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मोबाइल डिस्पले लूटने के लिए की थी बदायूं के चालक की हत्या
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अमरोहा पुलिस ऑफिस में नेमपाल हत्याकांड का खुलासा करते एसपी विनीत जायसवाल।
- फोटो : JPNAGAR
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आदमपुर पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर नेमपाल हत्याकांड का खुलासा किया है। आरोपियों ने कैंटर से 35 लाख रुपये कीमत के मोबाइल डिस्प्ले लूटने के लिए नेमपाल की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपियों से लूटे गए मोबाइल डिस्प्ले, एक कार और हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया है।
एसपी विनीत जायसवाल ने मंगलवार को पुलिस ऑफिस सभागार में बताया कि 17 अप्रैल को आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव दढ़ियाल में अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था जिसकी पहचान बदायूं निवासी नेमपाल पुत्र शैतान सिंह के रूप में हुई थी। आरोपियों ने फावड़े से गर्दन काटकर उसकी हत्या की थी। मामले में मृतक नेमपाल के भाई कर्रु की तहरीर पर दो आरोपियों के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हत्याकांड के खुलासे के लिए आदमपुर थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। टीम का नेतृत्व एएसपी चंद्र प्रकाश शुक्ला कर रहे थे। गहन छानबीन के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने कैंटर में भरेे एक कंपनी के मोबाइल डिस्प्ले लूटने के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। लूटे गए मोबाइल डिस्प्ले की कीमत करीब 35 लाख रुपये थी। पुलिस ने मंगलवार तड़के करीब चार बजे दो आरोपियों को इस्लामनगर और तीन को अमरोहा-गवां रोड से गिरफ्तार कर लिया। इनमें बदायूं जनपद के बिनावर थानाक्षेत्र के गांव पुट्ठी सराय निवासी विनोद उर्फ चीकू, प्रमोद उर्फ टीटू, धीरेंद्र, उसहैत थानाक्षेत्र के मोहम्मतपुर गांव निवासी विपिन, इस्लामनगर थानाक्षेत्र के मोहल्ला मोहाली निवासी अजेंद्र शामिल हैं। उनके कब्जे से लूटे गए मोबाइल डिस्प्ले, एक कार और हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद हुआ। एसपी के मुताबिक आरोपी विनोद उर्फ चीकू और प्रमोद उर्फ टीटू सगे भाई हैं जबकि अन्य आरोपी भी आपस में एक दूसरे के रिश्तेदार हैं।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि नेमपाल और आरोपी नोएडा की एक ही ट्रांसपोर्ट कंपनी पर काम करते थे। वे एक कंपनी का माल लाने और ले जाने का काम करते थे। 16 अप्रैल को नेमपाल अपने कैंटर से कंपनी से माल लेकर दूसरी कंपनी में जा रहा था। कंपनी से 200 मीटर दूर फेस टू थाना क्षेत्र में आरोपी विनोद उर्फ चीकू, विपिन और धीरेंद्र ने इशारा कर कैंटर को रुकवा लिया और उसमें बैठकर शराब पीने लगे। बहाना बनाकर नेमपाल के शराब के गिलास में नींद की गोलियां मिला दीं, जिसे पीकर नेमपाल बेहोश हो गया था। इसके बाद आरोपी कैंटर को एकांत जगह ले गए। जहां उन्होंने आरोपी प्रमोद को फोन करके कार लेकर मौके पर बुला लिया लेकिन कार में सारा माल नहीं आने के कारण उन्होंने अधिक रुपये का लालच देकर राजेंद्र को दूसरी कार लेकर बुला लिया। इसके बाद चोरी किया हुआ माल दूसरी कार में लदवाकर राजेंद्र को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए भेज दिया। इस बीच लूट की घटना खुलने के डर से आरोपियों ने नेमपाल को कैंटर से उतारकर बेहोशी हालत में कार में लिटा लिया और ठिकाने लगाने के उद्देश्य से अनूपशहर गंगा पुल होते हुए अमरोहा में दाखिल हो गए। यहां आदमपुर थानाक्षेत्र के दढ़ियाल गांव के पास सुनसान जगह पर ले गए और एक ट्यूबवेल के बाहर रखे फावड़े से गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी और फावड़े को झाड़ी में फेंक दिया था।
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खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
एसपी विनीत जायसवाल ने नेमपाल हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया है। एसपी के मुताबिक वारदात में शत प्रतिशत माल की बरामदगी पुलिस की बड़ी उपलब्धि है।
गौतमबुद्धनगर है चार आरोपियों का हाल पता
नेमपाल हत्याकांड के पांचों आरोपी मूलरूप से बदायूं जनपद के रहने वाले हैं जिसमें विनोद उर्फ चीकू और उसका भाई प्रमोद उर्फ टीटू गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर थानाक्षेत्र के महामेघावाली गली मोहल्ला रेवतीपुरम में रहते हैं। जबकि धीरेंद्र गौतमबुद्ध नगर के ईकोटेक थानाक्षेत्र के मोहल्ला कुलेसरा और विपिन फेस-टू थानाक्षेत्र के मोहल्ला भंगेल गांव स्थित जीतराम कॉलोनी में रहते हैं।
कैंटर में भरे थे 22 कार्टन, एक लूटा
अमरोहा। नेमपाल जिस कैंटर को चला रहा था, उसमें एक कंपनी के मोबाइल डिस्प्ले के 22 कर्टन भरे हुए थे लेकिन आरोपियों ने उनमें से केवल एक ही कार्टन लूटा था। पुलिस के मुताबिक एक कार्टन में 12 पैकेट थे। जबकि एक पैकेट में मोबाइल की 96 डिस्प्ले थीं। एक डिस्प्ले की कीमत 4500 रुपये से 6500 तक है। इस मामले में नोएडा पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। आरोपियों ने लूट की घटना को कंपनी से करीब 200 मीटर दूर सुनसान इलाके में अंजाम दिया था जबकि नेमपाल को बुलंदशहर होते हुए गंगा पुल के रास्ते आदमपुर थानाक्षेत्र में लाकर मार डाला था।
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एसपी विनीत जायसवाल ने मंगलवार को पुलिस ऑफिस सभागार में बताया कि 17 अप्रैल को आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव दढ़ियाल में अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था जिसकी पहचान बदायूं निवासी नेमपाल पुत्र शैतान सिंह के रूप में हुई थी। आरोपियों ने फावड़े से गर्दन काटकर उसकी हत्या की थी। मामले में मृतक नेमपाल के भाई कर्रु की तहरीर पर दो आरोपियों के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हत्याकांड के खुलासे के लिए आदमपुर थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। टीम का नेतृत्व एएसपी चंद्र प्रकाश शुक्ला कर रहे थे। गहन छानबीन के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने कैंटर में भरेे एक कंपनी के मोबाइल डिस्प्ले लूटने के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। लूटे गए मोबाइल डिस्प्ले की कीमत करीब 35 लाख रुपये थी। पुलिस ने मंगलवार तड़के करीब चार बजे दो आरोपियों को इस्लामनगर और तीन को अमरोहा-गवां रोड से गिरफ्तार कर लिया। इनमें बदायूं जनपद के बिनावर थानाक्षेत्र के गांव पुट्ठी सराय निवासी विनोद उर्फ चीकू, प्रमोद उर्फ टीटू, धीरेंद्र, उसहैत थानाक्षेत्र के मोहम्मतपुर गांव निवासी विपिन, इस्लामनगर थानाक्षेत्र के मोहल्ला मोहाली निवासी अजेंद्र शामिल हैं। उनके कब्जे से लूटे गए मोबाइल डिस्प्ले, एक कार और हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद हुआ। एसपी के मुताबिक आरोपी विनोद उर्फ चीकू और प्रमोद उर्फ टीटू सगे भाई हैं जबकि अन्य आरोपी भी आपस में एक दूसरे के रिश्तेदार हैं।
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ऐसे दिया वारदात को अंजाम
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि नेमपाल और आरोपी नोएडा की एक ही ट्रांसपोर्ट कंपनी पर काम करते थे। वे एक कंपनी का माल लाने और ले जाने का काम करते थे। 16 अप्रैल को नेमपाल अपने कैंटर से कंपनी से माल लेकर दूसरी कंपनी में जा रहा था। कंपनी से 200 मीटर दूर फेस टू थाना क्षेत्र में आरोपी विनोद उर्फ चीकू, विपिन और धीरेंद्र ने इशारा कर कैंटर को रुकवा लिया और उसमें बैठकर शराब पीने लगे। बहाना बनाकर नेमपाल के शराब के गिलास में नींद की गोलियां मिला दीं, जिसे पीकर नेमपाल बेहोश हो गया था। इसके बाद आरोपी कैंटर को एकांत जगह ले गए। जहां उन्होंने आरोपी प्रमोद को फोन करके कार लेकर मौके पर बुला लिया लेकिन कार में सारा माल नहीं आने के कारण उन्होंने अधिक रुपये का लालच देकर राजेंद्र को दूसरी कार लेकर बुला लिया। इसके बाद चोरी किया हुआ माल दूसरी कार में लदवाकर राजेंद्र को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए भेज दिया। इस बीच लूट की घटना खुलने के डर से आरोपियों ने नेमपाल को कैंटर से उतारकर बेहोशी हालत में कार में लिटा लिया और ठिकाने लगाने के उद्देश्य से अनूपशहर गंगा पुल होते हुए अमरोहा में दाखिल हो गए। यहां आदमपुर थानाक्षेत्र के दढ़ियाल गांव के पास सुनसान जगह पर ले गए और एक ट्यूबवेल के बाहर रखे फावड़े से गर्दन पर वार कर उसकी हत्या कर दी और फावड़े को झाड़ी में फेंक दिया था।
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खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
एसपी विनीत जायसवाल ने नेमपाल हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया है। एसपी के मुताबिक वारदात में शत प्रतिशत माल की बरामदगी पुलिस की बड़ी उपलब्धि है।
गौतमबुद्धनगर है चार आरोपियों का हाल पता
नेमपाल हत्याकांड के पांचों आरोपी मूलरूप से बदायूं जनपद के रहने वाले हैं जिसमें विनोद उर्फ चीकू और उसका भाई प्रमोद उर्फ टीटू गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर थानाक्षेत्र के महामेघावाली गली मोहल्ला रेवतीपुरम में रहते हैं। जबकि धीरेंद्र गौतमबुद्ध नगर के ईकोटेक थानाक्षेत्र के मोहल्ला कुलेसरा और विपिन फेस-टू थानाक्षेत्र के मोहल्ला भंगेल गांव स्थित जीतराम कॉलोनी में रहते हैं।
कैंटर में भरे थे 22 कार्टन, एक लूटा
अमरोहा। नेमपाल जिस कैंटर को चला रहा था, उसमें एक कंपनी के मोबाइल डिस्प्ले के 22 कर्टन भरे हुए थे लेकिन आरोपियों ने उनमें से केवल एक ही कार्टन लूटा था। पुलिस के मुताबिक एक कार्टन में 12 पैकेट थे। जबकि एक पैकेट में मोबाइल की 96 डिस्प्ले थीं। एक डिस्प्ले की कीमत 4500 रुपये से 6500 तक है। इस मामले में नोएडा पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। आरोपियों ने लूट की घटना को कंपनी से करीब 200 मीटर दूर सुनसान इलाके में अंजाम दिया था जबकि नेमपाल को बुलंदशहर होते हुए गंगा पुल के रास्ते आदमपुर थानाक्षेत्र में लाकर मार डाला था।