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Amroha News: बच्चों को 10 मिनट डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी पढ़ाई, डेढ़ लाख परिषदीय विद्यार्थी होंगे लाभान्वित
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अमरोहा। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को प्रत्येक पाठ के दौरान कम से कम दस मिनट डिजिटल माध्यम से शिक्षण कराया जाएगा। इस व्यवस्था से जिले के लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ वीडियो, ई-सामग्री, डिजिटल प्रस्तुतीकरण, प्रश्नोत्तरी तथा अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग करना होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की विषयों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ कठिन अवधारणाओं को सरल और सहज तरीके से समझाना है।
जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि डिजिटल शिक्षण से बच्चों के सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। कई ऐसे विषय और अध्याय, जिन्हें केवल मौखिक या लिखित माध्यम से समझाना कठिन होता है, उन्हें अब वीडियो, चित्र और एनीमेशन के जरिए आसानी से समझाया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों की समझ बेहतर होगी और वे पढ़ाई में अधिक सक्रिय भागीदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि दृश्य आधारित शिक्षण पद्धति बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ उनकी याद रखने की क्षमता को भी मजबूत करेगी।
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डिजिटल सामग्री के माध्यम से पढ़ाई अधिक आकर्षक बनेगी और विद्यार्थियों को विषयवस्तु लंबे समय तक याद रहेगी। डिजिटल तकनीक के समावेश से कक्षा शिक्षण अधिक परिणामोन्मुख बनेगा। विभाग ने शिक्षकों को भी डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक पाठ में कम से कम 10 मिनट का डिजिटल शिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
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नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ वीडियो, ई-सामग्री, डिजिटल प्रस्तुतीकरण, प्रश्नोत्तरी तथा अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग करना होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की विषयों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ कठिन अवधारणाओं को सरल और सहज तरीके से समझाना है।
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जिला समन्वयक प्रशांत कुमार ने बताया कि डिजिटल शिक्षण से बच्चों के सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। कई ऐसे विषय और अध्याय, जिन्हें केवल मौखिक या लिखित माध्यम से समझाना कठिन होता है, उन्हें अब वीडियो, चित्र और एनीमेशन के जरिए आसानी से समझाया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों की समझ बेहतर होगी और वे पढ़ाई में अधिक सक्रिय भागीदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि दृश्य आधारित शिक्षण पद्धति बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ उनकी याद रखने की क्षमता को भी मजबूत करेगी।
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डिजिटल सामग्री के माध्यम से पढ़ाई अधिक आकर्षक बनेगी और विद्यार्थियों को विषयवस्तु लंबे समय तक याद रहेगी। डिजिटल तकनीक के समावेश से कक्षा शिक्षण अधिक परिणामोन्मुख बनेगा। विभाग ने शिक्षकों को भी डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक पाठ में कम से कम 10 मिनट का डिजिटल शिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।