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Amroha News: आर्म्स एक्ट के दोषी को 18 महीने की सजा, दो हजार जुर्माना
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अमरोहा। गोली मारकर हत्या करने की कोशिश के आरोपी को न्यायालय ने आर्म्स ऐक्ट में दोषी पाते हुए 18 महीने की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी जमानत पर जेल से बाहर था।
ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के बाटूपुर गांव में हुई थी। कोतवाली क्षेत्र के गांव रखेड़ा खूबचंद का परिवार रहता है। उनका बेटा हरि सिंह 22 सितंबर 2016 को गांव के ही रहने वाले भोजपाल और ललित के साथ रामलीला देखने बाटूपुर गांव गया था। तीनों लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर गए थे। रामलीला में ही कुदैना गांव रहने वाला राजेंद्र मौजूद था। इस दौरान गजेंद्र और हरि सिंह के बीच कहासुनी हो गई थी। तभी गजेंद्र ने अपनी अंटी से तमंचा निकालकर हरि सिंह को गोली मार दी। घटना के बाद परिजनों ने हरी सिंह को इलाज के लिए मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में हरि सिंह के भाई उमेश की तहरीर पर गजेंद्र के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया था।
बाद में पुलिस ने गजेंद्र को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल पर भी कर रहे थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाह मुकर गए। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के अभाव में आरोपी गजेंद्र सिंह को हत्या की कोशिश के आरोप में दोष मुक्त कर दिया। जबकि आर्म्स ऐक्ट में न्यायालय ने गजेंद्र को दोषी करार दिया और 18 महीने की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के बाटूपुर गांव में हुई थी। कोतवाली क्षेत्र के गांव रखेड़ा खूबचंद का परिवार रहता है। उनका बेटा हरि सिंह 22 सितंबर 2016 को गांव के ही रहने वाले भोजपाल और ललित के साथ रामलीला देखने बाटूपुर गांव गया था। तीनों लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर गए थे। रामलीला में ही कुदैना गांव रहने वाला राजेंद्र मौजूद था। इस दौरान गजेंद्र और हरि सिंह के बीच कहासुनी हो गई थी। तभी गजेंद्र ने अपनी अंटी से तमंचा निकालकर हरि सिंह को गोली मार दी। घटना के बाद परिजनों ने हरी सिंह को इलाज के लिए मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में हरि सिंह के भाई उमेश की तहरीर पर गजेंद्र के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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बाद में पुलिस ने गजेंद्र को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। ये मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल पर भी कर रहे थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाह मुकर गए। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। साक्ष्य और सबूतों के अभाव में आरोपी गजेंद्र सिंह को हत्या की कोशिश के आरोप में दोष मुक्त कर दिया। जबकि आर्म्स ऐक्ट में न्यायालय ने गजेंद्र को दोषी करार दिया और 18 महीने की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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