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Amroha News: गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद विभाग के खाते में भेजे गए 63 लाख रुपये
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अमरोहा। दस राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में फर्नीचर खरीदने के नाम 63 लाख रुपये गबन करने की तैयारी के खेल को डीआईओएस ने पकड़ लिया। इसके बाद वित्त एवं लेखा अधिकारी समेत 11 प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। लेकिन 28 दिन बाद भी उनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया। वही मामला पकड़ में आने के बाद धनराशि को विभाग के खाते में वापस भेज दिया गया है। इस मामले में वित्त एवं लेखा अधिकारी समेत दस स्कूलों के प्रधानाचार्य पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जिला विद्यालय निरीक्षक विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 10 राजकीय कालेजों में फर्नीचर खरीदने के प्रस्ताव तैयार कर वित्त नियंत्रक प्रयागराज को भेजकर धनराशि की मांग की थी। शासन ने कालेजों में फर्नीचर खरीदने के लिए वित्त लेखाधिकारी के खाते में 63 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी। इसमें प्रधानाचार्यों को डीआइओएस की अनुमति लेकर खरीद करनी थी। लेकिन वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक अनुराग द्विवेदी ने प्रधानाचार्यों से साठगांठ करके बिना डीआइओएस की अनुमति के जेम पोर्टल पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली। इसके साथ ही रामपुर निवासी तौसीफ अहमद की फर्म का फर्नीचर खरीदने के लिए चयन कर लिया। इतना ही नहीं प्रधानाचार्यों से धनराशि भुगतान के लिए ओटीपी लेकर फर्नीचर खरीदने की तैयारी कर ली। इसी बीच डीआइओएस को इसकी भनक लग गई। उन्होंने आपत्ति जताते हुए फर्म के टेंडर को निरस्त करा दिया। डीआइओएस ने बताया कि उनकी बिना अनुमति के साठगांठ कर फर्नीचर खरीदने की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो गलत है। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी समेत 11 प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी किया गया। वहीं जिला वित्त एवं लेखाधिकारी ने बताया कि लगाए गए आरोप गलत हैं। डीआईओएस ने बताया कि ये खेल मार्च में वित्तीय वर्ष के समापन पर भारी भरकम रकम का बंदरबाट करने के लिए किया गया था। फिलहाल सभी 63 लाख रुपये सुरक्षित विभाग के खाते में वापस हो गए हैं।
इन विद्यालयों में फर्नीचर खरीदने की थी तैयारी।
डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि राजकीय इंटर कालेज अमरोहा, राजकीय इंटर कालेज मिठ्ठेपुर कला, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकी मांडल इंटर कालेज गजस्थल, राजकीय इंटर कालेज बांसका कला, राजकीय हाईस्कूल अल्लीपुर खादर, राजकीय इंटर कालेज धनौरा उर्फ मुरादनगर, राजकीय बालिका इंटर कालेज गजरौला, अंबेडकर राजकीय इंटर कालेज उझारी आदि में फर्नीचर खरीद दिखाने की तैयारी थी।
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जिस 63 लाख रुपये से फर्नीचर खरीद दिखाकर निकालने की तैयारी की जा रही थी ।उस पैसे को वापस विभाग के खाते में वापस भेज दिया गया है। अब पैसा सुरक्षित है। वित्त एवं लेखाधिकारी व प्रधानाचार्यों से नोटिस का जवाब मिलने का इंतजार है। इसके बाद शासन को पत्राचार किया जाएगा।-विष्णु प्रताप सिंह, डीआईओएस
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जिला विद्यालय निरीक्षक विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालय योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 10 राजकीय कालेजों में फर्नीचर खरीदने के प्रस्ताव तैयार कर वित्त नियंत्रक प्रयागराज को भेजकर धनराशि की मांग की थी। शासन ने कालेजों में फर्नीचर खरीदने के लिए वित्त लेखाधिकारी के खाते में 63 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी। इसमें प्रधानाचार्यों को डीआइओएस की अनुमति लेकर खरीद करनी थी। लेकिन वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक अनुराग द्विवेदी ने प्रधानाचार्यों से साठगांठ करके बिना डीआइओएस की अनुमति के जेम पोर्टल पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली। इसके साथ ही रामपुर निवासी तौसीफ अहमद की फर्म का फर्नीचर खरीदने के लिए चयन कर लिया। इतना ही नहीं प्रधानाचार्यों से धनराशि भुगतान के लिए ओटीपी लेकर फर्नीचर खरीदने की तैयारी कर ली। इसी बीच डीआइओएस को इसकी भनक लग गई। उन्होंने आपत्ति जताते हुए फर्म के टेंडर को निरस्त करा दिया। डीआइओएस ने बताया कि उनकी बिना अनुमति के साठगांठ कर फर्नीचर खरीदने की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो गलत है। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी समेत 11 प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी किया गया। वहीं जिला वित्त एवं लेखाधिकारी ने बताया कि लगाए गए आरोप गलत हैं। डीआईओएस ने बताया कि ये खेल मार्च में वित्तीय वर्ष के समापन पर भारी भरकम रकम का बंदरबाट करने के लिए किया गया था। फिलहाल सभी 63 लाख रुपये सुरक्षित विभाग के खाते में वापस हो गए हैं।
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इन विद्यालयों में फर्नीचर खरीदने की थी तैयारी।
डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि राजकीय इंटर कालेज अमरोहा, राजकीय इंटर कालेज मिठ्ठेपुर कला, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकी मांडल इंटर कालेज गजस्थल, राजकीय इंटर कालेज बांसका कला, राजकीय हाईस्कूल अल्लीपुर खादर, राजकीय इंटर कालेज धनौरा उर्फ मुरादनगर, राजकीय बालिका इंटर कालेज गजरौला, अंबेडकर राजकीय इंटर कालेज उझारी आदि में फर्नीचर खरीद दिखाने की तैयारी थी।
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जिस 63 लाख रुपये से फर्नीचर खरीद दिखाकर निकालने की तैयारी की जा रही थी ।उस पैसे को वापस विभाग के खाते में वापस भेज दिया गया है। अब पैसा सुरक्षित है। वित्त एवं लेखाधिकारी व प्रधानाचार्यों से नोटिस का जवाब मिलने का इंतजार है। इसके बाद शासन को पत्राचार किया जाएगा।-विष्णु प्रताप सिंह, डीआईओएस