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जुलूस निकाल मनाया विश्वासघात दिवस
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा
Updated Sun, 27 May 2018 01:57 AM IST
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अमरोहा में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेसी।
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र की सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे हर मोर्चे पर नाकाम करार देते हुए विश्वासघात दिवस मनाया। चौधरी सुखराज सिंह और फैज आलम राइनी के नेतृत्व में जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिषद के गेट से शुरू कर कोट चौराहे तक जुलूस निकाला और केंद्र, राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया।
यहां दोनों कमेटियों के अध्यक्षों ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास का दावा करने वाली भाजपा सरकार में किसान, युवा, व्यापारी, मजदूर और कर्मचारी सभी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कहा कि जनता के साथ विश्वासघात करने वाली सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को रोकने में नाकाम साबित हुई है। इसमें लूट, डकैती और बलात्कार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासकर दलित और मुस्लिम समुदाय के लोगों का जमकर शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार का वायदा करने वाली सरकार को चार साल में आठ करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर देने थे। जबकि श्रम ब्यूरो के मुताबिक चार साल में आठ लाख लोगों को भी रोजगार नहीं मिला है। दूसरी ओर उद्योगपति जनता का पैसा लेकर विदेश भाग रहे हैं। और बीमा कंपनियों को 14 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। जबकि किसानों को मात्र छह हजार करोड़ रुपये का ही मुआवजा बांटा गया। कृषि विकास की दर अब तक के सबसे नीचे स्तर पर 1.7 फीसदी पर पहुंच गई है। जिससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। जुलूस निकाले जाने के दौरान डॉ. शिराजउद्दीन हाशमी, निराले मिया अंसारी, डॉ. कमलेश सिंह, अली हसनैन, ओमकार कटारिया, चौधरी शमीम अय्यूब, हाजी खुर्शीद, अनवर अली, चंदन नकवी, शाहिद सैफी, फैजउद्दीन सिद्दकी, चौधरी हरीशवीर सिंह, अन्नू वर्मा, जफर अंसारी, नईम खां, सईद खां, परवेज सिद्दकी, भूपेंद्र सिंह, यासिर अंसारी, अफजाल, अली हुसैन, इंद्र सिंह, कैलास चंद्र सैनी, सुभाष पोसवाल थे।
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यहां दोनों कमेटियों के अध्यक्षों ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास का दावा करने वाली भाजपा सरकार में किसान, युवा, व्यापारी, मजदूर और कर्मचारी सभी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कहा कि जनता के साथ विश्वासघात करने वाली सरकार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को रोकने में नाकाम साबित हुई है। इसमें लूट, डकैती और बलात्कार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासकर दलित और मुस्लिम समुदाय के लोगों का जमकर शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार का वायदा करने वाली सरकार को चार साल में आठ करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर देने थे। जबकि श्रम ब्यूरो के मुताबिक चार साल में आठ लाख लोगों को भी रोजगार नहीं मिला है। दूसरी ओर उद्योगपति जनता का पैसा लेकर विदेश भाग रहे हैं। और बीमा कंपनियों को 14 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। जबकि किसानों को मात्र छह हजार करोड़ रुपये का ही मुआवजा बांटा गया। कृषि विकास की दर अब तक के सबसे नीचे स्तर पर 1.7 फीसदी पर पहुंच गई है। जिससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। जुलूस निकाले जाने के दौरान डॉ. शिराजउद्दीन हाशमी, निराले मिया अंसारी, डॉ. कमलेश सिंह, अली हसनैन, ओमकार कटारिया, चौधरी शमीम अय्यूब, हाजी खुर्शीद, अनवर अली, चंदन नकवी, शाहिद सैफी, फैजउद्दीन सिद्दकी, चौधरी हरीशवीर सिंह, अन्नू वर्मा, जफर अंसारी, नईम खां, सईद खां, परवेज सिद्दकी, भूपेंद्र सिंह, यासिर अंसारी, अफजाल, अली हुसैन, इंद्र सिंह, कैलास चंद्र सैनी, सुभाष पोसवाल थे।
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