{"_id":"68489ad0ae43318df3014d60","slug":"case-filed-against-seven-persons-including-bsa-and-beo-on-courts-order-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-141586-2025-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: कोर्ट के आदेश पर बीएसए व बीईओ समेत सात पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: कोर्ट के आदेश पर बीएसए व बीईओ समेत सात पर केस
Wed, 11 Jun 2025 02:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 11 Jun 2025 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा।
गर्भपात के नाम पर शिक्षिका के 42 दिन का वेतन स्वीकृत करने और गर्भपात संबंधित मूल पत्रावली गायब होने के मामले में बीएसए और बीईओ समेत सात लोग फंस गए हैं। कोर्ट के आदेश पर अमरोहा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मोहल्ला कोट निवासी शिक्षिका वर्षा गुप्ता की तैनाती जोया ब्लॉक के गांव पप्सरा के प्राथमिक विद्यालय में है। 2016 में गर्भपात होने की बात बताकर उन्होंने चार जुलाई से 14 अगस्त तक अवकाश लिया था। इस अवधि में बिना कार्य किए उनका 42 दिन का वेतन स्वीकृत हुआ था। मामले में अधिवक्ता व आरटीआई एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनु शर्मा ने तत्कालीन बीईओ जोया से आरटीआई के तहत एक सूचना मांगी थी।
जांच में खुलासा हुआ था कि शिक्षिका वर्षा को गर्भपात हुआ ही नहीं था। उनके द्वारा चिकित्सा संबंधी पर्चे व अन्य जांच रिपोर्ट को भी विभाग में दाखिल नहीं कराया गया था। इसके बावजूद तत्कालीन बीएसए व अन्य विभागीय कर्मियों ने 42 दिन के वेतन स्वीकृत करने की संस्तुति कर दी थी। सीडीओ की जांच में पटल सहायक गर्भपात की मूल पत्रावली दिखा नहीं सके थे। इसी के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी।
विज्ञापन
कोर्ट ने डीएम से मांगी थी जांच आख्या
मुन शर्मा ने थाने पर शिकायत की। साथ ही एसपी को भी शिकायती पत्र दिए। कार्रवाई न हाेने पर मनु शर्मा एडवोकेट ने अदालत की शरण ली थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले में डीएम से जांच आख्या मांगी थी। जांच आख्या भी इनके खिलाफ आई थी। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश अमरोहा पुलिस को दिए थे। प्रभारी निरीक्षक पंकज तोमर ने बताया कि अदालत के आदेश पर तत्कालीन व मौजूदा बीएसए के अलावा शिक्षिका समेत कुल सात कर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच उपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
गर्भपात के नाम पर शिक्षिका के 42 दिन का वेतन स्वीकृत करने और गर्भपात संबंधित मूल पत्रावली गायब होने के मामले में बीएसए और बीईओ समेत सात लोग फंस गए हैं। कोर्ट के आदेश पर अमरोहा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मोहल्ला कोट निवासी शिक्षिका वर्षा गुप्ता की तैनाती जोया ब्लॉक के गांव पप्सरा के प्राथमिक विद्यालय में है। 2016 में गर्भपात होने की बात बताकर उन्होंने चार जुलाई से 14 अगस्त तक अवकाश लिया था। इस अवधि में बिना कार्य किए उनका 42 दिन का वेतन स्वीकृत हुआ था। मामले में अधिवक्ता व आरटीआई एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनु शर्मा ने तत्कालीन बीईओ जोया से आरटीआई के तहत एक सूचना मांगी थी।
विज्ञापन
जांच में खुलासा हुआ था कि शिक्षिका वर्षा को गर्भपात हुआ ही नहीं था। उनके द्वारा चिकित्सा संबंधी पर्चे व अन्य जांच रिपोर्ट को भी विभाग में दाखिल नहीं कराया गया था। इसके बावजूद तत्कालीन बीएसए व अन्य विभागीय कर्मियों ने 42 दिन के वेतन स्वीकृत करने की संस्तुति कर दी थी। सीडीओ की जांच में पटल सहायक गर्भपात की मूल पत्रावली दिखा नहीं सके थे। इसी के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी।
विज्ञापन
कोर्ट ने डीएम से मांगी थी जांच आख्या
मुन शर्मा ने थाने पर शिकायत की। साथ ही एसपी को भी शिकायती पत्र दिए। कार्रवाई न हाेने पर मनु शर्मा एडवोकेट ने अदालत की शरण ली थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले में डीएम से जांच आख्या मांगी थी। जांच आख्या भी इनके खिलाफ आई थी। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश अमरोहा पुलिस को दिए थे। प्रभारी निरीक्षक पंकज तोमर ने बताया कि अदालत के आदेश पर तत्कालीन व मौजूदा बीएसए के अलावा शिक्षिका समेत कुल सात कर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच उपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।