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बुख्ाार ने सात आैर जिंदगियों को लीला
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:31 AM IST
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अमरोहा के जिला अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीज।
- फोटो : amar ujala
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जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहे है। जानलेवा हो चुका बुखार अब बेकाबू हो चुका है। सोमवार को बुखार से नीलीखेड़ी दो लोगों और रजबपुर में बुखार से चार वर्षीय बालिका की मौत हो गई। नीलीखेड़ी के पीड़ितों का मुरादाबाद और बालिका का रजबपुर में ही इलाज चल रहा था। तो वहीं बछरायूं में दो ग्रामीणों की मौत हो गई।
मौतों से उनके परिवार में कोहराम मच गया। कई और लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत है। जिले बुखार से अब तक लगभग 50 लोगों की मौत हो चुकी है। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नीलीखेड़ी निवासी जागीर (55) पुत्र अजीम और शाइस्ता (17) पुत्री हाजी भूरे को लगभग एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
पहले उनका स्थानीय निजी चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा था। फायदा न होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए मुरादाबाद ले गए थे। वहां निजी अस्पतालों में सोमवार को दोनों दम तोड़ दिया। गांव में अभी कई और लोग बुखार की चपेट में बताए जा रहे हैं। यहां पहले भी बुखार से दो लोगों की मौत हो चुकी है।
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वहीं, गांव रजबपुर के रहने वाले रईस की चार वर्षीय बेटी तमन्ना को चार दिन पहले बुखार आना शुरू हुआ था। इस पर परिवार के लोगों ने पास के ही एक निजी चिकित्सक से दवाई दिलाई थी। कुछ आराम मिला, मगर तबियत पूरी तरह ठीक नहीं हुई। धीरे धीरे उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई। बताते हैं कि सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के लोग गम में डूबे हैं। इसी गांव में एक हफ्ते पहले भोले की पत्नी शांति देवी (60) की बुखार से मौत हो गई थी। उसे भी पिछले 15 दिनों से बुखार आ रहा था।
यहां बता दें कि जिले में बुखार विकराल रूप ले रहा है। आए दिन लोगों की जिंदगी को निगल रहा है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। मच्छरों की बढ़ती तादाद को रोकने के लिए भी ग्राम प्रधान व पालिका व नगर पंचायत के अधिकारी कोई खास बंदोबस्त नहीं कर रहे हैं, जिसकी वजह आए दिन लोग उसकी चपेट में आ रहे हैं।
उधर, मंडी धनौरा/बछरायूं कस्बे के मुहल्ला पेशथाना निवासी इशहाक पुत्र वशीर अहमद उम्र 55 साल को बीते शुक्रवार को बुखार आया था। परिजनों ने उनका उपचार कस्बे के ही एक चिकित्सक से कराया था। उनको कोई लाभ नहीं हो रहा था। परिजन उपचार के लिए उनको बाहर ले जाने की तैयारी में थे। सोमवार की सुबह अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों में मौत की जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया। कस्बे के ही निवासी असलम की पत्नी की भी बुखार से मौत होने की जानकारी है।
बताया जाता है कि उनको भी तीन दिन से बुुखार था। रविवार की देर रात उनको उल्टी आई और सवेरे दम तोड़ दिया। नगरीय व गांवों में अभी भी बुखार का प्रकोप काफी है। सरकारी व निजी चिकित्सकों के यहां रोगियों की भीड़ लगी हुई है। हडडी व जोड़ों में दर्द की शिकायत बुखार के रोगी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक तापमान कम नहीं होगा तब तक बुखार का प्रकोप कम नहीं होगा।
हसनपुर में बुखार से दो की मौत
हसनपुर/ढबारसी में बुखार का नाम सुनते ही रोंगटे खड़े होने लगे हैं। रोजाना बुखार काल बनकर किसी ना किसी को मौत की नींद सुला रहा है। अब सहसोली गांव में युवक की बुखार से मौत हो गई, तो ढबारसी में किशोर को बुखार ने मौत की नींद सुला दिया। किशोर के परिजनों ने झोलाछाप के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
क्षेत्र के गांव सहसोली निवासी काविंद्र (18) पुत्र विक्रम सिंह को कई दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डाक्टरों से उपचार गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गंभीर हालत में युवक को मेरठ ले जाया गया। बताया जाता है कि युवक ने मेरठ के अस्पताल में दम तोड़ दिया। उधर, ढबारसी निवासी आलम (08) पुत्र वाहिद को तीन दिन से बुखार आ रहा था।
परिजनों के मुताबिक गांव तिगरिया नादिर शाह में एक झोलाछाप ने आलम को सही करने की गारंटी ली थी। लेकिन सोमवार को आलम की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप की दुकान पर पहुंच हंगामा किया। इसके बाद कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में तहरीर दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मौतों से उनके परिवार में कोहराम मच गया। कई और लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों में दहशत है। जिले बुखार से अब तक लगभग 50 लोगों की मौत हो चुकी है। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नीलीखेड़ी निवासी जागीर (55) पुत्र अजीम और शाइस्ता (17) पुत्री हाजी भूरे को लगभग एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
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पहले उनका स्थानीय निजी चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा था। फायदा न होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए मुरादाबाद ले गए थे। वहां निजी अस्पतालों में सोमवार को दोनों दम तोड़ दिया। गांव में अभी कई और लोग बुखार की चपेट में बताए जा रहे हैं। यहां पहले भी बुखार से दो लोगों की मौत हो चुकी है।
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वहीं, गांव रजबपुर के रहने वाले रईस की चार वर्षीय बेटी तमन्ना को चार दिन पहले बुखार आना शुरू हुआ था। इस पर परिवार के लोगों ने पास के ही एक निजी चिकित्सक से दवाई दिलाई थी। कुछ आराम मिला, मगर तबियत पूरी तरह ठीक नहीं हुई। धीरे धीरे उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई। बताते हैं कि सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के लोग गम में डूबे हैं। इसी गांव में एक हफ्ते पहले भोले की पत्नी शांति देवी (60) की बुखार से मौत हो गई थी। उसे भी पिछले 15 दिनों से बुखार आ रहा था।
यहां बता दें कि जिले में बुखार विकराल रूप ले रहा है। आए दिन लोगों की जिंदगी को निगल रहा है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। मच्छरों की बढ़ती तादाद को रोकने के लिए भी ग्राम प्रधान व पालिका व नगर पंचायत के अधिकारी कोई खास बंदोबस्त नहीं कर रहे हैं, जिसकी वजह आए दिन लोग उसकी चपेट में आ रहे हैं।
उधर, मंडी धनौरा/बछरायूं कस्बे के मुहल्ला पेशथाना निवासी इशहाक पुत्र वशीर अहमद उम्र 55 साल को बीते शुक्रवार को बुखार आया था। परिजनों ने उनका उपचार कस्बे के ही एक चिकित्सक से कराया था। उनको कोई लाभ नहीं हो रहा था। परिजन उपचार के लिए उनको बाहर ले जाने की तैयारी में थे। सोमवार की सुबह अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों में मौत की जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया। कस्बे के ही निवासी असलम की पत्नी की भी बुखार से मौत होने की जानकारी है।
बताया जाता है कि उनको भी तीन दिन से बुुखार था। रविवार की देर रात उनको उल्टी आई और सवेरे दम तोड़ दिया। नगरीय व गांवों में अभी भी बुखार का प्रकोप काफी है। सरकारी व निजी चिकित्सकों के यहां रोगियों की भीड़ लगी हुई है। हडडी व जोड़ों में दर्द की शिकायत बुखार के रोगी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक तापमान कम नहीं होगा तब तक बुखार का प्रकोप कम नहीं होगा।
हसनपुर में बुखार से दो की मौत
हसनपुर/ढबारसी में बुखार का नाम सुनते ही रोंगटे खड़े होने लगे हैं। रोजाना बुखार काल बनकर किसी ना किसी को मौत की नींद सुला रहा है। अब सहसोली गांव में युवक की बुखार से मौत हो गई, तो ढबारसी में किशोर को बुखार ने मौत की नींद सुला दिया। किशोर के परिजनों ने झोलाछाप के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
क्षेत्र के गांव सहसोली निवासी काविंद्र (18) पुत्र विक्रम सिंह को कई दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट डाक्टरों से उपचार गया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गंभीर हालत में युवक को मेरठ ले जाया गया। बताया जाता है कि युवक ने मेरठ के अस्पताल में दम तोड़ दिया। उधर, ढबारसी निवासी आलम (08) पुत्र वाहिद को तीन दिन से बुखार आ रहा था।
परिजनों के मुताबिक गांव तिगरिया नादिर शाह में एक झोलाछाप ने आलम को सही करने की गारंटी ली थी। लेकिन सोमवार को आलम की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप की दुकान पर पहुंच हंगामा किया। इसके बाद कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में तहरीर दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।