{"_id":"667b522bfd5982f9dc0db454","slug":"448-ambulances-registered-on-fake-name-and-address-will-not-be-able-to-run-jpnagar-news-c-284-1-jpn1003-120970-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: देश में नहीं चल पाएंगी फर्जी नाम-पते पर रजिस्टर्ड 448 एंबुलेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: देश में नहीं चल पाएंगी फर्जी नाम-पते पर रजिस्टर्ड 448 एंबुलेंस
विज्ञापन
अमरोहा। फर्जी फर्म और नाम-पते पर दर्ज 448 एंबुलेंस के पंजीयन निरस्त कर दिए गए हैं। अब ये एंबुलेंस देश के किसी भी कोने में नहीं चल पाएंगी। अगर चलती पाई गईं तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए अमरोहा एआरटीओ ने देशभर के आरटीओ और एआरटीओ को चिट्ठी जारी की है। साथ की सभी एंबुलेंसों के नंबर जारी किए हैं, जिससे सड़क पर चलते समय उन्हें पकड़ा जा सके।
सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से फर्जी फर्म का गठन कर कूटरचित प्रपत्रों के जरिए 700 एंबुलेंस का पंजीयन करने का आरोप लगाया था। एंबुलेंस की संख्या का खुलासा एआरटीओ द्वारा आरटीआई के जवाब से हुआ था। एंबुलेंस के पंजीयन पत्रावली में वाहन के पंजीकृत मालिकों द्वारा कारोबार के स्थान के पते के प्रमाणपत्र के रूप में कागजात लगाए गए, वह कूटरचित हैं। सात सौ से अधिक एंबुलेंस केवल दो फर्जी फर्मों श्री साइन एंबुलेंस सर्विसेज निकट एआरटीओ ऑफिस अतरासी रोड और गगन त्यागी एंबुलेंस सर्विस ग्राम तिगरिया खादर गजरौला और करीब सौ एंबुलेंस इकबाल नगर कस्बा जोया के पते पर पंजीकृत पाई गई थीं।
हकीकत में उन नाम-पते पर कोई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। नाम-पते पूरी तरह फर्जी निकले थे। इतना ही नहीं इन पतों पर कोई भी एंबुलेंस सर्विस देने वाली संस्था कार्यरत नहीं मिली थी। एंबुलेंस के अधिकतर मालिक उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के मूल निवासी पाए गए थे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
फर्जी फर्म और नाम-पते पर दर्ज 448 एंबुलेंस का पंजीयन निरस्त किया जा चुका है। अब देश भर के आरटीओ व एआरटीओ को चिट्ठी जारी की गई है। ये एंबुलेंस देश के किसी भी कोने में सड़क पर नहीं चल सकेंगी। अगर चलती पाई गईं तो जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-महेश शर्मा, एआरटीओ
-- -- --
विज्ञापन
सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनिल जग्गा ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से फर्जी फर्म का गठन कर कूटरचित प्रपत्रों के जरिए 700 एंबुलेंस का पंजीयन करने का आरोप लगाया था। एंबुलेंस की संख्या का खुलासा एआरटीओ द्वारा आरटीआई के जवाब से हुआ था। एंबुलेंस के पंजीयन पत्रावली में वाहन के पंजीकृत मालिकों द्वारा कारोबार के स्थान के पते के प्रमाणपत्र के रूप में कागजात लगाए गए, वह कूटरचित हैं। सात सौ से अधिक एंबुलेंस केवल दो फर्जी फर्मों श्री साइन एंबुलेंस सर्विसेज निकट एआरटीओ ऑफिस अतरासी रोड और गगन त्यागी एंबुलेंस सर्विस ग्राम तिगरिया खादर गजरौला और करीब सौ एंबुलेंस इकबाल नगर कस्बा जोया के पते पर पंजीकृत पाई गई थीं।
विज्ञापन
हकीकत में उन नाम-पते पर कोई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। नाम-पते पूरी तरह फर्जी निकले थे। इतना ही नहीं इन पतों पर कोई भी एंबुलेंस सर्विस देने वाली संस्था कार्यरत नहीं मिली थी। एंबुलेंस के अधिकतर मालिक उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा के मूल निवासी पाए गए थे।
विज्ञापन
फर्जी फर्म और नाम-पते पर दर्ज 448 एंबुलेंस का पंजीयन निरस्त किया जा चुका है। अब देश भर के आरटीओ व एआरटीओ को चिट्ठी जारी की गई है। ये एंबुलेंस देश के किसी भी कोने में सड़क पर नहीं चल सकेंगी। अगर चलती पाई गईं तो जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
-महेश शर्मा, एआरटीओ