अंगीठी बनी 'काल': तीन बच्चों के बाद मां की अस्पताल में मौत, दम घुटने से गई छह की जान, रियासत का चल रहा उपचार
अमरोहा के अल्लीपुर भूड़ में दम घुटने के कारण अब तक छह लोगों की जान चली गई। इसमें एक परिवार के चार लोग शामिल हैं। तीन बच्चों ने मौके पर ही जबकि उनकी मां ने अस्पताल में दम तोड़ा। चार लोगों के जनाजे एक साथ पहुंचने पर गांव में मातम पसर गया।
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सैदगनली में तीन बच्चों के बाद उनकी मां हुस्न जहां (40) ने भी उपचार के दौरान संभल के अस्पताल में दम तोड़ दिया है। अब तक इस घटना में छह लोगों की मौत हो चुकी है। घटना से गांव में शोक बना हुआ है। गांव अल्लीपुर भूड़ शर्की उर्फ ढक्का मोड़ निवासी ट्रक चालक रईसुद्दीन के परिवार के चार लोग और तीन रिश्तेदार सोमवार की रात को कमरे में कोयला जलाकर सर्दी से बचने के लिए सोए थे।
इसमें रईसुद्दीन की बेटी सोनम (20) बेटा जैद (16) और बेटा माहिर (11) सिहाली जागीर निवासी साले की बेटी महक (15) और मंडी धनौरा निवासी साढ़ू की बेटी कशिश (8) की दम घुटने से मौत हो गई थी। जबकि राइसुउद्दीन की 40 वर्ष से पत्नी हुस्न जहां और सिहाली जागीर निवासी साले रियासत की हालत नाजुक होने के चलते उन्हें सैदनगली के निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया था।
दोनों का उपचार संभाल के निजी अस्पताल में चल रहा था। जहां बुधवार सुबह 5 बजे उपचार के दौरान हुस्न जहां की भी मौत हो गई। जहां से हुस्न जहां के शव को पोस्टमार्टम हाउस अमरोहा भेज दिया गया। वहीं पहले से पोस्टमार्टम हो चुके कशिश के शव को उसके घर मंडी धनौरा और महक के शव को उसके गांव से सिहाली जागीर भेज दिया गया। एक साथ छह मौत होने से गांव में मातम पसरा हुआ है।
ऑक्सीजन की कमी से हुई छह की मौत
सैदनगली थानाक्षेत्र के गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ में ट्रक चालक रईसुद्दीन की पत्नी और तीन बच्चों समेत छह की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ने और ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बिसरा भी सुरक्षित किया है। मंगलवार की रात ही पांच बच्चों का पोस्टमार्टम डॉ. अरुण कुमार और डॉ. जितेंद्र सिंह के पैनल ने किया।
रईसुद्दीन की पत्नी हुस्न जहां का पोस्टमार्टम बुधवार को डॉक्टर जावेद अंसारी ने किया। सैदनगली क्षेत्र के गांव अल्लीपुर भूड़ सर्की उर्फ ढक्का मोड़ पर ठंड से बचने के लिए कमरे में कोयला जलाकर सोए ट्रक चालक रईसुद्दीन की बेटी सोनम, बेटे जैद और माहिर, सिहाली जागीर निवासी साले की बेटी महक और धनौरा निवासी साढू की बेटी कशिश की दम घुटने से मौत हो गई थी।
रईसुद्दीन की पत्नी हुस्नजहां और साले रियासत की हालत नाजुक थी। लेकिन बुधवार की सुबह इलाज के दौरान हुस्न जहां की भी मौत हो गई। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ने और ऑक्सीजन की कमी होना आया है। कुछ चीजों को स्पष्ट करने के लिए डॉक्टरों ने सभी मृतकों का बिसरा सुरक्षित किया है।
इससे साफ है कि ठंड से बचने के लिए परिवार के लोग कमरे में कोयला जलाकर सोए थे, उसी के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई और सभी का ऑक्सीजन लेवल घटता चला गया। वहीं रियासत का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।