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दबिश देने गई पुलिस संग पहुंचे लोगों ने की घरों में तोड़फोड़
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 23 May 2016 12:40 AM IST
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गजरौला के वारसाबाद गांव में जबर सिंह के घर में दबिश के दौरान पुलिस के साथ आए दबंगों द्वारा तोड़ा गया दरवाजा दिखाती महिला।
- फोटो : amar ujala
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ग्राम पंचायत वारसाबाद के ग्राम प्रधान के अपहरण के मामले में शनिवार रात दबिश देने गई पुलिस के संग पहुंचे लोगों ने तीन आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ कर डाली। घर में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्रता और लूटपाट किए जाने की भी बात कही जा रही है। इससे ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि, आला अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बता दें कि 13 मई को ग्राम वारसाबाद में ग्राम पंचायत भवन पर राशन कोटे का प्रस्ताव होना था, तबीयत खराब होने से प्रधान सुनील सिंह प्रस्ताव की तिथि एक दिन आगे बढ़ाने की घोषणा करके पड़ोस के गांव फौन्दापुर में अपने मित्र नरेेश के घर चला गया था। आरोप है कि, उसी दौरान बोलेरो से आए कुछ लोग नरेश के घर से ग्राम प्रधान को अगवा कर ले गए थे।
अपहर्ता पांच-छह घंटे बाद प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराकर प्रधान को गजरौला अतरपुरा फ्लाईओवर ब्रिज पर छोड़ गए थे। इस मामले में थाने में पूर्व प्रधान राजवीर और उसके भाई मनोज के अलावा गांव वारसाबाद के प्रमोद, जबर सिंह व प्रकाशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसको लेकर शनिवार देर रात करीब 11 बजे सीओ मोहनलाल पुलिस टीम के साथ गांव वारसाबाद में प्रमोद पुत्र रामपाल, मनोज पुत्र शीशराम, जबर सिंह पुत्र रामस्वरुप के घर पहुंचे थे।
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आरोप है कि पुलिस के साथ गांव के ही प्रधान पक्ष के चार लोग भी थे। सबसे पहले दीवार फांद कर प्रमोद के घर पहुंचे, घर में सिर्फ महिलाएं थीं। इस पर पुलिस के साथ आए गांव के लोगों ने घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। वाशिंग मशीन, कूलर, बाइक तोड़ दी और अलमारी का लॉक तोड़कर सामान बिखेर दिया। अलमारी में रखे 70 हजार रुपये भी लूट लिए। प्रमोद की पत्नी मीनाक्षी और मां अंगूरी देवी ने विरोध किया तो कानों से सोने के कुंडल खींच लिए।
चारपाई पर सो रहे प्रमोद की 105 वर्षीय दादी रामकली को चारपाई से नीचे फेंक दिया। इसके बाद मनोज के घर पहुंचे। घर पर ताला लटका था। मनोज की मां सुनहरी व बहन सुर्मिला घर के पास ही घेर में सो रहीं थीं। दबंगों ने मेनगेट का दरवाजा ही तोड़ दिया, चूल्हा, कुर्सी, मेज आदि तोड़ दिए। शोर शराबा होने पर सुर्मिला ने मौके पर पहुंच कर विरोध किया तो अभद्रता की। कानों से सोने के कुंडल खींच लिए। इसके बाद जबर सिंह के घर पहुंचे।
यहां जबर सिंह के छोटे भाई प्रकाश की विकलांग पचत्नी रीता अपने दो बेटे दीपांशु, पारुल व बेटी कौशल के साथ आंगन में सो रही थी। चारपाई पलट कर सभी को नीचे गिरा दिया। कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। चूल्हा व कीमती फर्नीचर तोड़ दिया और उसके कानों से सोने के कुंडल खींच लिये। इस दौरान गांव में जाग हो गई। इस बीच करीब सवा 12 बजे पुलिस और आरोपी गए।
न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचे लोग
गजरौला। गांव वारसाबाद में अपहरण के तीन आरोपियों के घरों में महिलाओं से अभद्रता और तोड़फोड़ व लूटपाट की घटना से गुस्साए विभिन्न संगठनों व गांवों के लोग थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष उपेंद्र यादव से वार्ता की।
कहा कि पुलिस की दबिश के दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने महिलाओं से अभद्रता और घर में तोड़फोड़ के साथ लूटपाट की है। एसओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रधानाचार्य जीपी सिंह, सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष वेदपाल सिंह, डा. बनारसी सिंह, महेंद्र ठेकेदार, पवन कुमार, यशवीर सिंह, चंद्रप्रकाश, अशोक कुमार, बबलू सिंह, भारत सिंह समेत तमाम गांव के लोग थे।
एक पक्ष ने लगाया जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप
गजरौला। गांव वारसाबाद के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह पुत्र प्रेम सिंह ने थाने में तहरीर दी है। जिसमें उसका कहना है कि ग्राम प्रधान सुनील सिंह के अपहरण के मामले में वह गवाह है। इसके चलते 21 मई की रात करीब 12 बजे उसके मोबाइल पर धमकी भरी कॉल आई थी। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
वारसाबाद के ग्राम प्रधान सुनील के अपहरण के मामले में वह पुलिस के साथ शनिवार की रात दबिश देने गए थे, आरोपी घरों से फरार चल रहे हैं, पुलिस के साथ कोई भी बाहरी या गांव का व्यक्ति नहीं था, बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। - मोहनलाल, सीओ।
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बता दें कि 13 मई को ग्राम वारसाबाद में ग्राम पंचायत भवन पर राशन कोटे का प्रस्ताव होना था, तबीयत खराब होने से प्रधान सुनील सिंह प्रस्ताव की तिथि एक दिन आगे बढ़ाने की घोषणा करके पड़ोस के गांव फौन्दापुर में अपने मित्र नरेेश के घर चला गया था। आरोप है कि, उसी दौरान बोलेरो से आए कुछ लोग नरेश के घर से ग्राम प्रधान को अगवा कर ले गए थे।
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अपहर्ता पांच-छह घंटे बाद प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराकर प्रधान को गजरौला अतरपुरा फ्लाईओवर ब्रिज पर छोड़ गए थे। इस मामले में थाने में पूर्व प्रधान राजवीर और उसके भाई मनोज के अलावा गांव वारसाबाद के प्रमोद, जबर सिंह व प्रकाशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसको लेकर शनिवार देर रात करीब 11 बजे सीओ मोहनलाल पुलिस टीम के साथ गांव वारसाबाद में प्रमोद पुत्र रामपाल, मनोज पुत्र शीशराम, जबर सिंह पुत्र रामस्वरुप के घर पहुंचे थे।
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आरोप है कि पुलिस के साथ गांव के ही प्रधान पक्ष के चार लोग भी थे। सबसे पहले दीवार फांद कर प्रमोद के घर पहुंचे, घर में सिर्फ महिलाएं थीं। इस पर पुलिस के साथ आए गांव के लोगों ने घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। वाशिंग मशीन, कूलर, बाइक तोड़ दी और अलमारी का लॉक तोड़कर सामान बिखेर दिया। अलमारी में रखे 70 हजार रुपये भी लूट लिए। प्रमोद की पत्नी मीनाक्षी और मां अंगूरी देवी ने विरोध किया तो कानों से सोने के कुंडल खींच लिए।
चारपाई पर सो रहे प्रमोद की 105 वर्षीय दादी रामकली को चारपाई से नीचे फेंक दिया। इसके बाद मनोज के घर पहुंचे। घर पर ताला लटका था। मनोज की मां सुनहरी व बहन सुर्मिला घर के पास ही घेर में सो रहीं थीं। दबंगों ने मेनगेट का दरवाजा ही तोड़ दिया, चूल्हा, कुर्सी, मेज आदि तोड़ दिए। शोर शराबा होने पर सुर्मिला ने मौके पर पहुंच कर विरोध किया तो अभद्रता की। कानों से सोने के कुंडल खींच लिए। इसके बाद जबर सिंह के घर पहुंचे।
यहां जबर सिंह के छोटे भाई प्रकाश की विकलांग पचत्नी रीता अपने दो बेटे दीपांशु, पारुल व बेटी कौशल के साथ आंगन में सो रही थी। चारपाई पलट कर सभी को नीचे गिरा दिया। कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। चूल्हा व कीमती फर्नीचर तोड़ दिया और उसके कानों से सोने के कुंडल खींच लिये। इस दौरान गांव में जाग हो गई। इस बीच करीब सवा 12 बजे पुलिस और आरोपी गए।
न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचे लोग
गजरौला। गांव वारसाबाद में अपहरण के तीन आरोपियों के घरों में महिलाओं से अभद्रता और तोड़फोड़ व लूटपाट की घटना से गुस्साए विभिन्न संगठनों व गांवों के लोग थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष उपेंद्र यादव से वार्ता की।
कहा कि पुलिस की दबिश के दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने महिलाओं से अभद्रता और घर में तोड़फोड़ के साथ लूटपाट की है। एसओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रधानाचार्य जीपी सिंह, सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष वेदपाल सिंह, डा. बनारसी सिंह, महेंद्र ठेकेदार, पवन कुमार, यशवीर सिंह, चंद्रप्रकाश, अशोक कुमार, बबलू सिंह, भारत सिंह समेत तमाम गांव के लोग थे।
एक पक्ष ने लगाया जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप
गजरौला। गांव वारसाबाद के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह पुत्र प्रेम सिंह ने थाने में तहरीर दी है। जिसमें उसका कहना है कि ग्राम प्रधान सुनील सिंह के अपहरण के मामले में वह गवाह है। इसके चलते 21 मई की रात करीब 12 बजे उसके मोबाइल पर धमकी भरी कॉल आई थी। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
वारसाबाद के ग्राम प्रधान सुनील के अपहरण के मामले में वह पुलिस के साथ शनिवार की रात दबिश देने गए थे, आरोपी घरों से फरार चल रहे हैं, पुलिस के साथ कोई भी बाहरी या गांव का व्यक्ति नहीं था, बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। - मोहनलाल, सीओ।