Amroha: मजाक बनाने पर मासूम की हत्या के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोषी को दी उम्रकैद की सजा
दोषी दुकानदार विशाल ने बताया कि राहुल दुकान पर आया तो उसका मजाक बनाने लगा। विशाल ने राहुल को डांटा तो उसने गाली गलौज कर दी। वह राहुल को पकड़ कर दुकान के पीछे ले गया और धक्का दे दिया तो राहुल को चोट लग गई। इसके बाद झगड़े से बचने के लिए उसने राहुल की हत्या कर दी।
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सात वर्षीय छात्र की कैंची, चाकु और पेचकस से गोदकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने परचून दुकानदार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में बंद था। लगातार प्रयासों के बाद भी उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।
ये घटना गजरौला थानाक्षेत्र के मोहल्ला अतरपुरा में 5 सितंबर 2019 को हुई थी। यहां रहने वाले कर्मवीर सिंह एक फैक्टरी में मजदूरी करते है। उनका सात वर्षीय बेटा कक्षा दो में पड़ता था। 5 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे राहुल अचानक गायब हो गया था। परिजनों ने उसे काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। लिहाजा उन्होंने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। लेकिन 6 सितंबर की सुबह कर्मवीर सिंह के घर सामने परचून की दुकान चलाने वाले विशाल केसरी ने उसकी कैची, चाकू और पेचकस से गोदकर हत्या कर दी।
अभी आरोपी विशाल अपनी दुकान के पीछे टीनशेड में शव को दबाने के लिए गड्ढा खोद रहा था। तभी परिजन राहुल को तलाश करते हुए वहां पहुंच गए। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मासूम राहुल का शव प्लास्टिक की सफेद बोरी से बरामद हुआ। इस दौरान राहुल का शव खून से लथपथ और क्षत-विक्षत था।
तभी मोहल्ले वालों ने आरोपी दुकानदार विशाल को मौके पर रंगे हाथ पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस मामले में मृतक राहुल के ताऊ धर्मवीर की तहरीर पर विशाल के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने आरोपी विशाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पांच सितंबर को साबित हुआ था आरोप
गिरफ्तारी के बाद से ही विशाल जेल में बंद था। लगातार प्रयास करने के बाद भी उसे जमानत नहीं मिल सकी थी। ये मुकदमा एडीजे तृतीय संजयवीर सिंह की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। 5 सितंबर 2022 को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने पैरवी की। इसी दिन साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी दुकानदार विशाल को दोषी करार दिया। जबकि बुधवार सुनवाई करते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने 35 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
मजाक बनाने पर मार डाला
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने बताया कि दोषी दुकानदार विशाल ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि मोहल्ले के कुछ बच्चे उसका मजाक बनाते थे। पांच सितंबर 2019 को भी कुछ बच्चों ने मजाक बनाया था लेकिन वह कुछ नहीं बोला। दोपहर के समय राहुल दुकान पर आया। इस दौरान भी राहुल मजाक बनाने लगा। विशाल ने राहुल को डांटा तो उसने गाली गलौज कर दी।
विशाल ने बताया कि वह राहुल को पकड़ कर अपनी परचून की दुकान के पीछे ले गया और जोर से धक्का दे दिया। इस दौरान दीवार में सिर लगने के कारण राहुल को चोट लग गई। इस पर विशाल ने सोचा कि राहुल के परिवार वाले उसके साथ झगड़ा करेंगे। इसलिए विशाल ने राहुल को मारने का प्लान बनाया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस कर पहले पेचकस घोंपा और फिर चाकू व कैची से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
सजा पर उदारता न बरती जाए
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने सुनवाई के दौरान अपना तर्क रखा कि आरोपी विशाल ने एक अबोध सात वर्षीय बालक का अपहरण कर उसकी पेचकस, चाकू और कैंची से गोदकर हत्या की है। हत्या के साक्ष्य मिटाने के आशय से उसके शव को अपने गोदाम में छिपाया। इसलिए सजा पर उदारता न बरती जाए और कठोर से कठोर सजा दी जाए।