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अमरोहा : दिल्ली धमाके में हसनपुर के दो की मौत, मची चीत्कार
Wed, 12 Nov 2025 02:42 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 12 Nov 2025 02:42 AM IST
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अमरोहा : हसनपुर के गांव मंगरौला में अशोक का शव घर पहुंचने पर बिलखती पत्नी सोनम। संवाद
हसनपुर (अमरोहा)। दिल्ली धमाके में मंगरौला निवासी डीटीसी कंडक्टर अशोक कुमार (34) ही नहीं हसनपुर निवासी खाद कारोबारी उनके दोस्त लोकेश अग्रवाल (52) की भी मौत हुई है। लोकेश दिल्ली के अस्पताल में भर्ती समधन (बेटे की सास) को देखने पहुंचे थे। लौटते समय उन्होंने दिल्ली में रहने वाले अशोक को मिलने के लिए लाल किला मेट्रो स्टेशन पर बुलाया था। इसके बाद दोनों बाइक से आनंद विहार मेट्रो स्टेशन जा रहे थे जहां से लोकेश को हसनपुर के लिए बस पकड़नी थी।
मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचे तो मातम पसर गया। शव देखकर परिजनों में चीतकार मच गई। दोपहर में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, दोनों दोस्तों की मौत से लोगों में गम और गुस्सा है। सुबह 10:20 बजे अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय कुछ ग्रामीणों ने अशोक के शव को सड़क किनारे रख दिया और हंगामा करने लगे। उन्होंने अशोक को शहीद का दर्जा व आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। एसडीएम पुष्करनाथ चौधरी व सीओ दीप कुमार पंत के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद लोग शांत हुए।
परिजनों के मुताबिक खाद विक्रेता लोकेश अग्रवाल सोमवार सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती समधन को देखने गए थे। लौटते समय लोकेश ने अशोक को फोन कर लाल किला मेट्रो स्टेशन पर मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद अशोक दोस्त लोकेश के साथ बाइक से आनंद बिहार बस अड्डे जा रहे थे यहां से लोकेश को हसनपुर के लिए बस पकड़नी थी।
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दोनों दोस्त लालकिला के गेट नंबर एक के सामने पहुंचे तो अचानक एक कार में तेज धमाका हुआ और इसकी चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। पहले अशोक कुमार की मौत की पुष्टि हुई थी लेकिन जांच के दौरान दिल्ली पुलिस को घटनास्थल पर एक मोबाइल मिला जो लोकेश का था। दिल्ली पुलिस ने लोकेश की मौत की जानकारी हसनपुर कोतवाली पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने लोकेश के भाई को घटना की जानकारी दी थी। लोकेश ने अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ी है।
सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि दिल्ली धमाके में हसनपुर के मंगरौला निवासी अशोक के अलावा हसनपुर के लोकेश अग्रवाल की भी मौत हुई है। दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचे तो मातम पसर गया। शव देखकर परिजनों में चीतकार मच गई। दोपहर में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, दोनों दोस्तों की मौत से लोगों में गम और गुस्सा है। सुबह 10:20 बजे अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय कुछ ग्रामीणों ने अशोक के शव को सड़क किनारे रख दिया और हंगामा करने लगे। उन्होंने अशोक को शहीद का दर्जा व आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। एसडीएम पुष्करनाथ चौधरी व सीओ दीप कुमार पंत के आश्वासन के बाद करीब एक घंटे बाद लोग शांत हुए।
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परिजनों के मुताबिक खाद विक्रेता लोकेश अग्रवाल सोमवार सुबह दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती समधन को देखने गए थे। लौटते समय लोकेश ने अशोक को फोन कर लाल किला मेट्रो स्टेशन पर मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद अशोक दोस्त लोकेश के साथ बाइक से आनंद बिहार बस अड्डे जा रहे थे यहां से लोकेश को हसनपुर के लिए बस पकड़नी थी।
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दोनों दोस्त लालकिला के गेट नंबर एक के सामने पहुंचे तो अचानक एक कार में तेज धमाका हुआ और इसकी चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। पहले अशोक कुमार की मौत की पुष्टि हुई थी लेकिन जांच के दौरान दिल्ली पुलिस को घटनास्थल पर एक मोबाइल मिला जो लोकेश का था। दिल्ली पुलिस ने लोकेश की मौत की जानकारी हसनपुर कोतवाली पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने लोकेश के भाई को घटना की जानकारी दी थी। लोकेश ने अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ी है।
सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि दिल्ली धमाके में हसनपुर के मंगरौला निवासी अशोक के अलावा हसनपुर के लोकेश अग्रवाल की भी मौत हुई है। दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।