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डग्गामार वाहनों से रोडवेज को लाखों का नुकसान
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:53 AM IST
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गजरौला। डग्गामार वाहन हर महीने रोडवेज निगम को लाखों रुपये राजस्व का चूना लगा रहे हैं। वहीं, यात्रियों को खड़े होकर यात्रा कराई जा रही है। बिना किसी रोकटोक कई मार्गो पर डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है।
गजरौला में चांदपुर रोड पर रोजाना सैकड़ों डग्गामार टैक्सी यात्रियों को लाने ले जाने का काम कर रही है। गजरौला में इनका स्टैंड थाने के ठीक सामने बना हुआ है। चांदपुर रोड पर टैक्सियों के संचालन से रोडवेज को नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोडवेज बसों में यात्री कम दिखाई देते हैं जबकि डग्गामार वाहनों में लोगों की भरमार होती है। इतना ही नहीं डग्गामार वाहन चालक लोगों को पीछे भी खड़ा कर देते हैं, जिससे आए दिन हादसों का अंदेशा बन रहता है। थाने के सामने से इस तरह से लोगों की जान जोखिम में डालकर यात्रा कराना सवाल खड़े करता है। सूत्रों की मानें तो डग्गामार टैक्सियों को संरक्षण मिला हुआ है। इसके अलावा चौपला चौकी के चंद कदमों की दूरी पर ही डग्गामारों ने अपना स्टैंड बना लिया है। यहां से दिल्ली और मुरादाबाद के लिए काफी डग्गामार वाहन संचालित होते हैं। एआरएम नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन के साथ मिलकर समय समय पर डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। फिर भी डग्गामार वाहन संचालक वाहन सड़कों दौड़ा ही लेते हैं। जितने भी डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं, उनसे रोडवेज को नुकसान हो रहा है। रोजाना दस से बीस हजार रुपये की चपत लग रही है।
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गजरौला में चांदपुर रोड पर रोजाना सैकड़ों डग्गामार टैक्सी यात्रियों को लाने ले जाने का काम कर रही है। गजरौला में इनका स्टैंड थाने के ठीक सामने बना हुआ है। चांदपुर रोड पर टैक्सियों के संचालन से रोडवेज को नुकसान उठाना पड़ रहा है। रोडवेज बसों में यात्री कम दिखाई देते हैं जबकि डग्गामार वाहनों में लोगों की भरमार होती है। इतना ही नहीं डग्गामार वाहन चालक लोगों को पीछे भी खड़ा कर देते हैं, जिससे आए दिन हादसों का अंदेशा बन रहता है। थाने के सामने से इस तरह से लोगों की जान जोखिम में डालकर यात्रा कराना सवाल खड़े करता है। सूत्रों की मानें तो डग्गामार टैक्सियों को संरक्षण मिला हुआ है। इसके अलावा चौपला चौकी के चंद कदमों की दूरी पर ही डग्गामारों ने अपना स्टैंड बना लिया है। यहां से दिल्ली और मुरादाबाद के लिए काफी डग्गामार वाहन संचालित होते हैं। एआरएम नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन के साथ मिलकर समय समय पर डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। फिर भी डग्गामार वाहन संचालक वाहन सड़कों दौड़ा ही लेते हैं। जितने भी डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं, उनसे रोडवेज को नुकसान हो रहा है। रोजाना दस से बीस हजार रुपये की चपत लग रही है।
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