मंडी धनौरा (अमरोहा)। भारतीय किसान यूनियन असली की पंचायत में चकबंदी विभाग को चेतावनी दी गई है कि जब तक अभिलेखों में झील का रकबा कम दर्ज नहीं किया जाता है। तब तक आजमपुर गांव में चकबंदी नहीं होने दी जाएगी। ब्लाक परिसर में भाकियू असली की पंचायत आयोजित की गई। चकबंदी विभाग द्वारा की जा रही चकबंदी प्रक्रिया से आजमपुर, दांडी, आशिकपुरा गांवों के लोगों मेें बेहद रोष है।
मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने कहा कि कई माह बीत जाने के बाद भी चकबंदी विभाग के अधिकारी आजमपुर गांव के लोगों की समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं हैं। उनका आरोप था कि अभिलेखों में झील का रकबा बीघा की जगह गलती से हेक्टेयर दर्ज हो गया है। विभागीय अधिकारियों को लिपिकीय त्रुटि को दूर अभिलेखों में इसे सही करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक क्षेत्रफल कम दर्ज नहीं किया जाएगा। तब तक चकबंदी नहीं होने दी जाएगी। गौरतलब है कि आजमपुर गांव में 93 हेक्टेयर भूमि झील के रूप में दर्ज की गई है। किसान नेताओं का आरोप है कि इस त्रुटि की वजह से 250 परिवारों के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। पंचायत में बिजली विभाग को भी चेतावनी दी गई कि यदि ट्रांसफार्मर बदलते समय मीटर लगाने की अनिवार्यता की गई तो आंदोलन किया जाएगा। पंचायत में छुट्टा पशुओं का मुददा भी जोरशोर से उठाया गया। इस मौके पर कावेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, खचेड़ू सिंह, पहलवान सिंह, मेजर सिंह, कलुवा सिंह आदि मौजूद थे।