों ने महक को एंटी-रेबीज की पहली डोज लगवाई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इसके बाद महक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। रविवार को उसे गंभीर हालत में मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. मुदित गौतम ने बताया कि परिजनों ने एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने में काफी देरी की। किसी भी जानवर के काटने के 24 घंटे के भीतर पहली डोज लगना बेहद जरूरी होता है, जबकि बालिका को समय पर इलाज न मिलने के कारण केवल एक ही डोज लग सकी।
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गंगेश्वरी निवासी योगेश कुमार का परिवार गांव के बाहर स्थित घर में रहता है। उन्होंने घर में एक पालतू कुतिया है। बीते चार सितंबर को एक पागल गीदड़ ने घर में घुसकर कुतिया पर हमला कर दिया था। इस घटना के ठीक 10 दिन बाद कुतिया की मौत हो गई।
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इसके बाद, 20 सितंबर को कुतिया के ढाई महीने के पिल्ले ने योगेश की नौ वर्षीय बेटी महक को काट लिया। परिजनों ने शुरुआत में इस बात पर ध्यान नहीं दिया और इलाज में लापरवाही बरती। 29 सितंबर को परिजनों ने महक को एंटी-रेबीज की पहली डोज लगवाई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इसके बाद महक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। रविवार को उसे गंभीर हालत में मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. मुदित गौतम ने बताया कि परिजनों ने एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने में काफी देरी की। किसी भी जानवर के काटने के 24 घंटे के भीतर पहली डोज लगना बेहद जरूरी होता है, जबकि बालिका को समय पर इलाज न मिलने के कारण केवल एक ही डोज लग सकी।