{"_id":"5abe9e7a4f1c1bd8618b4974","slug":"complaint-of-people-vomiting-and-loose-motion","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Sat, 31 Mar 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
ढबारसी में लोगों को दवा बांटती स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत हुई है, ये सामान्य भी हो सकते हैं लेकिन ढबारसी के लोगों में खौफ बन गया है। इन्हें बंदरों जैसी बीमारी इंसानों में होने का डर सताने लगा है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए गांव में दवाइयों का वितरण शुरू कर दिया है। वहीं बीमार पड़े पांच लोगों का इलाज चल रहा है।
शुक्रवार को ढबारसी के मोहल्ला होली वाला में चंद्र किरण के बेटे गौतम की हालत बिगड़ गई। गौतम को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत है। वहीं जगत सिंह के बेटे राहुल को भी उल्टी दस्त होने लगे। चंदा को भी उल्टी और दस्त लग गए। जोगेंद्र के बेटे सौरभ को उल्टी के साथ दस्त की शिकायत हुई। इसके अलावा अमित की बेटी निकिता को उल्टी में खून आया। इसके बाद से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनका इलाज शुरू कर दिया है। वहीं गांव वालों के दिलो दिमाग में डर बैठ गया है। ग्रामीण मान रहे हैं कि दस्त आने के बाद ही बंदरों की मौत हो रही है। कहीं ये बीमारी इंसानों को ना लग जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को गांव पहुंचकर लोगों का चेकअप कर चुकी हैं। वहीं निजी चिकित्सकों की बैठक ली गई थी। इसमें बंदरों जैसी बीमारी के लक्षण इंसानों में दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि ढबारसी में पिछले दस दिनों से बंदरों की मौत हो रही है। दो तीन दिन तक बंदर बीमार रहने के बाद दम तोड़ देता है। जिन बंदरों की मौत हो रही है, वे पानी के लिए भटकते हैं। इस मामले को लेकर प्रधानपति पहले ही स्वास्थ्य चेकअप की मांग उठा चुके हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने को कहा है। वहीं गांव के स्वास्थ्य केंद्र को 24 घंटे खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को ढबारसी के मोहल्ला होली वाला में चंद्र किरण के बेटे गौतम की हालत बिगड़ गई। गौतम को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत है। वहीं जगत सिंह के बेटे राहुल को भी उल्टी दस्त होने लगे। चंदा को भी उल्टी और दस्त लग गए। जोगेंद्र के बेटे सौरभ को उल्टी के साथ दस्त की शिकायत हुई। इसके अलावा अमित की बेटी निकिता को उल्टी में खून आया। इसके बाद से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनका इलाज शुरू कर दिया है। वहीं गांव वालों के दिलो दिमाग में डर बैठ गया है। ग्रामीण मान रहे हैं कि दस्त आने के बाद ही बंदरों की मौत हो रही है। कहीं ये बीमारी इंसानों को ना लग जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को गांव पहुंचकर लोगों का चेकअप कर चुकी हैं। वहीं निजी चिकित्सकों की बैठक ली गई थी। इसमें बंदरों जैसी बीमारी के लक्षण इंसानों में दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि ढबारसी में पिछले दस दिनों से बंदरों की मौत हो रही है। दो तीन दिन तक बंदर बीमार रहने के बाद दम तोड़ देता है। जिन बंदरों की मौत हो रही है, वे पानी के लिए भटकते हैं। इस मामले को लेकर प्रधानपति पहले ही स्वास्थ्य चेकअप की मांग उठा चुके हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने को कहा है। वहीं गांव के स्वास्थ्य केंद्र को 24 घंटे खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन