फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Amroha: WhatsApp cloned truck driver mobile number, grabbed thirty thousand rupees

Amroha: ट्रक चालक के मोबाइल नंबर का बनाया क्लोन व्हाट्सएप, तीस हजार हड़पे... पीड़ित को पता चला तो उड़े होश

Thu, 11 Jan 2024 03:12 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 11 Jan 2024 03:12 PM IST
सार

अमरोहा निवासी चंचल का मुरादाबाद के ट्रक चालक अनस से जान पहचान थी। साइबर ठग ने असन के व्हाट्सएप नंबर का क्लोन बनाकर चंचल को मैसेज भेज तीस हजार रुपये मांगे। चंचल ने बताए नंबर पर पैसे भेज दिए। जब फोन पर बात की तो ठगी का पता चला।

विज्ञापन
Amroha: WhatsApp cloned truck driver mobile number, grabbed thirty thousand rupees
- फोटो : istock

विस्तार

अमरोहा में साइबर ठग अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अब मुरादाबाद के ट्रक चालक के मोबाइल नंबर से क्लोन व्हाट्सएप बनाकर उसके अमरोहा निवासी परिचित से 30 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। हकीकत का पता चला तो पीड़ित के होश उड़ गए। कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन


अमरोहा नगर के मोहल्ला चौक में चंचल सक्सेना का परिवार रहता है। मुरादाबाद जनपद के मैनाठेर थानाक्षेत्र के गांव ताहरपुर निवासी अनस से उनकी जान पहचान थी। मंगलवार को चंचल सक्सेना के व्हाट्सएप पर ट्रक चालक अनस के व्हाट्सएप नंबर से संदेश आया। भेजने वाले ने खुद को अनस बताया और कहा कि वह परेशानी में फंसा हुआ है।
विज्ञापन


इसलिए 30 हजार रुपये की सख्त जरूरत है। जल्दी ही लौटा देगा। चंचल सक्सेना और अनस के बीच अच्छी जान पहचान थी। इसलिए व्हाट्सएप के माध्यम से रुपये मांगने पर उन्होंने विश्वास कर लिया। लिहाजा चंचल सिंह ने तीन बार में दस-दस हजार रुपये करके साइबर ठग के बताए नंबर पर ट्रांसफर कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


करीब एक घंटे बाद उन्होंने अपने परिचित अनस को कॉल करके रुपये मिलने के बारे में पूछा तो ठगी से पर्दा उठ गया। अनस ने बताया कि किसी ने उसके व्हाट्सएप का क्लोन बना लिया है। उसने कोई पैसा नहीं लिया। अगर जरूरत होती तो वह फोन करके बता देता। यह सुनकर चंचल सिंह के होश उड़ गए। उन्होंने नगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

साइबर ठग ने रिटायर्ड शिक्षक को बनाया शिकार

जलाल नगर मोहल्ला निवासी कमरुद्दीन सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। बीते साल नवंबर में उन्होंने कृषि विभाग से अनुदान पर मिल रहे रूटावेटर व गेहूं बोने की मशीन के लिए आवेदन किया। उनको बताया गया कि कृषि यंत्र पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सात जनवरी को उनके फोन पर कॉल आई।

फोन करने वाले ने खुद को कृषि विभाग लखनऊ कार्यालय का बाबू बताया। कहा कि वह तीन बाबू हैं। तीनों की वजह से ही सेवानिवृत्त शिक्षक कमरुद्दीन व उनकी पत्नी हसमु बेगम का आवेदन स्वीकार किया गया है। जल्द ही उनको रूटावेटर व गेहूं बोने की मशीन मिलेगी, लेकिन इसके लिए तीनों बाबुओं को दावत चाहिए।



दावत में क्या चाहिए पूछने पर चार हजार रुपये की मांग रखी। बाद में शिक्षक तीन हजार रुपये देने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने साइबर कैफे पर जाकर तीन हजार रुपये उनके बताए मोबाइल पर भेज दिए। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ। वह बुधवार की सुबह थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की तहरीर दी। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed