{"_id":"622cf3d76e315374aa5f5336","slug":"38339-cases-settled-in-national-lok-adalat-jpnagar-news-mbd4214106159","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय लोक अदालत में 38339 वादों का हुआ निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय लोक अदालत में 38339 वादों का हुआ निस्तारण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में 38339 वादों का निस्तारण कर लाखों का जुर्माना वसूला गया।
शनिवार को जनपद न्यायालय एवं वाह्य न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय में प्रशासनिक न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी ने राष्ट्रीय लोक अदालत का मां सरस्वती के चित्र के आगे दीप जलाकर शुभारंभ किया। लोक अदालत में कुल 49622 वाद में से 38339 विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया। 2004 फौजदारी के वादों का निस्तारण करते हुए 4,17,290 रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। विद्युत संबंधी 417 वाद, 104 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए 1,18,20,000 रुपये प्रतिकर के रूप में वसूले गए।
कुटुंब न्यायालय के 43 वादों का निस्तारण करते हुए 83,24,500 रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 17 वाद प्री लिटिगेशन स्तर पर निस्तारित किए गए। इस दौरान नौ जोड़े एक साथ रहने को राजी हुए। सिविल के 95 वादों का निस्तारण किया गया। स्थायी लोक अदालत के दो, तीन मामले उपभोक्ता फोरम के, बैंकों के ऋण वसूली वाद, दूरसंचार के वाद, एआरटीओ के चालान, पुलिस के चालान आदि का निस्तारण करते हुए 1,36,77,813 रुपये वसूले गए। इस दौरान जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक पूनम, जनपद न्यायाधीश संजीव कुमार, लोक अदालत की नोडल नोडल ऑफिसर तृप्ता चौधरी, प्राधिकरण सचिव अमर प्रताप चौधरी आदि न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
शनिवार को जनपद न्यायालय एवं वाह्य न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय में प्रशासनिक न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी ने राष्ट्रीय लोक अदालत का मां सरस्वती के चित्र के आगे दीप जलाकर शुभारंभ किया। लोक अदालत में कुल 49622 वाद में से 38339 विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया। 2004 फौजदारी के वादों का निस्तारण करते हुए 4,17,290 रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। विद्युत संबंधी 417 वाद, 104 मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण करते हुए 1,18,20,000 रुपये प्रतिकर के रूप में वसूले गए।
कुटुंब न्यायालय के 43 वादों का निस्तारण करते हुए 83,24,500 रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 17 वाद प्री लिटिगेशन स्तर पर निस्तारित किए गए। इस दौरान नौ जोड़े एक साथ रहने को राजी हुए। सिविल के 95 वादों का निस्तारण किया गया। स्थायी लोक अदालत के दो, तीन मामले उपभोक्ता फोरम के, बैंकों के ऋण वसूली वाद, दूरसंचार के वाद, एआरटीओ के चालान, पुलिस के चालान आदि का निस्तारण करते हुए 1,36,77,813 रुपये वसूले गए। इस दौरान जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक पूनम, जनपद न्यायाधीश संजीव कुमार, लोक अदालत की नोडल नोडल ऑफिसर तृप्ता चौधरी, प्राधिकरण सचिव अमर प्रताप चौधरी आदि न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन