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बाप-बेटी का कत्ल: चीख न छटपटाहट...खामोशी से रेत दिए दो गले; डबल मर्डर से दहल गए लोग, कहीं घर में तो न छिपा राज

Sun, 11 Feb 2024 10:20 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 11 Feb 2024 10:20 AM IST
सार

अमरोहा में सराफ और उनकी बेटी की घर में ही गला रेतकर हत्या करनेका मामला सामने आया है। दोनों के शव कमरे में फर्श पर पड़े थे। सीसीटीवी कैमरे बंद मिले हैं। पुलिस जांच में जुटी है।

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Amroha Double Murder Case Inside Story Stabbled to Killed Dead Bodies News in Hindi
Amroha Double Murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमरोहा के मोहल्ला कटरा गुलाम अली में रहने वाले सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल (67) और उनकी बेटी सृष्टि (27) की घर में ही किसी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह पिता-पुत्री के शव कमरे में फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़े मिले। दोनों के चेहरे पर कपड़ा पड़ा हुआ था। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे पुलिस को बंद मिले। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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योगेश चंद्र अग्रवाल की बाजार गुजरी में इशांक ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। उनकी पत्नी छाया की दो साल पहले हार्टअटैक से मौत हो चुकी है। वह बेटी सृष्टि के साथ रहते थे। बेटा इशांक अग्रवाल दिल्ली में गत्ता फैक्टरी चलाता है। इशांक की पत्नी मानसी अग्रवाल अपने 10 साल के बेटे आयुष के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहती हैं। 
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दोनों हिस्सों में आवाजाही के रास्ते अलग-अलग हैं, जबकि घर के भीतरी हिस्से में दोनों को जोड़ने के लिए दरवाजा है। इशांक बृहस्पतिवार को दिल्ली से घर आया था। शुक्रवार रात वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ मकान के अपने हिस्से में था। योगेश चंद्र अग्रवाल और बेटी सृष्टि के साथ अपने हिस्से में थे।
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सराफ और बेटी की हत्या की जानकारी शनिवार सुबह करीब छह बजे उनके दोस्तों से पुलिस को मिली। उनके हमउम्र दोस्त राजनिकेतन, सतीश अरोड़ा, अतुल गुप्ता और विनीत चावला रोज की तरह टेबल टेनिस खेलने उनके घर पहुंचे। खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला तो साथियों ने योगेश चंद्र अग्रवाल का फोन मिलाया। फोन न उठने पर दरवाजे को धक्का दिया तो खुल गया। भीतर दाखिल होते ही कमरे की खिड़की में झांका तो फर्श पर पिता-पुत्री के शव नजर आए। बेेटे की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। 

चीख न छटपटाहट...खामोशी से रेत दिए गए दो गले
चीख न छटपटाहट और शहर की पॉश कॉलोनी की तंग गली में सराफ और उनकी बेटी की गला रेतकर हत्या कर दी गई। मुख्य मार्ग से लगभग 20-20 मीटर की की छोटी गली में एक मकान में सराफ योगेश चंद्र और उनकी बेटी सृष्टि की हत्या हुई और किसी को भनक तक नहीं लगी। उनके मकान की गली के आसपास कई मकान हैं। यही नहीं उनके बेटे और पत्नी भी मकान के दूसरे हिस्से में रहते हैं। मकान की भौगोलिक स्थिति को देखते यह सवाल उठ रहे हैं कि हत्यारे कितनी आसानी से वारदात को अंजाम दे गए।

कटरा गुलाम अली शहर की सबसे पॉश कॉलोनियों में से एक है। शहर के अधिकांश व्यापारी तबके के लोग उसी मोहल्ले में रहते हैं। कटरा गुलाम अली से आंबेडकर पार्क की तरफ जाने वाले रास्ते पर योगेश चंद्र अग्रवाल का घर है। मुख्य मार्ग से करीब बीस-बीस मीटर की दो गली पार करके सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल के घर में दाखिल हुआ जाता है। जबकि उनके बेटे इशांक अग्रवाल के घर का गेट मुख्य मार्ग पर है। 

 

एक मकान में इशांक अग्रवाल अपनी पत्नी और बच्चे के साथ दूसरी मंजिल पर रहते हैं। जबकि दूसरे मकान में योगेश चंद्र अग्रवाल अपनी बेटी सृष्टि के साथ निचले हिस्से में रहते थे। उनके मकान में एक बरामदा, आंगन और दो कमरे और एक बैठक बनी है। आंगन में सोफा सेट और डायनिंग टेबल रहती है। डायनिंग टेबल और सोफा के बीच दोनों के शव लहूलुहान हालत में पड़े थे। सृष्टि उर्फ रितु के पैरों की तरफ सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल का सिर था। जबकि पिता योगेश के पैरों की तरफ सृष्टि का सर था। 

 

दोनों के कपड़े खून में सने हुए थे। लेकिन फर्श पर खून नहीं था। जिस समय पुलिस ने दोनों शवों को उठाया तो फर्श पर मामूली रूप से खून लगा हुआ था। अब सोचने वाली बात यह है कि दोनों की हत्या के दौरान आसपास के लोगों को चीख-पुकार तक नहीं सुनाई दी। जबकि, जिस निर्ममता से उनकी हत्या हुई, उससे साफ है कि उनके द्वारा शोर जरूर मचाया गया होगा।
 

कहीं घर में तो नहीं छिपा दोहरे हत्याकांड का राज
कहीं दोहरे हत्याकांड का राज घर में तो नहीं छिपा है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं, जिससे लग रहा है कि इस दोहरे हत्याकांड में किसी अपने का भी हाथ है। पुलिस का मानना है कि फर्श पर मामूली रूप से खून लगा हुआ था। अगर बाहर का कोई हत्यारोपी होता तो शायद फर्श को साफ नहीं करता। वह वारदात को अंजाम देकर भाग जाता। जानकारी के अनुसार पुलिस को छानबीन के दौरान फर्श को साफ करने वाला पोंछा भी मिल गया है। इतना ही नहीं हत्या के दौरान आरोपियों के द्वारा इस्तेमाल किए गईं दो से तीन चीजें और भी मिली हैं।
 

अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज
अमरोहा। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि सराफ योगेश चंद्र अग्रवाल और उनके बेटी सृष्टि उर्फ रितु की हत्या के मामले में बेटे इशांक अग्रवाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

गायब थी सराफ की चेन व अंगूठी, बिखरा था कमरे का सामान
साथियों ने पुलिस को बताया कि योगेश चंद्र अग्रवाल सोने की अंगूठी के अलावा सोने का कड़ा और चेन भी पहनते थे। पुलिस को शव कब्जे में लेते समय ये चीजें गायब मिलीं। सृष्टि की हाथ की अंगूठी व अन्य गहने मौजूद थे। कमरे की अलमारियों का सामान भी बिखरा हुआ था। हालांकि पुलिस लूट की आशंका से इन्कार कर रही है। माना जा रहा है कि हत्यारे ने हत्या के पीछे लूट दिखाने के लिए ऐसा किया होगा।

 

गोद ली थी साले की बेटी
सृष्टि योगेश चंद्र अग्रवाल के हसनपुर निवासी साले की बेटी थी। साले के पहले से एक बेटा-बेटी होने के कारण योगेश चंद्र अग्रवाल की पत्नी ने अपनी भाई के घर दूसरी बेटी का जन्म होते ही उसे गोद ले लिया था। पहले से बेटा इशांक होने के कारण उनका भी एक बेटा-एक बेटी का सपना पूरा हो गया था।
 
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