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नियमित उपचार से क्षय रोग को दी सकती है मात
Updated Sat, 04 Aug 2018 01:10 AM IST
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गजरौला। नारायण जन कल्याण वेलफेयर सोसाइटी की ओर से एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें टीबी को लेकर जागरुक किया गया। बीमारी के लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी दी।
शुक्रवार को डा. उत्तम सिंह प्रजापति के प्रतिष्ठान बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा किटीबी जैसी घातक बीमारी के लिए समय रहते जागरूक होना जरुरी है। दो हफ्ते से अधिक खांसी, शाम के समय बुखार का आना, गाढ़े पीले बलगम का आना, बलगम में ब्लड के छींटे, शरीर का वजन कम हो जाना तथा चमड़ी का रंग काला पड़ जाना टीबी के लक्षण हैं। लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र जाकर बलगम का परीक्षण कराएं। टीबी की सबसे अच्छी और कारगर दवाई डॉट्स है। जिसे 6 से 8 माह नियमित लेना पड़ता है। नियमित उपचार ही हमें पूर्ण स्वस्थ और निरोगी कर सकता है। टीवी के रोगी से घबराएं नहीं सामाजिकता निभानी चाहिए। सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक पल्स पोलियो की तर्ज पर टीवी रोग को हम जड़ से खत्म कर लेंगे। स्वस्थ भारत बनाने में सभी का योगदान देना जरूरी है। बैठक में चन्द्रपाल गुर्जर, सुबे सिंह पाल, मिस्त्री चन्द्र पाल, अंकुर नागर, कमल सैनी, सैंकी सैनी, राहुल सैनी, कृष्ण कुमार, रामकिशोर, हीरा रावत, सुभाष गुर्जर मौजूद रहे।
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शुक्रवार को डा. उत्तम सिंह प्रजापति के प्रतिष्ठान बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा किटीबी जैसी घातक बीमारी के लिए समय रहते जागरूक होना जरुरी है। दो हफ्ते से अधिक खांसी, शाम के समय बुखार का आना, गाढ़े पीले बलगम का आना, बलगम में ब्लड के छींटे, शरीर का वजन कम हो जाना तथा चमड़ी का रंग काला पड़ जाना टीबी के लक्षण हैं। लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र जाकर बलगम का परीक्षण कराएं। टीबी की सबसे अच्छी और कारगर दवाई डॉट्स है। जिसे 6 से 8 माह नियमित लेना पड़ता है। नियमित उपचार ही हमें पूर्ण स्वस्थ और निरोगी कर सकता है। टीवी के रोगी से घबराएं नहीं सामाजिकता निभानी चाहिए। सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक पल्स पोलियो की तर्ज पर टीवी रोग को हम जड़ से खत्म कर लेंगे। स्वस्थ भारत बनाने में सभी का योगदान देना जरूरी है। बैठक में चन्द्रपाल गुर्जर, सुबे सिंह पाल, मिस्त्री चन्द्र पाल, अंकुर नागर, कमल सैनी, सैंकी सैनी, राहुल सैनी, कृष्ण कुमार, रामकिशोर, हीरा रावत, सुभाष गुर्जर मौजूद रहे।
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