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Amroha News: टीबी को लेकर जिले में 282 गांव हाईरिस्क, जांच के लिए लगाए जाएंगे कैंप

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2026 02:53 AM IST
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282 villages in the district are at high risk for TB, camps will be set up for testing.
अमरोहा। जिले में टीबी (क्षय रोग) के बढ़ते मामले को लेकर 282 गांवों को हाई रिस्क की श्रेणी में रखा गया है। इन गांवों में कैंप लगाकर संदिग्ध लोगों की जांच कराई जाएगी और टीबी मिलने पर उपचार शुरू कराया जाएगा। हालांकि मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक जनपद में 366 टीबी के नए मरीज मिले हैं। इनका भी उपचार कराया जा रहा है।
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टीबी के मामलों में बढ़ोतरी स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन रही है। जनपद में कई ग्राम पंचायत टीबी मुक्त भी हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी टीबी पर नियंत्रण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पोर्टेबल मशीनों से संदिग्ध लोगों की जांच कराई जा रही है। इसमें वह लोग शामिल हैं जिनको एक सप्ताह से लगातार खांसी और बार-बार बुखार आ रहा है। इनमें से किसी भी व्यक्ति में टीबी के लक्षण मिलने पर उसका उपचार कराया जाएगा।
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विभाग के चिकित्सकों के अनुसार मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक टीबी के 366 नए मरीज चिन्हित हुए हैं, जिसके बाद विभाग ने 282 गांवों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा है। इन गांवों में विशेष कैंप लगाकर पोर्टेबल मशीनों से संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी, ताकि समय रहते रोग की पहचान और उपचार संभव हो सके। तहसीलवार आंकड़ों में अमरोहा में 102, हसनपुर में 94 और धनौरा क्षेत्र में 85 गांव शामिल हैं। फिलहाल जिले में 2518 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में कैंप लगाकर संदिग्ध लोगों की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग टीबी की दवाई खा रहे हैं। उनको अपना पूरा कोर्स करना चाहिए। बीच में दवाई छोड़ने से ज्यादा परेशानी होती है।
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अब टीबी लाइलाज नहीं
सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि अब टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। सभी सरकारी अस्पतालों में इसका फ्री में उपचार किया जा रहा है। सरकार की तरफ से पौष्टिक आहार के लिए पैसे भी दिए जाते हैं। इसलिए अगर किसी को टीबी है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। समय से अपना उपचार शुरू कराएं और नियमित रूप से दवा का सेवन करने से मरीज ठीक हो जाता है। जिले में कई ग्राम पंचायत टीबी मुक्त हो चुकी है।
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