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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Attention The noise of firecrackers can make you deaf

सावधान! आपको बहरा कर सकता है पटाखों का शोर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 04 Nov 2021 01:21 AM IST
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Attention The noise of firecrackers can make you deaf
अमरोहा। गुरुवार को दीपोत्सव का त्योहार है। इस दिन सबसे अधिक पटाखों का शोर होता है। अनार, रॉकेट, सुतली बम, फुलझड़ियां आदि जब जलाए जाते हैं तो एक मासूम सी मुस्कान चेहरे पर स्वत: ही आ जाती हैै। लेकिन पटाखों के दुष्प्रभावों को भी ध्यान में रखना होगा।
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सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि पटाखों की आवाज 125 डेसीबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के कान में अचानक 120 डेसीबल से ज्यादा की आवाज कई बार उनमें बहरेपन का कारण बन सकती है। इसका खतरा उन लोगों को भी ज्यादा होता है, जिनको कान संबंधी बीमारियां होती हैं। सामान्य बातचीत में आदमी की आवाज औसतन 60 डेसीबल होती है और हेडफोन पर गाने सुनने पर आवाज 100-110 डेसीबल होती है, जबकि, सामान्य पटाखों से कम से कम 140-200 डेसीबल आवाज निकलती है, जो कान के लिए नुकसानदायक हो सकती है। पटाखों के तेज धमाकों से टिनिटस की बीमारी भी हो सकती है। इसमें व्यक्ति को बिना कुछ बोले ही आवाज सुनाई देती है।
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गर्भवती महिलाएं खुद को रखें दूर
महिला आयुष चिकित्सक डॉ. बी मुजक्करा के अनुसार गर्भावस्था की शुरुआत में ज्यादा तेज शोर और जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड के कारण महिला को गर्भपात हो सकता है। इसके अलावा गर्भावस्था के अंतिम दिनों में पटाखों का तेज शोर गर्भ में ही शिशु को बहरा बना सकता है या पटाखों से उठने वाले धुएं के कारण शिशु को जन्मजात अस्थमा और फेफड़ों के दूसरे रोग हो सकते हैं।
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दिल और दिमाग पर भी पड़ता है असर
फिजीशियन डॉ. फाइक अली बताते हैं कि पटाखे से निकलने वाली तेज आवाज का असर दिल और दिमाग पर भी बुरा पड़ता है। बड़े पटाखों से निकलने वाली धमाकेदार आवाज से दिल के मरीजों को हार्ट अटैक भी आ सकता है। हानिकारक जहरीली गैसें दिमाग के रोगों जैसे- अल्जाइमर, डिमेंशिया आदि का खतरा बढ़ा देती हैं। कई बार जब पटाखे कान के पास बज जाते हैं, तो थोड़ी देर के लिए आपकी चेतना भी खो सकती है।
यह बरतें सावधानी
- पटाखे जलाते समय पैरों में चप्पल या जूते जरूर पहनें
- पटाखे हमेशा खुले स्थान पर जलाएं
- आसपास देख लें कि आग पकड़ने वाली चीज तो नहीं है
- पटाखे जलाते समय आसपास में पानी रखें
- अपने चेहरे को पटाखे जलाते समय दूर रखें
- जल जाने पर पानी के छीटें मारें
- हमेशा लाइसेंसधारी और विश्वसनीय दुकानों से ही पटाखे खरीदें
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ऐसा करने से बचें
- जल जाने पर बर्फ के प्रयोग से बचें। इससे रक्त का थक्का बन सकता है
- जलने के तुरंत बाद मलहम लगाने से बचना चाहिए
- यदि त्वचा पर फफोले पड़ गए हैं तो उसे फोड़े नहीं
- जले हुए पर रूई या कॉटन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए
- जले हुए व्यक्ति को एक साथ पानी पिलाने की गलती कभी न करें
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जलने पर करें ये उपचार
- पटाखों या किसी ज्वलनशील पदार्थ से जलने पर सबसे पहले उस पर ठंडा पानी डालें
- जले हुए हिस्से पर नारियल का तेल लगाना फायदेमंद रहेगा।
- जली हुई स्किन पर हल्दी का पानी भी लगा सकते है। इससे जलन काफी कम हो जाती है।
- गाजर या कच्चे आलू को बारीक पीसकर जले हुए स्थान पर लगा दें।
- जलने पर तुलसी के पत्तों का रस बहुत फायदेमंद होता है।
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