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सहारे के लिए भटकते बच्चों को मिला स्कूल का साथ, अभी और सुधरेंगे हालात
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मंडी धनौरा में बेसराहा बच्चों की खबर छपने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चों का दाखिला प्राइमरी
- फोटो : DHANAURA
मंडी धनौरा। नौ वर्षीय प्रिया और आठ साल के एकांत के लिए गुरुवार बड़े दिन जैसा महसूस हुआ। माता-पिता के न रहने से अन्य बच्चों की तरह स्कूल जाने की उम्मीद छोड़ चुके इन मासूमों के दरवाजे पर अवसर ने खुद दस्तक दी। अवसर बनकर पहुंचे शिक्षा विभाग के अफसर और अध्यापकों ने न सिर्फ बच्चों को स्कूल की राह दिखाई बल्कि उनके कंधे पर पाठ्यक्रम से भरा स्कूल बैग और तन पर यूनिफॉर्म भी सजा दी।
विपरीत परिस्थितियों में घिर कर अनाथ हुए तीन भाई-बहनों की पीड़ा अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने बच्चों की मदद के लिए कदम बढ़ाए। गुरुवार को सुभाष नगर स्थित प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक सुंदरलाल एकांत व प्रिया को अपने स्कूल ले गए। उनका दाखिला किया। दोनों बच्चों को जब यूनिफॉर्म, किताब और बैग दिए गए तो उनकी आंखों में बेहतर कल की उम्मीदें चमकने लगीं।
प्रिया का कहना था कि उसको पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। वह खूब पढ़ना चाहती है। स्कूल में दाखिला मिलना उसके लिए सबसे बड़ी खुशी है। किताबों का बैग मिलते ही आत्मविश्वास से भी प्रिया नेे कहा कि खुद को मन लगाकर पढ़ेगी ही छोटे भाई एकांत को होमवर्क में मदद भी करेगी।
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स्कूल में शिक्षिका नीतू सिंह, आरती बंसल समेत अन्य स्टाफ ने भी इन बच्चों को अतिरिक्त स्नेह दिया। आश्वस्त किया कि वे उनसे किसी भी समय पढ़ाई संबंधी समस्या पर चर्चा कर सकते हैं।
छोटे भाई-बहन को स्कूल में दाखिल देख सबसे बड़े भाई रोहन (12) के चेहरे पर भी विश्वास और खुशी नजर आई।
बाल कल्याण समिति ने भी लिया संज्ञान
जनपद की बाल कल्याण समिति ने भी अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए बच्चों की मदद करने का निर्णय लिया है। एसडीएम मांगेराम चौहान ने बताया कि तीनों बच्चों को बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को अमरोहा अपने कार्यालय बुलाया है। उम्मीद है कि सरकार की योजना के अनुसार बच्चों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने उन्होंने अधिशासी अधिकारी से कहकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बच्चों का आवासीय सुविधा दिलाने की भी बात कही है।
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विपरीत परिस्थितियों में घिर कर अनाथ हुए तीन भाई-बहनों की पीड़ा अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने बच्चों की मदद के लिए कदम बढ़ाए। गुरुवार को सुभाष नगर स्थित प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक सुंदरलाल एकांत व प्रिया को अपने स्कूल ले गए। उनका दाखिला किया। दोनों बच्चों को जब यूनिफॉर्म, किताब और बैग दिए गए तो उनकी आंखों में बेहतर कल की उम्मीदें चमकने लगीं।
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प्रिया का कहना था कि उसको पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। वह खूब पढ़ना चाहती है। स्कूल में दाखिला मिलना उसके लिए सबसे बड़ी खुशी है। किताबों का बैग मिलते ही आत्मविश्वास से भी प्रिया नेे कहा कि खुद को मन लगाकर पढ़ेगी ही छोटे भाई एकांत को होमवर्क में मदद भी करेगी।
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स्कूल में शिक्षिका नीतू सिंह, आरती बंसल समेत अन्य स्टाफ ने भी इन बच्चों को अतिरिक्त स्नेह दिया। आश्वस्त किया कि वे उनसे किसी भी समय पढ़ाई संबंधी समस्या पर चर्चा कर सकते हैं।
छोटे भाई-बहन को स्कूल में दाखिल देख सबसे बड़े भाई रोहन (12) के चेहरे पर भी विश्वास और खुशी नजर आई।
बाल कल्याण समिति ने भी लिया संज्ञान
जनपद की बाल कल्याण समिति ने भी अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए बच्चों की मदद करने का निर्णय लिया है। एसडीएम मांगेराम चौहान ने बताया कि तीनों बच्चों को बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को अमरोहा अपने कार्यालय बुलाया है। उम्मीद है कि सरकार की योजना के अनुसार बच्चों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने उन्होंने अधिशासी अधिकारी से कहकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बच्चों का आवासीय सुविधा दिलाने की भी बात कही है।