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जर्जर स्कूलों में पढ़ाई कर रहे नौनिहाल
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:52 AM IST
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अमरोहा जर्जर हालत में मोहल्ला कुरेशी का प्राथमिक विद्यालय।
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जहां एक ओर सरकार गांव-गांव शिक्षा पहुंचाने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रही है। वहीं विभागीय अफसर सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे हैं। जिले के तमाम सरकारी विद्यालयों के भवन जर्जर हालत में हैं। खतरे की जद में नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। नगर के मोहल्ला कुरैशी और मोहल्ला बगला में स्थित प्राथमिक विद्यालय के भवन जर्जर हालत में हैं। लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी परहेज कर रहे हैं। जिससे इन विद्यालयों में सिर्फ 10-15 बच्चे ही पढ़ने आते हैं। स्थानीय लोगों की तमाम कोशिशों के बावजूद विद्यालय का भवन नहीं बदला।
बता दें कि मुरादाबाद के थाना मूढ़ापांडे क्षेत्र के गांव हिरनखेड़ा में गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की दीवार ढहने से मलवे में दब कर कक्षा दो के छात्र की मौत हो गई थी। अमरोहा की बात करें तो यहां भी तमाम सरकारी विद्यालयों के भवन जर्जर हालत में हैं। नगर के मोहल्ला बगला स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पुरानी ककईया ईंट और मिट्टी से बना हुआ है। जो बुरी तरह जर्जर हालत में हैं। कड़ियां लटक गई हैं। इतना ही नहीं विद्यालय में मुख्य द्वार ही नहीं है। विद्यालय स्टाफ ने पर्दे टांग कर व्यवस्था की है। विद्यालय का भवन जर्जर होने से अभिभावकों में हादसे का भय बना रहता है। जिससे तमाम अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना शुरू कर दिया है। विद्यालय में कुल 10-12 बच्चे ही हैं। उधर मोहल्ला कुरैशी स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन भी काफी जर्जर हालत में है। यहां भवन तो जर्जर है ही। टूटे फूटे हिस्से में ऊंची घास फूस जमा हो गई है। जिससे कीड़े मकौडों के होने से बच्चों को खतरा बना रहता है। विद्यालय में सिर्फ एक कोठरी ही बची है। जिसकी दीवारे साबित बची हैं। लिंटर न होने पर टीनशेड डाल कर कमरे का रूप दिया गया है। यहां भी जर्जर भवन होने की वजह से 10-15 बच्चे ही पढ़ने आते हैं। अध्यापक के नाम पर एक कार्यवाहक अध्यापक है।
बता दें कि मुरादाबाद के थाना मूढ़ापांडे क्षेत्र के गांव हिरनखेड़ा में गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन की दीवार ढहने से मलवे में दब कर कक्षा दो के छात्र की मौत हो गई थी। अमरोहा की बात करें तो यहां भी तमाम सरकारी विद्यालयों के भवन जर्जर हालत में हैं। नगर के मोहल्ला बगला स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन पुरानी ककईया ईंट और मिट्टी से बना हुआ है। जो बुरी तरह जर्जर हालत में हैं। कड़ियां लटक गई हैं। इतना ही नहीं विद्यालय में मुख्य द्वार ही नहीं है। विद्यालय स्टाफ ने पर्दे टांग कर व्यवस्था की है। विद्यालय का भवन जर्जर होने से अभिभावकों में हादसे का भय बना रहता है। जिससे तमाम अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना शुरू कर दिया है। विद्यालय में कुल 10-12 बच्चे ही हैं। उधर मोहल्ला कुरैशी स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन भी काफी जर्जर हालत में है। यहां भवन तो जर्जर है ही। टूटे फूटे हिस्से में ऊंची घास फूस जमा हो गई है। जिससे कीड़े मकौडों के होने से बच्चों को खतरा बना रहता है। विद्यालय में सिर्फ एक कोठरी ही बची है। जिसकी दीवारे साबित बची हैं। लिंटर न होने पर टीनशेड डाल कर कमरे का रूप दिया गया है। यहां भी जर्जर भवन होने की वजह से 10-15 बच्चे ही पढ़ने आते हैं। अध्यापक के नाम पर एक कार्यवाहक अध्यापक है।
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