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Amroha News: रामोत्सव पर जगमगाया शहर
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अमरोहा। यूं तो असल दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है लेकिन सोमवार को अमरोहा में पौष मास की द्वादशी को ही दिवाली हुई। ओर हो भी क्यों न आखिरकार लंबे अरसे बाद अयोध्या में रामलला विधिवत रूप से अपने स्थान पर विराजमान जो हुए। एक दिन पहले ही पूरे शहर को राम आगमन के लिए सजाया गया। हर गली नुक्कड़ अपने आराध्य के स्वागत के लिए सजकर तैयार थे। इसके लिए मंदिरों को भी भव्य रूप से सजाकर तैयार किया गया था।
सोमवार को नगर में मंदिरों पर सुबह से ही पूजा अर्चना के कार्यक्रम शुरू हो गए। जगह जगह पर शाेभायात्रा भी निकाली गई। जिसमें उत्साह से लबरेज रामभक्तों ने जमकर गुलाल उड़ाया। दिन भर के कार्यक्रमों के बाद शाम को दिवाली मनाई गई। दीयों की रोशनी से घरों को जगमग किया गया तो झालरों से भी सजाया गया। नगर के प्रमुख चौराहे एवं सड़कें रोशन रहीं। श्रीराम की मूर्ति ही प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव पर शाम को हर घर में दिवाली मनी। बच्चों और युवाओं ने खूब आतिशबाजी कर श्रीराम के विराजमान होने का स्वागत करते हुए जश्न मनाया।
टीपी नगर चौराहा : सुबह-11 बजे
- रोजाना भीड़ से गुलजार रहने वाला टीपी नगर चौराहा आज कुछ अलग सा था। न तो भीड़ का शोर ओर न वाहनों की ज्यादा आवाजाही लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद खड़े थे। वहीं वातावरण में रामभजन की गूंज भी साफ सुनाई दे रही थी। एक संस्था द्वारा यहां खिचड़ी के भोज की वितरण की तैयारी की जा रही थी।
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गांधी मूर्ति चौक : सुबह-11:30 बजे
शहर की मुख्य पहचान के रूप में शुमार गांधी मूर्ति चौक को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। यहां खड़े कुछ युवा जश्न की तैयारी में लगे थे। आस पास की सभी दुकानें बंद थी। जेएस कॉलेज तक जाने वाली आजाद रोड भी सुनी दिखाई दे रही थी। जबकि, हर रोज यह मार्ग पूरी तरह व्यस्त रहता है। लोग काम काज से दूर आस्था में डूबे रहे। लोग घरों, मंदिरों व अन्य जगह पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। जिससे सड़कों पर आवाजाही बहुत कम रही।
कोट चौराहा : दोपहर 12:00 बजे
अमूमन रोजाना आजाद रोड से कोट चौराहा तक भीड़ से निकलना दूभर रहता है। लेकिन सोमवार को न तो बाजार में भीड़ थी, और अधिकांश दुकानें भी बंद ही थीं। इक्का दुक्का रेहड़ी वाले सड़क किनारे खड़े थे, तो कुछ दुकानें भी खुलीं थी। सड़क किनारे भगवा झंडा खरीदने वालों की भीड़ दिखाई दी। कोट चौराहा पर पुलिस कर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद थे। प्रभारी निरीक्षक सनोज प्रताप सिंह बाइक से शहर के माहौल का जायजा लेते दिखाई दिए। कोट पुलिस चौकी के पास राधा कृष्ण मंदिर पर श्रद्धालु आरती में लीन थे।
वासुदेव मंदिर : दोपहर 12:30 बजे
वासुदेव मंदिर पर पालिका की और से विगत 16 जनवरी से कीर्तन का आयोजन किया जा रहा था। सोमवार को यहां रामलला प्राण प्रतिष्ठा के सजीव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। मंदिर को पिछले कई दिनों से भव्य रूप से सजाया जा रहा था। प्राण प्रतिष्ठा का सजीव प्रसारण देखने के लिए डीएम राजेश कुमार त्यागी, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा एवं एडीएम न्यायिक मायाशंकर यादव भी पहुंचे। बड़ी तादाद में यहां लोग रामलला विराजमान के साक्षी बने।
रफातपुरा : दोपहर 1:00 बजे
रामलला विराजमान के लिए रामभक्तों ने पूरी तरह दिवाली मनाने की तैयारी की हुई थी। एक दिन पहले ही घरों एवं प्रमुख चौराहों को सजाया गया था। आतिशबाजी की भी खूब बिक्री हुई। रफातपुरा के अलावा कई जगहों की आतिशबाजी की दुकानों पर खासी भीड़ रही।
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सोमवार को नगर में मंदिरों पर सुबह से ही पूजा अर्चना के कार्यक्रम शुरू हो गए। जगह जगह पर शाेभायात्रा भी निकाली गई। जिसमें उत्साह से लबरेज रामभक्तों ने जमकर गुलाल उड़ाया। दिन भर के कार्यक्रमों के बाद शाम को दिवाली मनाई गई। दीयों की रोशनी से घरों को जगमग किया गया तो झालरों से भी सजाया गया। नगर के प्रमुख चौराहे एवं सड़कें रोशन रहीं। श्रीराम की मूर्ति ही प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव पर शाम को हर घर में दिवाली मनी। बच्चों और युवाओं ने खूब आतिशबाजी कर श्रीराम के विराजमान होने का स्वागत करते हुए जश्न मनाया।
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टीपी नगर चौराहा : सुबह-11 बजे
- रोजाना भीड़ से गुलजार रहने वाला टीपी नगर चौराहा आज कुछ अलग सा था। न तो भीड़ का शोर ओर न वाहनों की ज्यादा आवाजाही लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद खड़े थे। वहीं वातावरण में रामभजन की गूंज भी साफ सुनाई दे रही थी। एक संस्था द्वारा यहां खिचड़ी के भोज की वितरण की तैयारी की जा रही थी।
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गांधी मूर्ति चौक : सुबह-11:30 बजे
शहर की मुख्य पहचान के रूप में शुमार गांधी मूर्ति चौक को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। यहां खड़े कुछ युवा जश्न की तैयारी में लगे थे। आस पास की सभी दुकानें बंद थी। जेएस कॉलेज तक जाने वाली आजाद रोड भी सुनी दिखाई दे रही थी। जबकि, हर रोज यह मार्ग पूरी तरह व्यस्त रहता है। लोग काम काज से दूर आस्था में डूबे रहे। लोग घरों, मंदिरों व अन्य जगह पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। जिससे सड़कों पर आवाजाही बहुत कम रही।
कोट चौराहा : दोपहर 12:00 बजे
अमूमन रोजाना आजाद रोड से कोट चौराहा तक भीड़ से निकलना दूभर रहता है। लेकिन सोमवार को न तो बाजार में भीड़ थी, और अधिकांश दुकानें भी बंद ही थीं। इक्का दुक्का रेहड़ी वाले सड़क किनारे खड़े थे, तो कुछ दुकानें भी खुलीं थी। सड़क किनारे भगवा झंडा खरीदने वालों की भीड़ दिखाई दी। कोट चौराहा पर पुलिस कर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद थे। प्रभारी निरीक्षक सनोज प्रताप सिंह बाइक से शहर के माहौल का जायजा लेते दिखाई दिए। कोट पुलिस चौकी के पास राधा कृष्ण मंदिर पर श्रद्धालु आरती में लीन थे।
वासुदेव मंदिर : दोपहर 12:30 बजे
वासुदेव मंदिर पर पालिका की और से विगत 16 जनवरी से कीर्तन का आयोजन किया जा रहा था। सोमवार को यहां रामलला प्राण प्रतिष्ठा के सजीव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। मंदिर को पिछले कई दिनों से भव्य रूप से सजाया जा रहा था। प्राण प्रतिष्ठा का सजीव प्रसारण देखने के लिए डीएम राजेश कुमार त्यागी, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा एवं एडीएम न्यायिक मायाशंकर यादव भी पहुंचे। बड़ी तादाद में यहां लोग रामलला विराजमान के साक्षी बने।
रफातपुरा : दोपहर 1:00 बजे
रामलला विराजमान के लिए रामभक्तों ने पूरी तरह दिवाली मनाने की तैयारी की हुई थी। एक दिन पहले ही घरों एवं प्रमुख चौराहों को सजाया गया था। आतिशबाजी की भी खूब बिक्री हुई। रफातपुरा के अलावा कई जगहों की आतिशबाजी की दुकानों पर खासी भीड़ रही।