{"_id":"67c4b1019e79716c6002b5af","slug":"break-of-compensation-to-farmers-on-the-work-of-central-ganga-canal-jpnagar-news-c-284-1-jpn1002-135318-2025-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: मध्य गंगा नहर के काम पर किसानों के मुआवजे का ब्रेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: मध्य गंगा नहर के काम पर किसानों के मुआवजे का ब्रेक
Mon, 03 Mar 2025 12:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 03 Mar 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। सिंचाई की सुविधाओं को आसान बनाने के लिए शुरू हुई मध्य गंगा नहर परियोजना फेज दो की निर्माण प्रक्रिया तीन गांवों के किसानों के आंदोलन के चलते पूरी नहीं हो सकी है। चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर किसान धरने पर डटे हुए हैं। जिले में करीब साठ किलोमीटर गुजरने वाली इस नहर का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। आंदोलन के चलते केवल तीन गांवों में ही इसके निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
मध्य गंगा नहर फेज-2 का निर्माण साल 2008 में शुरू किया गया। जिसके लिए 4417 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। इसके लिए 59045 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदी गई। अमरोहा ब्लाॅक के 87, जोया के 230, मंडी धनौरा के 78, गजरौला के 157 व हसनपुर ब्लाॅक के 370 गांवों से होकर यह नहर निकलनी है।
वर्ष 2010 में नहर निर्माण के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। परियोजना का काम बंद हो गया था। ऐसे में न तो किसानों को मुआवजा मिल सका और न ही खोदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। बिजनौर के बैराज से शुरू होने वाली इस परियोजना के तहत नहर को अमरोहा, मुरादाबाद और संभल से होकर गुजारा जाना है।
विज्ञापन
नहर को नरैना से दो भागों में बांटा गया : अमरोहा से गुजरने वाली इस नहर की लंबाई करीब साठ किलोमीटर है। बिजनौर के बैराज से निकलने वाली इस नहर को नरैना से दो भागों में बांटा गया है। अमरोहा में केवल कूबी, मोहनपुर व रामपुर घना में ही किसानों के विरोध के चलते नहर का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मुद्दे का हल होते ही जल्द इसकी निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। अमरोहा में तीनों गांवों में 2.68 किलोमीटर की खाेदाई का काम बाकी है।
विज्ञापन
मध्य गंगा नहर फेज-2 का निर्माण साल 2008 में शुरू किया गया। जिसके लिए 4417 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। इसके लिए 59045 हेक्टेयर जमीन किसानों से खरीदी गई। अमरोहा ब्लाॅक के 87, जोया के 230, मंडी धनौरा के 78, गजरौला के 157 व हसनपुर ब्लाॅक के 370 गांवों से होकर यह नहर निकलनी है।
विज्ञापन
वर्ष 2010 में नहर निर्माण के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। परियोजना का काम बंद हो गया था। ऐसे में न तो किसानों को मुआवजा मिल सका और न ही खोदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। बिजनौर के बैराज से शुरू होने वाली इस परियोजना के तहत नहर को अमरोहा, मुरादाबाद और संभल से होकर गुजारा जाना है।
विज्ञापन
नहर को नरैना से दो भागों में बांटा गया : अमरोहा से गुजरने वाली इस नहर की लंबाई करीब साठ किलोमीटर है। बिजनौर के बैराज से निकलने वाली इस नहर को नरैना से दो भागों में बांटा गया है। अमरोहा में केवल कूबी, मोहनपुर व रामपुर घना में ही किसानों के विरोध के चलते नहर का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मुद्दे का हल होते ही जल्द इसकी निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। अमरोहा में तीनों गांवों में 2.68 किलोमीटर की खाेदाई का काम बाकी है।