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Amroha News: विलय के बाद रिक्त हुए स्कूलों में खुलेंगी बाल वाटिका, सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी
Tue, 22 Jul 2025 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 22 Jul 2025 02:06 AM IST
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अमरोहा। अपर्याप्त छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय की प्रक्रिया के बाद रिक्त हुए स्कूलों में बाल विकास व पुष्टाहार विभाग की ओर से बाल वाटिका का संचालन किया जाएगा। इसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है जो खाली स्कूलों का सर्वेक्षण कर सुविधाओं को देखते हुए बाल वाटिका के संचालन का निर्णय करेगी। फिलहाल 200 स्कूलों के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इनमें 85 स्कूल के भवन बाल वाटिका के संचालन के लिए उपयुक्त पाए गए हैं।
निजी भवनों में आयोजित हो रही आंगनबाड़ी केंद्रों की बाल वाटिकाओं को जल्द ही सरकारी भवनों में स्थानांतरित की जाएंगी। परिषदीय स्कूलाें के विलय की प्रक्रिया के चलते खाली हुए 228 स्कूलों में बाल वाटिकाओं के संचालन की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी इन विद्यालयों की जांच कर रही है। कमेटी में सीडीओ के अलावा बीएसए, डीपीओ, संबंधित बीईओ व सीडीपीओ शामिल किया है।
सर्वेक्षण का कार्य पूरा होने के बाद डीएम के अनुमोदन के पश्चात इन विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन शुरू किया जा सकेगा। सीडीओ अश्वनी कुमार ने इस संबंध में सोमवार को विकास भवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के डीपीओ और सीडीपीओ की बैठक लेते हुए जरूरी निर्देश दिए। डीपीओ ज्ञान प्रकाश तिवारी के अनुसार फिलहाल 200 विद्यालयों का सर्वे पूरा किया जा चुका है जिसमें 85 भवन बाल वाटिकाओं के संचालन के लिए उपयुक्त पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 10 विद्यालय जर्जर अवस्था में पाए गए हैं जबकि इनमें 25 विद्यालय ऐसे मिले हैं, जहां आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ही नहीं होता है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद इन खाली विद्यालयों में बाल वाटिकाओं के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
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जहां आंगनबाड़ी नहीं, वहां खुलेंगी लाइब्रेरी
सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बताया कि ऐसे गांव के स्कूल जहां आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नहीं होता है। वहां खाली हुए स्कूलों में युवाओं के लिए लाइब्रेरी का निर्माण की सुविधाओं को बढ़ाते हुए कंप्यूटर व किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसका लाभ प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे युवाओं को मिल सकेगा।
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बाल वाटिका
प्री-प्राइमरी शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कक्षा तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों बच्चों को अक्षर व संख्या ज्ञान कराया जाता है। इस तरह कॉन्वेंट विद्यालयों में प्री-प्राइमरी के अंतर्गत प्ले ग्रुप (पीजी) व किंडर गार्डन (केजी) की कक्षाएं संचालित होती हैं। उसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों पर नन्हे-मुन्ने बच्चों को प्री-प्राइमरी के अंतर्गत खेल-खेल में गतिविधियों पर आधारित की जाती हैं। फिलहाल जनपद में 1430 बाल वाटिका/ आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
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विलय की प्रक्रिया के बाद खाली हुए परिषदीय स्कूलों में शासन की और से बाल वाटिकाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल स्कूलों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद जल्द ही उपयुक्त पाए गए स्कूलों में बाल वाटिकाओं का संचालन किया जाएगा। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
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निजी भवनों में आयोजित हो रही आंगनबाड़ी केंद्रों की बाल वाटिकाओं को जल्द ही सरकारी भवनों में स्थानांतरित की जाएंगी। परिषदीय स्कूलाें के विलय की प्रक्रिया के चलते खाली हुए 228 स्कूलों में बाल वाटिकाओं के संचालन की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में बनी कमेटी इन विद्यालयों की जांच कर रही है। कमेटी में सीडीओ के अलावा बीएसए, डीपीओ, संबंधित बीईओ व सीडीपीओ शामिल किया है।
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सर्वेक्षण का कार्य पूरा होने के बाद डीएम के अनुमोदन के पश्चात इन विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन शुरू किया जा सकेगा। सीडीओ अश्वनी कुमार ने इस संबंध में सोमवार को विकास भवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के डीपीओ और सीडीपीओ की बैठक लेते हुए जरूरी निर्देश दिए। डीपीओ ज्ञान प्रकाश तिवारी के अनुसार फिलहाल 200 विद्यालयों का सर्वे पूरा किया जा चुका है जिसमें 85 भवन बाल वाटिकाओं के संचालन के लिए उपयुक्त पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 10 विद्यालय जर्जर अवस्था में पाए गए हैं जबकि इनमें 25 विद्यालय ऐसे मिले हैं, जहां आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ही नहीं होता है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद इन खाली विद्यालयों में बाल वाटिकाओं के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
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जहां आंगनबाड़ी नहीं, वहां खुलेंगी लाइब्रेरी
सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बताया कि ऐसे गांव के स्कूल जहां आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नहीं होता है। वहां खाली हुए स्कूलों में युवाओं के लिए लाइब्रेरी का निर्माण की सुविधाओं को बढ़ाते हुए कंप्यूटर व किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसका लाभ प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे युवाओं को मिल सकेगा।
बाल वाटिका
प्री-प्राइमरी शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कक्षा तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों बच्चों को अक्षर व संख्या ज्ञान कराया जाता है। इस तरह कॉन्वेंट विद्यालयों में प्री-प्राइमरी के अंतर्गत प्ले ग्रुप (पीजी) व किंडर गार्डन (केजी) की कक्षाएं संचालित होती हैं। उसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों पर नन्हे-मुन्ने बच्चों को प्री-प्राइमरी के अंतर्गत खेल-खेल में गतिविधियों पर आधारित की जाती हैं। फिलहाल जनपद में 1430 बाल वाटिका/ आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।
विलय की प्रक्रिया के बाद खाली हुए परिषदीय स्कूलों में शासन की और से बाल वाटिकाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल स्कूलों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद जल्द ही उपयुक्त पाए गए स्कूलों में बाल वाटिकाओं का संचालन किया जाएगा। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ