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Amroha News: नक्शा स्कैनिंग में अटका अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे, 62 गांवों को इंतजार
Fri, 26 Jun 2026 12:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:10 AM IST
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अमरोहा। अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना फिलहाल नक्शा स्कैनिंग की प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिले में करीब 44 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए 62 गांवों की जमीन प्रभावित होगी और लगभग एक हजार किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। संबंधित संस्था को गांवों और भूमि से जुड़े नक्शे उपलब्ध करा दिए गए हैं, लेकिन शासन स्तर से नई गाइडलाइन नहीं मिलने के कारण परियोजना की प्रगति रुकी हुई है।
जिले में एक्सप्रेसवे बनने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। हालांकि शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के जिले से बाहर होने के बाद अब लोगों की नजरें इसी महत्वपूर्ण परियोजना पर टिकी हैं। अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे न केवल आवागमन को नई गति देगा, बल्कि जिले के 62 गांवों के विकास की तस्वीर भी बदल सकता है। करीब 116.85 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित मार्ग के लिए भूमि चिह्नीकरण और सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना के तहत अमरोहा जिले के करीब 1000 से अधिक किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण की संभावनाओं ने क्षेत्र में जमीनों की मांग अचानक बढ़ा दी है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर उद्योग, वेयरहाउस, होटल, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित होंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। फिलहाल अब जमीनों के सर्वेक्षण और एलाइनमेंट निर्धारण की प्रक्रिया चल जा रही है।
मंगरौला एंट्री प्वाइंट से जुड़ेगा हरिद्वार एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित विस्तार अमरोहा जिले के मंगरौला स्थित एंट्री प्वाइंट से शुरू होकर हरिद्वार तक जाएगा। इस परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के बीच सहमति बन चुकी है। बीती 9 अप्रैल को यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरि प्रताप शाही ने डीएम को पत्र भेजकर प्रभावित गांवों के बंदोबस्ती मानचित्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने संबंधित गांवों के नक्शे स्कैन कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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परियोजना के दायरे में अमरोहा जिले के हसनपुर और धनौरा तहसील क्षेत्र के 62 गांव शामिल हैं। हसनपुर क्षेत्र में मंगरौला, पाइंदापुर मुस्तकम, पिपलौती खुर्द एतमाली, पिपलौती खुर्द मुस्तकम, रूखालू, सिकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, करनखाल, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, समला, बसेड़ा खुर्द, अब्दीपुर, कटाई और पूठी समेत कई गांव शामिल हैं। वहीं धनौरा तहसील क्षेत्र में अटारी, मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना, वस्तौरा माफी, जलालपुर, मोहम्मदी, कौराला, रिछोटी, पारा खालसा और वलीपुर सहित अनेक गांव परियोजना की जद में आएंगे। इन गांवों के करीब 1000 से अधिक किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहित किए जाने की संभावना है।
अभी नक्शा स्कैनिंग ही मांगा गया है। जोकि दे दिया गया। अभी जमीन अधिग्रहण को लेकर भी कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। शासन के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुष्करनाथ चौधरी, जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी
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जिले में एक्सप्रेसवे बनने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। हालांकि शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के जिले से बाहर होने के बाद अब लोगों की नजरें इसी महत्वपूर्ण परियोजना पर टिकी हैं। अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे न केवल आवागमन को नई गति देगा, बल्कि जिले के 62 गांवों के विकास की तस्वीर भी बदल सकता है। करीब 116.85 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित मार्ग के लिए भूमि चिह्नीकरण और सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना के तहत अमरोहा जिले के करीब 1000 से अधिक किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण की संभावनाओं ने क्षेत्र में जमीनों की मांग अचानक बढ़ा दी है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर उद्योग, वेयरहाउस, होटल, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित होंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। फिलहाल अब जमीनों के सर्वेक्षण और एलाइनमेंट निर्धारण की प्रक्रिया चल जा रही है।
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मंगरौला एंट्री प्वाइंट से जुड़ेगा हरिद्वार एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित विस्तार अमरोहा जिले के मंगरौला स्थित एंट्री प्वाइंट से शुरू होकर हरिद्वार तक जाएगा। इस परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के बीच सहमति बन चुकी है। बीती 9 अप्रैल को यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी हरि प्रताप शाही ने डीएम को पत्र भेजकर प्रभावित गांवों के बंदोबस्ती मानचित्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने संबंधित गांवों के नक्शे स्कैन कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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परियोजना के दायरे में अमरोहा जिले के हसनपुर और धनौरा तहसील क्षेत्र के 62 गांव शामिल हैं। हसनपुर क्षेत्र में मंगरौला, पाइंदापुर मुस्तकम, पिपलौती खुर्द एतमाली, पिपलौती खुर्द मुस्तकम, रूखालू, सिकरौली, गुलामपुर, भैंसरोली, करनखाल, बाईखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कला, मछरई, याकूबपुर, समला, बसेड़ा खुर्द, अब्दीपुर, कटाई और पूठी समेत कई गांव शामिल हैं। वहीं धनौरा तहसील क्षेत्र में अटारी, मुरीदपुर, मीरपुर, बल्दाना, वस्तौरा माफी, जलालपुर, मोहम्मदी, कौराला, रिछोटी, पारा खालसा और वलीपुर सहित अनेक गांव परियोजना की जद में आएंगे। इन गांवों के करीब 1000 से अधिक किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहित किए जाने की संभावना है।
अभी नक्शा स्कैनिंग ही मांगा गया है। जोकि दे दिया गया। अभी जमीन अधिग्रहण को लेकर भी कोई गाइड लाइन नहीं मिली है। शासन के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुष्करनाथ चौधरी, जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी