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दस्तक अभियान में मिले टीबी के 57 मरीज
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अमरोहा। जिले में टीबी के मरीजों को ढूंढने के लिए दस्तक अभियान चलाया गया है। इस दौरान 292 लोगों की जांच कराई गई। जिसमें टीबी के 57 मरीज मिले हैं। इन मरीजों को इलाज के लिए हर महीने पांच सौ रुपये मिलेंगे। अब जिले में टीबी के मरीजों की कुल संख्या 1305 हो गई है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुमताज अंसारी ने बताया कि जनपद में दस्तक अभियान के दौरान टीबी के मरीजों की भी पहचान की गई है। यह अभियान 1 से 31 जुलाई तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का हिस्सा था। इसमें 57 क्षय रोगियों की पुष्टि हुई है। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई थी।
टीबी के मरीजों के अलावा बुखार के रोगियों और कुपोषित बच्चों की सूची भी बनाई गई। संभावित टीबी मरीजों की जांच के लिए बलगम को सैंपलिंग के लिए भेजा गया। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवार के लोगों से यह भी पूछ रही थी कि क्या आपके यहां किसी परिजन को दो हफ्ते से खांसी, बुखार तो नहीं है और बलगम में खून तो नहीं आता। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति का सैंपल लिया गया और सैंपल को क्षय रोग विभाग को दिया गया है।
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उन्होंने बताया 292 लोगों के बलगम की जांच की गई। जिसमें 57 लोगों को टीबी पाई गई। उनमें से सभी लोगों का इलाज शुरू कर दिया गया है। जनपद में अब कुल 1305 टीबी के मरीज हैं और इन मरीजों को इलाज के दौरान बेहतर पोषण के लिए 500 रुपये प्रतिमाह बैंक खाते में दिए जाते हैं। वर्ष 2025 तक क्षय उन्मूलन का संकल्प लिया गया है। मरीजों को चिह्नित करने के बाद उन्हें इलाज के दौरान 500 रुपये प्रतिमाह पोषण के लिए मिलेगा। आशा सहित अन्य लोग जो टीबी मरीजों का पता लगाएंगे, उन्हें भी 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुमताज अंसारी ने बताया कि जनपद में दस्तक अभियान के दौरान टीबी के मरीजों की भी पहचान की गई है। यह अभियान 1 से 31 जुलाई तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का हिस्सा था। इसमें 57 क्षय रोगियों की पुष्टि हुई है। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई थी।
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टीबी के मरीजों के अलावा बुखार के रोगियों और कुपोषित बच्चों की सूची भी बनाई गई। संभावित टीबी मरीजों की जांच के लिए बलगम को सैंपलिंग के लिए भेजा गया। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवार के लोगों से यह भी पूछ रही थी कि क्या आपके यहां किसी परिजन को दो हफ्ते से खांसी, बुखार तो नहीं है और बलगम में खून तो नहीं आता। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति का सैंपल लिया गया और सैंपल को क्षय रोग विभाग को दिया गया है।
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उन्होंने बताया 292 लोगों के बलगम की जांच की गई। जिसमें 57 लोगों को टीबी पाई गई। उनमें से सभी लोगों का इलाज शुरू कर दिया गया है। जनपद में अब कुल 1305 टीबी के मरीज हैं और इन मरीजों को इलाज के दौरान बेहतर पोषण के लिए 500 रुपये प्रतिमाह बैंक खाते में दिए जाते हैं। वर्ष 2025 तक क्षय उन्मूलन का संकल्प लिया गया है। मरीजों को चिह्नित करने के बाद उन्हें इलाज के दौरान 500 रुपये प्रतिमाह पोषण के लिए मिलेगा। आशा सहित अन्य लोग जो टीबी मरीजों का पता लगाएंगे, उन्हें भी 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।