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मजदूर के बैंक खाते में पहुंचे 23 लाख करोड़, बढ़ गई धड़कन
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:53 PM IST
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- फोटो : ani
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हसनपुर शहर के मोहल्ला झकड़ी अड्डा निवासी एक मजदूर के बैंक खाते में 23 लाख करोड़ रूपए पहुंचने का मैसेज मोबाइल पर प्राप्त हुआ, तो मजदूर के होश उड़ गए। संबंधित बैंक से जानकारी मांगी गई तो कोई संतोषजनक जबाव देने की बजाए टरका दिया गया।
मजदूर का कहना है कि बैंक कर्मियों ने उससे मैसेज डिलीट करने को भी कहा था। 100 नंबर पर शिकायत करने पर भी कोई हल नहीं निकला। बैंक खाते में इतनी बड़ी धनराशि पहुंचने की जानकारी से लोगों में हड़कंप मच गया।
शहर के झकड़ी अड्डा निवासी ओमकार गोस्वामी पुत्र गंगाराम गोस्वामी गजरौला की जेके फैक्ट्री में मजदूरी करता है। ओमकार के मुताबिक उसका बैंक खाता हसनपुर की मंडी समिति प्रथमा बैंक की शाखा में है। करीब आठ माह पहले उसने अपने प्लाट पर मकान बनवाने के लिए दो लाख का लोन कराया था। लोन की 35 सौ रूपए प्रति माह किस्त जमा की जाती है।
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बताया कि बैंक द्वारा अभी तक लोन वाले खाते की पासबुक भी नहीं दी गई है। 12 जनवरी की दोपहर को मोबाइल पर एक मैसेज प्राप्त हुआ। जिसमें लिखा था कि लोन वाले खाते में 2314885530818453.536 रूपए पहुंचे हैं। मैसेज पढ़कर ओमकार के होश उड़ गए।
बैंक में जाकर जानकारी की गई, तो बैंक कर्मियों ने उससे मैसेज डिलीट करने की बात कहकर टरका दिया। जब खाता धारक ने पासबुक में एंट्री कराने की बात कही तो दस दिन बाद बैंक में आने के लिए कह दिया गया। इस पर ओमकार ने 100 नंबर डायल कर शिकायत भी की, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। ओमकार को शक है कि कहीं कालाधन छुपाने को तो यह रकम खाते में नहीं डाली गई है। खाताधारक ने जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
किसी के बैंक खाते में इतनी बड़ी रकम पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएंगी। किसी भी ग्राहक को कर्मी द्वारा बैंक से नहीं टरकाया जाता है। विपिन कुमार, शाखा प्रबंधक
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मजदूर का कहना है कि बैंक कर्मियों ने उससे मैसेज डिलीट करने को भी कहा था। 100 नंबर पर शिकायत करने पर भी कोई हल नहीं निकला। बैंक खाते में इतनी बड़ी धनराशि पहुंचने की जानकारी से लोगों में हड़कंप मच गया।
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शहर के झकड़ी अड्डा निवासी ओमकार गोस्वामी पुत्र गंगाराम गोस्वामी गजरौला की जेके फैक्ट्री में मजदूरी करता है। ओमकार के मुताबिक उसका बैंक खाता हसनपुर की मंडी समिति प्रथमा बैंक की शाखा में है। करीब आठ माह पहले उसने अपने प्लाट पर मकान बनवाने के लिए दो लाख का लोन कराया था। लोन की 35 सौ रूपए प्रति माह किस्त जमा की जाती है।
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बताया कि बैंक द्वारा अभी तक लोन वाले खाते की पासबुक भी नहीं दी गई है। 12 जनवरी की दोपहर को मोबाइल पर एक मैसेज प्राप्त हुआ। जिसमें लिखा था कि लोन वाले खाते में 2314885530818453.536 रूपए पहुंचे हैं। मैसेज पढ़कर ओमकार के होश उड़ गए।
बैंक में जाकर जानकारी की गई, तो बैंक कर्मियों ने उससे मैसेज डिलीट करने की बात कहकर टरका दिया। जब खाता धारक ने पासबुक में एंट्री कराने की बात कही तो दस दिन बाद बैंक में आने के लिए कह दिया गया। इस पर ओमकार ने 100 नंबर डायल कर शिकायत भी की, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। ओमकार को शक है कि कहीं कालाधन छुपाने को तो यह रकम खाते में नहीं डाली गई है। खाताधारक ने जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।
किसी के बैंक खाते में इतनी बड़ी रकम पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएंगी। किसी भी ग्राहक को कर्मी द्वारा बैंक से नहीं टरकाया जाता है। विपिन कुमार, शाखा प्रबंधक