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मंत्री के भतीजे की पिटाई के आरोपियों को हवालात से खींचकर पीटने से भड़का आक्रोश
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:40 AM IST
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गजरौला थाने की हवालात में सोमवार रात कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीज से मारपीट के आरोपी दिल्ली पुलिस के सिपाही और उसके बहनोई को सपाकार्यकर्ताओं और धनौरा थानाध्यक्ष की ओर से हवालात से खींचकर पीटने के विरोध में मंगलवार को अमरोहा पुलिस आफिस में जाट बिरादरी के धरना प्रदर्शन में बोलते भाकियू के जिला अध्यक्ष।
- फोटो : amar ujala
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कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भतीजे से मारपीट के आरोपियों को सोमवार रात गजरौला थाने की हवालात से खींचकर पीटने का मामला तूल पकड़ने लगा है। सपा कार्यकर्ताओं और धनौरा थानाध्यक्ष की इस करतूत से खफा जाट समुदाय के तमाम लोग एसपी दफ्तर पहुंच गए। इन्होंने यहां एसपी दफ्तर घेर लिया, नारेबाजी भी की।
चार घंटे हंगामे की स्थिति बनी रही। इन्होंने धनौरा-गजरौला थानाध्यक्ष को निलंबित करने और पिटाई करने वाले सपाइयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं, आरोपियों के मामले से लूट की धारा हटाने की भी मांग की। करीब चार घंटे तक ये लोग यहां जमे रहे। मुरादाबाद में बैठक के बाद जब एसपी लौटे और दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर वे लोग वहां से हटे।
बुधवार को सुबह करीब दस बजे से जाट समुदाय के लोग एसपी दफ्तर पर पहुंचने लगे थे। तकरीबन 11 बजे तक सैकड़ों लोग एसपी आफिस पर जुट गए। यहां धनौरा व गजरौला थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। इस दौरान दलों की दीवार तोड़ते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह. पूर्व एमएलसी डा. हरिसिंह ढिल्लो, पूर्व ब्लाक प्रमुख जयदेव सिंह, भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय पाल सिंह, जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह, भाकियू (भानु) के प्रदेश महासचिव चौधरी दिवाकर सिंह, सुरेंद्र सिंह, जयकीरत सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह, मास्टर बुध सिंह, कामेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह(बसपा) आदि ने घटना की निंदा की।
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आरोप लगाया कि, धनौरा थानाध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री को खुश करने के लिए वर्दी का भी लिहाज नहीं रखा। वहीं गजरौला एसओ को भी जिम्मेदार ठहराया। कहा कि, उन्होंने थाने को धनौरा एसओ व सपाइयों के हवाले कर दिया। कहा कि, जाट समाज यह बर्दाश्त नहीं करेगा। चेतावनी दी कि, इस घटना में शामिल लोगों पर कार्रव्राइ नहीं हुई तो जाट समाज जिले भर की सड़कें जाम कर देगा। धरने पर बैठे लोगों ने उनके बीच पहुंचे एएसपी उदय शंकर सिंह व सीओ सिटी को अपना ज्ञापन नहीं दिया। एसपी के मुरादाबाद बैठक से आने के बाद ही ज्ञापन दिया और आश्वासन पर धरना खत्म किया।
क्या था मामला
हुआ यूं कि, रेशम एवं वस्त्र उद्योग विभाग के कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बड़े भाई गनी मोहम्मद निवासी गांव शकरपुर (अमरोहा) के बेटे इफ्तिखार अली सोमवार रात करीब नौ बजे धनौरा के गांव शेरपुर के पास स्थित अपने पेट्रोल पंप से कार से लौट रहे थे। आरोप है कि, इस दौरान उनकी कार का टायर दिल्ली पुलिस फर्स्ट बटालियन में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह पुत्र हरगोविंद सिंह निवासी आरकपुर थाना रजबपुर की कार से टकरा गई। सिपाही के साथ और भी लोग थे। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। सूचना पर पुलिस ने सिपाही और उसके बहनोई को हिरासत में भी ले लिया था। बाद में सपाइयों और धनौरा एसओ ने सिपाही गजेंद्र सिंह और इनके बहनोई हरवीर सिंह निवासी देहरा कादरबख्श थाना धनौरा को हवालात से खींचकर पीटा था।
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चार घंटे हंगामे की स्थिति बनी रही। इन्होंने धनौरा-गजरौला थानाध्यक्ष को निलंबित करने और पिटाई करने वाले सपाइयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं, आरोपियों के मामले से लूट की धारा हटाने की भी मांग की। करीब चार घंटे तक ये लोग यहां जमे रहे। मुरादाबाद में बैठक के बाद जब एसपी लौटे और दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर वे लोग वहां से हटे।
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बुधवार को सुबह करीब दस बजे से जाट समुदाय के लोग एसपी दफ्तर पर पहुंचने लगे थे। तकरीबन 11 बजे तक सैकड़ों लोग एसपी आफिस पर जुट गए। यहां धनौरा व गजरौला थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। इस दौरान दलों की दीवार तोड़ते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह. पूर्व एमएलसी डा. हरिसिंह ढिल्लो, पूर्व ब्लाक प्रमुख जयदेव सिंह, भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय पाल सिंह, जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह, भाकियू (भानु) के प्रदेश महासचिव चौधरी दिवाकर सिंह, सुरेंद्र सिंह, जयकीरत सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह, मास्टर बुध सिंह, कामेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह(बसपा) आदि ने घटना की निंदा की।
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आरोप लगाया कि, धनौरा थानाध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री को खुश करने के लिए वर्दी का भी लिहाज नहीं रखा। वहीं गजरौला एसओ को भी जिम्मेदार ठहराया। कहा कि, उन्होंने थाने को धनौरा एसओ व सपाइयों के हवाले कर दिया। कहा कि, जाट समाज यह बर्दाश्त नहीं करेगा। चेतावनी दी कि, इस घटना में शामिल लोगों पर कार्रव्राइ नहीं हुई तो जाट समाज जिले भर की सड़कें जाम कर देगा। धरने पर बैठे लोगों ने उनके बीच पहुंचे एएसपी उदय शंकर सिंह व सीओ सिटी को अपना ज्ञापन नहीं दिया। एसपी के मुरादाबाद बैठक से आने के बाद ही ज्ञापन दिया और आश्वासन पर धरना खत्म किया।
क्या था मामला
हुआ यूं कि, रेशम एवं वस्त्र उद्योग विभाग के कैबिनेट मंत्री महबूब अली के बड़े भाई गनी मोहम्मद निवासी गांव शकरपुर (अमरोहा) के बेटे इफ्तिखार अली सोमवार रात करीब नौ बजे धनौरा के गांव शेरपुर के पास स्थित अपने पेट्रोल पंप से कार से लौट रहे थे। आरोप है कि, इस दौरान उनकी कार का टायर दिल्ली पुलिस फर्स्ट बटालियन में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह पुत्र हरगोविंद सिंह निवासी आरकपुर थाना रजबपुर की कार से टकरा गई। सिपाही के साथ और भी लोग थे। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। सूचना पर पुलिस ने सिपाही और उसके बहनोई को हिरासत में भी ले लिया था। बाद में सपाइयों और धनौरा एसओ ने सिपाही गजेंद्र सिंह और इनके बहनोई हरवीर सिंह निवासी देहरा कादरबख्श थाना धनौरा को हवालात से खींचकर पीटा था।