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सीबीआई ने 14.85 करोड़ के घोटाले में दूसरे आरोपी को किया गिरफ्तार
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प्रथमा बैंक की मंडी समिति शाखा में करीब साढ़े चार साल पहले हुए 14.85 करोड़ के घोटाले में फरार दूसरे आरोपी को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। घोटाले का मुख्य आरोपी तत्कालीन बैंक प्रबंधक अभी भी सीबीआई के हत्थे नहीं चढ़ा है। सीबीआई की टीम उसकी तलाश में लगी हुई है।
हसनपुर की प्रथमा बैंक शाखा मंडी समिति में अगस्त 2017 में 14.85 करोड़ के घोटाले का पता चला था। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने ओवरड्राफ्ट लिमिट के उन खातों में यह धनराशि ट्रांसफर कर दी थी, जिनकी लिमिट मात्र एक से दस लाख रुपये तक थी। ये खाते उनके चहेतों के थे। ये लोग इस धनराशि का प्रयोग प्रापर्टी डीलिंग समेत अन्य धंधों में करते थे। इससे होने वाले मुनाफे में बैंक मैनेजर की भी हिस्सेदारी थी। इस 14.85 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक विपिन कुमार, फील्ड अफसर नवीन शर्मा एवं वीसी जितेंद्र आर्य समेत पूरे स्टाफ को हटा दिया था। मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। पिछले चार साल से सीबीआई की टीम घोटाले की जांच कर रही है। कई बार बैंक प्रबंधक के घर जाकर भी जांच पड़ताल की जा चुकी है। 25 फरवरी 2022 को घोटाले का एक आरोपी तत्कालीन फील्ड अफसर नवीन शर्मा गाजियाबाद सीबीआई की अदालत में पेश हुआ था। वहीं से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। अब घोटाले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी वीसी जितेंद्र आर्य को भी सीबीआई की टीम ने पांच अप्रैल को हसनपुर से गिरफ्तार कर लिया। घोटाले का मुख्य आरोपी तत्कालीन बैंक प्रबंधक विपिन कुमार अभी फरार चल रहा है। सीबीआई की टीम उसकी तलाश में लगी हुई है। इसके अलावा जल्द ही घोटाले से जुड़े अन्य बैंक कर्मियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
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हसनपुर की प्रथमा बैंक शाखा मंडी समिति में अगस्त 2017 में 14.85 करोड़ के घोटाले का पता चला था। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने ओवरड्राफ्ट लिमिट के उन खातों में यह धनराशि ट्रांसफर कर दी थी, जिनकी लिमिट मात्र एक से दस लाख रुपये तक थी। ये खाते उनके चहेतों के थे। ये लोग इस धनराशि का प्रयोग प्रापर्टी डीलिंग समेत अन्य धंधों में करते थे। इससे होने वाले मुनाफे में बैंक मैनेजर की भी हिस्सेदारी थी। इस 14.85 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक विपिन कुमार, फील्ड अफसर नवीन शर्मा एवं वीसी जितेंद्र आर्य समेत पूरे स्टाफ को हटा दिया था। मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। पिछले चार साल से सीबीआई की टीम घोटाले की जांच कर रही है। कई बार बैंक प्रबंधक के घर जाकर भी जांच पड़ताल की जा चुकी है। 25 फरवरी 2022 को घोटाले का एक आरोपी तत्कालीन फील्ड अफसर नवीन शर्मा गाजियाबाद सीबीआई की अदालत में पेश हुआ था। वहीं से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। अब घोटाले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी वीसी जितेंद्र आर्य को भी सीबीआई की टीम ने पांच अप्रैल को हसनपुर से गिरफ्तार कर लिया। घोटाले का मुख्य आरोपी तत्कालीन बैंक प्रबंधक विपिन कुमार अभी फरार चल रहा है। सीबीआई की टीम उसकी तलाश में लगी हुई है। इसके अलावा जल्द ही घोटाले से जुड़े अन्य बैंक कर्मियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
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