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हाईवे पर हादसा, रातभर शव पर चढ़े वाहन
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गजरौला में हाईवे पर रात भर रौंदे गए अज्ञात व्यक्ति के शव के चीथड़ों को फावड़े से एकत्र करवाती पुल?
- फोटो : GAJRAULA
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गजरौला (अमरोहा)। हाईवे पर रात में किसी वाहन ने एक युवक की हादसे में मौत हो गई। रातभर वहां से गुजरने वाले सैकड़ों वाहन उसे रौंदकर गुजरते रहे लेकिन किसी ने भी वहां रुकने की कोशिश नहीं की। दिन निकलने पर किसी ग्रामीण की निगाह सड़क पर बिखरे मांस के लोथड़ों पर पड़ी तो उसने आननफानन में पुलिस को सूचना दी। इसके बाद वहां आई पुलिस ने फावड़े की सहायता से सड़क पर चिपके पड़े शव के टुकड़ों को बटोरा और उसे एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। शव के पास ही एक जैकेट पड़ी होने से मरने वाला शख्स पुरुष होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
रविवार की सुबह लगभग आठ बजे एक ग्रामीण हाईवे पर गांव कांकाठेर के निकट स्थित आईएमएस कॉलेज के पास से गुजर रहा था। यहां एक ढाबे के सामने सड़क पर फैला खून और मांस के लोथड़े देख वह ठिठक गया। वहां किसी व्यक्ति का शव प्रतीत हो रहा था। जिसे रातभर हाईवे पर गुजरने वाले कई वाहनों ने रौंद दिया था और मांस के टुकड़े सड़क पर चिपके हुए थे। चेहरा भी सपाट हो चुका था और सिर्फ बाल ही नजर आ रहे थे। बताते हैं कि उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर थाना क्षेत्र की ब्रजघाट चौकी इंचार्ज एसआई पवन पाठक मौके पर आ पहुंचे। वहां का नजारा देख पुलिस भी सकते में आ गई। इसके बाद फावड़ा मंगवाकर सड़क पर चिपके मांस के टुकड़ों को बामुश्किल बटोरा गया। फिर उसे पॉलिथीन में रखा गया। पास ही एक जैकेट भी पड़ी हुई थी। इससे अनुमान लगाया गया कि मरने वाला पुरुष रहा होगा। चौकी इंचार्ज ने बताया कि उक्त हादसा रात में किसी समय हुआ होगा। उन्हें जानकारी सुबह के समय ही हो सकी। शव के अवशेषों को मोर्चरी पर रखवाया गया है।
शव को रौंदते रहे वाहन, सोती रही पुलिस
गजरौला। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद हाईवे पर रात्रि में गश्त करने वाली मोबाइल टीम की सक्रियता की कलई भी खुल गई है। पुलिस भी कह रही है कि हादसा शनिवार की रात को किसी समय हुआ होगा लेकिन जानकारी रविवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हो सकी। बड़ा सवाल यह है कि मेन हाईवे पर हुए हादसे की खबर यहीं रात्रि गश्त पर रहने वाली हाईवे मोबाइल जिप्सी को क्यों नहीं हुई? जबकि उक्त मोबाइल टीम को हाईवे की निगरानी के लिए ही तैनात किया गया है।
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कहीं बस का यात्री तो नहीं था मरने वाला
गजरौला। हाईवे पर जिस जगह उक्त हादसा हुआ। वहीं पास ही एक ढाबा भी है। यहां रोडवेज की बसें भी रुकती हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि ऐसा भी हो सकता है कि बस में सवार यात्री पेशाब आदि करने के लिए उतरकर सड़क पर गया हो और पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। वैसे मृतक की शिनाख्त करा पाना पुलिस के लिए भी काफी मुश्किल ही साबित होगा। क्योंकि शव के पास मिली जैकेट में भी उसकी पहचान संबंधित कोई कागजात आदि नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है।
एक दिन पूर्व हुई मौत से भी नहीं लिया सबक
गजरौला। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर बृहस्पतिवार की रात को किसी समय गांव शहबाजपुर डोर के निकट एक अज्ञात व्यक्ति को किसी वाहन ने टक्कर मार दी थी। उसका चेहरा भी बुरी तरह कुचल गया था और शव के ऊपर से कई बाहन भी गुजरे। हालांकि इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने दावा किया कि हादसे के कुछ देर बाद ही वह मौके पर जा पहुंचे थे। हादसे के चौथे दिन भी मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वहीं खास बात यह है कि उक्त हादसे के बावजूद पुलिस ने हाईवे पर रात्रि गश्त बढ़ाने अथवा हाईवे मोबाइल जिप्सी ने सतर्क रहने की जहमत नहीं उठाई।
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रविवार की सुबह लगभग आठ बजे एक ग्रामीण हाईवे पर गांव कांकाठेर के निकट स्थित आईएमएस कॉलेज के पास से गुजर रहा था। यहां एक ढाबे के सामने सड़क पर फैला खून और मांस के लोथड़े देख वह ठिठक गया। वहां किसी व्यक्ति का शव प्रतीत हो रहा था। जिसे रातभर हाईवे पर गुजरने वाले कई वाहनों ने रौंद दिया था और मांस के टुकड़े सड़क पर चिपके हुए थे। चेहरा भी सपाट हो चुका था और सिर्फ बाल ही नजर आ रहे थे। बताते हैं कि उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। इस पर थाना क्षेत्र की ब्रजघाट चौकी इंचार्ज एसआई पवन पाठक मौके पर आ पहुंचे। वहां का नजारा देख पुलिस भी सकते में आ गई। इसके बाद फावड़ा मंगवाकर सड़क पर चिपके मांस के टुकड़ों को बामुश्किल बटोरा गया। फिर उसे पॉलिथीन में रखा गया। पास ही एक जैकेट भी पड़ी हुई थी। इससे अनुमान लगाया गया कि मरने वाला पुरुष रहा होगा। चौकी इंचार्ज ने बताया कि उक्त हादसा रात में किसी समय हुआ होगा। उन्हें जानकारी सुबह के समय ही हो सकी। शव के अवशेषों को मोर्चरी पर रखवाया गया है।
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शव को रौंदते रहे वाहन, सोती रही पुलिस
गजरौला। दिल दहला देने वाली इस घटना के बाद हाईवे पर रात्रि में गश्त करने वाली मोबाइल टीम की सक्रियता की कलई भी खुल गई है। पुलिस भी कह रही है कि हादसा शनिवार की रात को किसी समय हुआ होगा लेकिन जानकारी रविवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हो सकी। बड़ा सवाल यह है कि मेन हाईवे पर हुए हादसे की खबर यहीं रात्रि गश्त पर रहने वाली हाईवे मोबाइल जिप्सी को क्यों नहीं हुई? जबकि उक्त मोबाइल टीम को हाईवे की निगरानी के लिए ही तैनात किया गया है।
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कहीं बस का यात्री तो नहीं था मरने वाला
गजरौला। हाईवे पर जिस जगह उक्त हादसा हुआ। वहीं पास ही एक ढाबा भी है। यहां रोडवेज की बसें भी रुकती हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि ऐसा भी हो सकता है कि बस में सवार यात्री पेशाब आदि करने के लिए उतरकर सड़क पर गया हो और पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। वैसे मृतक की शिनाख्त करा पाना पुलिस के लिए भी काफी मुश्किल ही साबित होगा। क्योंकि शव के पास मिली जैकेट में भी उसकी पहचान संबंधित कोई कागजात आदि नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है।
एक दिन पूर्व हुई मौत से भी नहीं लिया सबक
गजरौला। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर बृहस्पतिवार की रात को किसी समय गांव शहबाजपुर डोर के निकट एक अज्ञात व्यक्ति को किसी वाहन ने टक्कर मार दी थी। उसका चेहरा भी बुरी तरह कुचल गया था और शव के ऊपर से कई बाहन भी गुजरे। हालांकि इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने दावा किया कि हादसे के कुछ देर बाद ही वह मौके पर जा पहुंचे थे। हादसे के चौथे दिन भी मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वहीं खास बात यह है कि उक्त हादसे के बावजूद पुलिस ने हाईवे पर रात्रि गश्त बढ़ाने अथवा हाईवे मोबाइल जिप्सी ने सतर्क रहने की जहमत नहीं उठाई।