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Amroha News: एंटीबायाेटिक इंजेक्शन का नमूना जांच में फेल
Thu, 28 Nov 2024 02:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 28 Nov 2024 02:09 AM IST
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अमरोहा।
सरकारी अस्पतालों के इस्तेमाल के लिए आया एंटीबायोटिक इंजेक्शन ‘एमिकासिन सल्फेट’ का नमूना जांच में फेल हो गया। औषधि निरीक्षक ने सितंबर माह में यह नमूना नौगावां सादात रोड स्थित ड्रग्स वेयर हाउस से लिया था। इसी के साथ तीन अन्य नमूने भी भरे गए थे, जो जांच में पास हो गए हैं। नमूना फेल होने के बाद इसके वितरण और इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। निर्माता कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है।
रूटीन कार्रवाई के तहत औषधि निरीक्षक द्वारा 18 सितंबर को यूपीएमएमसीएल के नौगावां सादात रोड स्थित वेयर हाउस से पीसीएम, प्री एंड प्रोबायोटिक, प्रोमेथाजिन और एंटीबायोटिक इंजेक्शन एमिकासिन सल्फेट का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट आने पर एंटीबायोटिक इंजेक्शन का नमूना जांच में फेल पाया गया है। जांच रिपोर्ट में इंजेक्शन में कुछ कण पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद उक्त इंजेक्शन के वितरण और इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी गई है। सरकारी आपूर्ति के लिए यह इंजेक्शन देहरादून की दवा कंपनी एसवीपी लाइफ साइंसेज द्वारा बनाया गया था। वेयर हाउस में इंजेक्शन की 7780 वायल मंगवाई गई थी। जिनके वितरण पर रोक लगा दी गई है। औषधि निरीक्षक के अनुसार दवा निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है।
- रूटीन प्रक्रिया के तहत वेयर हाउस से जांच के लिए चार दवा के नमूने लिए गए थे। इनमें से एक एंटीबायोटिक इंजेक्शन का नमूना जांच में फेल पाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रुचि बंसल, औषधि निरीक्षक
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- रूटीन प्रक्रिया के तहत ही दवाओं के नमूने भरे गए थे। नमूने लिए जाने से लेकर रिपोर्ट आने तक दवा का वितरण नहीं किया गया था। रिपोर्ट में नमूना फेल होने के बाद इंजेक्शन दवा कंपनी को वापस भेज दिए जाएंगे। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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सरकारी अस्पतालों के इस्तेमाल के लिए आया एंटीबायोटिक इंजेक्शन ‘एमिकासिन सल्फेट’ का नमूना जांच में फेल हो गया। औषधि निरीक्षक ने सितंबर माह में यह नमूना नौगावां सादात रोड स्थित ड्रग्स वेयर हाउस से लिया था। इसी के साथ तीन अन्य नमूने भी भरे गए थे, जो जांच में पास हो गए हैं। नमूना फेल होने के बाद इसके वितरण और इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। निर्माता कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है।
रूटीन कार्रवाई के तहत औषधि निरीक्षक द्वारा 18 सितंबर को यूपीएमएमसीएल के नौगावां सादात रोड स्थित वेयर हाउस से पीसीएम, प्री एंड प्रोबायोटिक, प्रोमेथाजिन और एंटीबायोटिक इंजेक्शन एमिकासिन सल्फेट का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट आने पर एंटीबायोटिक इंजेक्शन का नमूना जांच में फेल पाया गया है। जांच रिपोर्ट में इंजेक्शन में कुछ कण पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद उक्त इंजेक्शन के वितरण और इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी गई है। सरकारी आपूर्ति के लिए यह इंजेक्शन देहरादून की दवा कंपनी एसवीपी लाइफ साइंसेज द्वारा बनाया गया था। वेयर हाउस में इंजेक्शन की 7780 वायल मंगवाई गई थी। जिनके वितरण पर रोक लगा दी गई है। औषधि निरीक्षक के अनुसार दवा निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है।
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- रूटीन प्रक्रिया के तहत वेयर हाउस से जांच के लिए चार दवा के नमूने लिए गए थे। इनमें से एक एंटीबायोटिक इंजेक्शन का नमूना जांच में फेल पाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रुचि बंसल, औषधि निरीक्षक
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- रूटीन प्रक्रिया के तहत ही दवाओं के नमूने भरे गए थे। नमूने लिए जाने से लेकर रिपोर्ट आने तक दवा का वितरण नहीं किया गया था। रिपोर्ट में नमूना फेल होने के बाद इंजेक्शन दवा कंपनी को वापस भेज दिए जाएंगे। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ