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आठ बाल रोग विशेषज्ञ के भरोसे तीसरी लहर से निपटना बड़ी चुनौती
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अमरोहा। विशेषज्ञों ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का असर सबसे अधिक बच्चों पर असर पड़ने की आशंका जताई है। लेकिन जिले में तीसरी लहर से लड़ना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। क्योंकि छह लाख बच्चों पर केवल आठ बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जो महामारी से निपटने के लिए नाकाफी हो सकते हैं। हालांकि विभाग ने पांच डॉक्टरों की डिमांड शासन को भेजी है। वहीं जरूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों के डॉक्टरों से मदद लेने की बात कही जा रही है।
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर का असर सभी ने देखा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की बहुत सी कमियां उजागर हुईं। हालांकि अब इलाज के लिए संसाधन विकसित किए जा रहे थे। आज तक भी ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो रहे हैं। लेकिन अब जब कोरोना की तीसरी लहर आने की चेतावनी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विशेषज्ञ दे चुके हैं। तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा संक्रमण का खतरा बताया गया है। जिले की जनसंख्या करीब 22 लाख से अधिक है। इसमें 1.90 लाख बच्चे जीरो से छह साल तक के हैं। 17 साल तक बच्चों को जोड़ लें तो जिले में अनुमानित कुल बच्चों की संख्या 6 लाख है। विडंबना यह है कि जिले में केवल आठ बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इसमें छह चिकित्सक जिला अस्पताल और दो सीएमओ के अधीनस्थ है। इसलिए आठ बाल रोग विशेषज्ञों के भरोसे तीसरी लहर को निपटाना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के निपटने के लिए तैयारी पूरे करने का दावा कर रहा है। लेकिन जिला प्रशासन के दावे और हकीकत में काफी अंतर है। इस लहर में बच्चे और किशोर अधिक संख्या में संक्रमित होने का खतरा इसलिए ज्यादा है, क्योंकि दूसरी लहर में जिले में करीब 1 से 17 साल तक की उम्र के बच्चे काफी तादाद में संक्रमित हुए हैं। लेकिन बच्चों का इम्युनिटी सिस्टम बुजुर्गों से ज्यादा मजबूत होता है। इस वजह से कोई मौत नहीं हुई।
दस बेड पर एक चिकित्सक की तैनाती
अमरोहा। सीएमओ सौभाग्य प्रकाश ने बताया कि दस बेड के पीकू वार्ड (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में एक बाल चिकित्सक की तैनाती की जाती है। लेकिन डॉक्टरों से कैसे काम लिया जाएगा, वह उसी समय पर तय किया जाएगा।
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जिले में 260 बेड के पीकू वार्ड तैयार
अमरोहा। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सीएमओ ने बताया कि जिले में 260 बेड के पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं। इसमें वैंक्टेश्वर हॉस्पिटल में 100, जिला अस्पताल में 40, सीएचसी बछरायूं, नौगांवा सादात, ढबारसी और अमरोहा नगर में 30-30 बेड के वार्ड तैयार किए गए हैं।
जिले में आठ बाल रोग चिकित्सक हैं। पांच डॉक्टरों के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। कोरोना की तीसरी लहर आएगी यह साफ नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो वैंक्टेश्वर हॉस्पिटल समेत अन्य निजी चिकित्सकों की मदद ली जाएगी। दस बेड पर एक बाल चिकित्सक की तैनात होनी चाहिए। जिले में करीब 260 बेड के पीकू वार्ड तैयार कर लिए गए हैं।
- डॉ सौभाग्य प्रकाश
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कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर का असर सभी ने देखा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की बहुत सी कमियां उजागर हुईं। हालांकि अब इलाज के लिए संसाधन विकसित किए जा रहे थे। आज तक भी ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो रहे हैं। लेकिन अब जब कोरोना की तीसरी लहर आने की चेतावनी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विशेषज्ञ दे चुके हैं। तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा संक्रमण का खतरा बताया गया है। जिले की जनसंख्या करीब 22 लाख से अधिक है। इसमें 1.90 लाख बच्चे जीरो से छह साल तक के हैं। 17 साल तक बच्चों को जोड़ लें तो जिले में अनुमानित कुल बच्चों की संख्या 6 लाख है। विडंबना यह है कि जिले में केवल आठ बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इसमें छह चिकित्सक जिला अस्पताल और दो सीएमओ के अधीनस्थ है। इसलिए आठ बाल रोग विशेषज्ञों के भरोसे तीसरी लहर को निपटाना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग संक्रमण के निपटने के लिए तैयारी पूरे करने का दावा कर रहा है। लेकिन जिला प्रशासन के दावे और हकीकत में काफी अंतर है। इस लहर में बच्चे और किशोर अधिक संख्या में संक्रमित होने का खतरा इसलिए ज्यादा है, क्योंकि दूसरी लहर में जिले में करीब 1 से 17 साल तक की उम्र के बच्चे काफी तादाद में संक्रमित हुए हैं। लेकिन बच्चों का इम्युनिटी सिस्टम बुजुर्गों से ज्यादा मजबूत होता है। इस वजह से कोई मौत नहीं हुई।
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दस बेड पर एक चिकित्सक की तैनाती
अमरोहा। सीएमओ सौभाग्य प्रकाश ने बताया कि दस बेड के पीकू वार्ड (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में एक बाल चिकित्सक की तैनाती की जाती है। लेकिन डॉक्टरों से कैसे काम लिया जाएगा, वह उसी समय पर तय किया जाएगा।
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जिले में 260 बेड के पीकू वार्ड तैयार
अमरोहा। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सीएमओ ने बताया कि जिले में 260 बेड के पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं। इसमें वैंक्टेश्वर हॉस्पिटल में 100, जिला अस्पताल में 40, सीएचसी बछरायूं, नौगांवा सादात, ढबारसी और अमरोहा नगर में 30-30 बेड के वार्ड तैयार किए गए हैं।
जिले में आठ बाल रोग चिकित्सक हैं। पांच डॉक्टरों के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। कोरोना की तीसरी लहर आएगी यह साफ नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो वैंक्टेश्वर हॉस्पिटल समेत अन्य निजी चिकित्सकों की मदद ली जाएगी। दस बेड पर एक बाल चिकित्सक की तैनात होनी चाहिए। जिले में करीब 260 बेड के पीकू वार्ड तैयार कर लिए गए हैं।
- डॉ सौभाग्य प्रकाश