{"_id":"6ab42732b8bfe66a8c0b7c34","slug":"chargesheet-filed-in-the-fir-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-173784-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: एफआर के नाम पर 35 हजार लिए, फिर प्राथमिकी में दाखिल कर दी चार्जशीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: एफआर के नाम पर 35 हजार लिए, फिर प्राथमिकी में दाखिल कर दी चार्जशीट
Thu, 24 Sep 2026 12:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। प्राथमिकी में एफआर लगाने के नाम पर 35 हजार रुपये लेने और इसके बाद चार्जशीट दाखिल करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है। दावा है कि उसने दरोगा से हुई बातचीत की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी की है। आईजीआरएस पर की गई शिकायत के निस्तारण से असंतुष्ट पीड़ित की आपत्ति के बाद अब मामले की जांच एएसपी अखिलेश भदौरिया को सौंपी गई है।
शहर के मोहल्ला मोहम्मदी सराय निवासी विकल के मुताबिक चार जनवरी 2026 को मोहल्ला किशनगढ़ निवासी उसके दोस्त रितिक और ओमकार से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने विकल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की विवेचना पैनेसिया चौकी प्रभारी को सौंपी गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। विकल का आरोप है कि समझौतानामा लेकर चौकी पहुंचने पर दरोगा ने मुकदमे में एफआर लगाने के बदले 50 हजार रुपये मांगे। बातचीत के बाद 35 हजार रुपये में एफआर लगाने की बात तय हुई। आरोप है कि विकल ने दरोगा को 35 हजार रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद एफआर लगाने के बजाय मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। कुछ समय बाद न्यायालय से चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलने पर विकल को मामले का पता चला। इसके बाद उसने चौकी पहुंचकर दरोगा से हुई बातचीत की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली। पीड़ित ने आईजीआरएस के माध्यम से मामले की शिकायत की। आरोप है कि सीओ नौगावां सादात अवधभान सिंह भदौरिया ने शिकायत में उपलब्ध साक्ष्यों की समुचित जांच किए बिना उसका निस्तारण कर दिया। असंतुष्ट विकल ने निस्तारण पर आपत्ति दर्ज कराई। अब एएसपी स्तर से मामले की जांच शुरू की गई है। जांच के बाद आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी। एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला मोहम्मदी सराय निवासी विकल के मुताबिक चार जनवरी 2026 को मोहल्ला किशनगढ़ निवासी उसके दोस्त रितिक और ओमकार से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने विकल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की विवेचना पैनेसिया चौकी प्रभारी को सौंपी गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। विकल का आरोप है कि समझौतानामा लेकर चौकी पहुंचने पर दरोगा ने मुकदमे में एफआर लगाने के बदले 50 हजार रुपये मांगे। बातचीत के बाद 35 हजार रुपये में एफआर लगाने की बात तय हुई। आरोप है कि विकल ने दरोगा को 35 हजार रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद एफआर लगाने के बजाय मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। कुछ समय बाद न्यायालय से चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलने पर विकल को मामले का पता चला। इसके बाद उसने चौकी पहुंचकर दरोगा से हुई बातचीत की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली। पीड़ित ने आईजीआरएस के माध्यम से मामले की शिकायत की। आरोप है कि सीओ नौगावां सादात अवधभान सिंह भदौरिया ने शिकायत में उपलब्ध साक्ष्यों की समुचित जांच किए बिना उसका निस्तारण कर दिया। असंतुष्ट विकल ने निस्तारण पर आपत्ति दर्ज कराई। अब एएसपी स्तर से मामले की जांच शुरू की गई है। जांच के बाद आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी। एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन