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कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को बांटे मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के प्रमाण पत्र
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अमरोहा। कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के स्वीकृत प्रमाण पत्र बांटे गए। इन बच्चों को निशुल्क शिक्षा व बच्चों के भरण पोषण के लिए संरक्षक को तीन-तीन माह में 12000 रुपये दिए जाएंगे।
गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया है। शुभारंभ के मौके पर लखनऊ से मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने 486 लाख की धनराशि प्रदेश के 4050 बच्चों के खाते में ऑनलाइन हस्तांतरण की है। इस दौरान सभागार में एलसीडी पर लाइव प्रसारण देखा गया। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रति माह 4000 रुपये के हिसाब तीन माह की संयुक्त राशि 12000 भेजी गई है, जिसका स्वीकृत प्रमाण पत्र डीएम, जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर, विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी, राजीव तरारा, एमएलसी डॉ हरि सिंह ढिल्लो और भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषिपाल नागर ने पत्रक बांटे। साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान डीएम ने कहा कि शून्य से 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पूर्व हो गई थी। जबकि दूसरे की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से हो गई हो। ऐसे बच्चें को योजना का लाभ मिलेगा। 11 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की कक्षा 12 तक के नि:शुल्क शिक्षा अटल आवासीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा।
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गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया है। शुभारंभ के मौके पर लखनऊ से मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने 486 लाख की धनराशि प्रदेश के 4050 बच्चों के खाते में ऑनलाइन हस्तांतरण की है। इस दौरान सभागार में एलसीडी पर लाइव प्रसारण देखा गया। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रति माह 4000 रुपये के हिसाब तीन माह की संयुक्त राशि 12000 भेजी गई है, जिसका स्वीकृत प्रमाण पत्र डीएम, जिला पंचायत अध्यक्ष ललित तंवर, विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी, राजीव तरारा, एमएलसी डॉ हरि सिंह ढिल्लो और भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषिपाल नागर ने पत्रक बांटे। साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान डीएम ने कहा कि शून्य से 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पूर्व हो गई थी। जबकि दूसरे की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से हो गई हो। ऐसे बच्चें को योजना का लाभ मिलेगा। 11 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की कक्षा 12 तक के नि:शुल्क शिक्षा अटल आवासीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा।
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