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Amroha News: औद्योगिक गलियारे के लिए 35%भूमि का बैनामा बाकी
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हसनपुर। औद्योगिक ग्रीन गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही है। किसान सर्किल रेट बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। किसानों का कहना है कि सर्किल रेट बढ़ जाएं तो उसके बाद ही भूमि का बैनामा किया जाएगा।
वहीं प्रशासन पुराने सर्किल रेट पर ही भूमि अधिग्रहण करने की बात पर किसानों को राजी करने का प्रयास कर रहा है। अभी तक 65 फीसदी भूमि ही खरीदी जा चुकी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का सिलसिला दो साल पहले शुरू हुआ था। करीब 35 प्रतिशत किसानों ने अभी भूमि का बैनामा नहीं किया है।
मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे गांव मंगरौला में औद्योगिक शहर बसाए जाने की शासन की योजना के अनुसार यूपीडा और अमरोहा जनपद के प्रशासनिक अधिकारी काम कर रहे हैं। औद्योगिक गलियारा बनाए जाने के लिए मंगरौला, रुस्तमपुर और दौलतपुर गांव की करीब 2200 बीघा भूमि को चिह्नित किया गया है। हालांकि, इसमें करीब 110 बीघा ग्राम समाज की सरकारी भूमि है। 110 बीघा सरकारी भूमि के अलावा 1450 बीघा भूमि को किसानों से अधिग्रहण किया जा चुका है। यह भूमि करीब 202 किसानों से खरीदी गई है।
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पिछले एक वर्ष से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत ही धीमी चल रही है। उसकी वजह है कि शेष किसान सर्किल रेट बढ़ाने क मांग कर रहे हैं। किसान इस संबंध में एसडीएम, विधायक से लेकर जिलाधिकारी तक प्रार्थना पत्र देकर सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। जिससे किसानों में रोष है। हालांकि, प्रशासन के अधिकारी धीरे-धीरे किसानों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। अबतक खरीदी जा चुकी भूमि का भुगतान किसानों के खाते में भेजा जा चुका है।
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वहीं प्रशासन पुराने सर्किल रेट पर ही भूमि अधिग्रहण करने की बात पर किसानों को राजी करने का प्रयास कर रहा है। अभी तक 65 फीसदी भूमि ही खरीदी जा चुकी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का सिलसिला दो साल पहले शुरू हुआ था। करीब 35 प्रतिशत किसानों ने अभी भूमि का बैनामा नहीं किया है।
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मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे गांव मंगरौला में औद्योगिक शहर बसाए जाने की शासन की योजना के अनुसार यूपीडा और अमरोहा जनपद के प्रशासनिक अधिकारी काम कर रहे हैं। औद्योगिक गलियारा बनाए जाने के लिए मंगरौला, रुस्तमपुर और दौलतपुर गांव की करीब 2200 बीघा भूमि को चिह्नित किया गया है। हालांकि, इसमें करीब 110 बीघा ग्राम समाज की सरकारी भूमि है। 110 बीघा सरकारी भूमि के अलावा 1450 बीघा भूमि को किसानों से अधिग्रहण किया जा चुका है। यह भूमि करीब 202 किसानों से खरीदी गई है।
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पिछले एक वर्ष से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत ही धीमी चल रही है। उसकी वजह है कि शेष किसान सर्किल रेट बढ़ाने क मांग कर रहे हैं। किसान इस संबंध में एसडीएम, विधायक से लेकर जिलाधिकारी तक प्रार्थना पत्र देकर सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है। जिससे किसानों में रोष है। हालांकि, प्रशासन के अधिकारी धीरे-धीरे किसानों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। अबतक खरीदी जा चुकी भूमि का भुगतान किसानों के खाते में भेजा जा चुका है।