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बैंकों में हड़ताल से 20 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 03 Sep 2016 01:01 AM IST
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हड़ताल पर रहे कई यूनियन
- फोटो : Amar Ujala
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सातवें वेतन आयोग में कर्मचारी विरोधी नीतियों पर राज्य कर्मचारियों ने अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आज हड़ताल रखी, जिससे बैंकों में जहां 20 करोड़ रुपए का लेनदेन प्रभावित हुआ वहीं यातायात से लेकर टेलीफोन व्यवस्था तक अस्त व्यस्त रही। बैंकों पर ताला लटके होने की वजह से ग्राहक भी मायूस होकर लौट गए। वाहनों के लिए भी लोग इधर उधर भटकते दिखे।
शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे रोज की तरह कर्मचारी ओरियंटल व अन्य बैंक पहुंचे। महासंघ द्वारा की जा रही हड़ताल का समर्थन करने वाली बैंकों के कर्मचारियों ने कुछ देर बाद ही उनमें ताला डाल दिया और चले गए। दिन भर बैंक पूरी तरह बंद रहे, जिसकी वजह से करीब 20 करोड़ रुपए के लेनदेन पर प्रभाव पड़ा। इसके अलावा एसबीआई, प्रथमा, सिंडीकेट आदि बैंक हड़ताल में शामिल नहीं हुईं।
उधर रोडवेज बस की एक यूनियन ने हड़ताल रखी। जहां पर दूसरी ने विरोध किया। इससे वहां पर मारपीट तक हो गई। तत्पश्चात काफी देर तक बसों का संचालन बंद रहा। दिन भर अधिकांश बसें अड्डे पर खड़ी रहीं। इसके अलावा टेलीफोन की व्यवस्थाएं भी कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण बाधित हुईं। तकनीकी खराबियों को आज दूर नहीं किया जा सका, जिसके चलते उपभोक्ता परेशान दिखे।
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शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे रोज की तरह कर्मचारी ओरियंटल व अन्य बैंक पहुंचे। महासंघ द्वारा की जा रही हड़ताल का समर्थन करने वाली बैंकों के कर्मचारियों ने कुछ देर बाद ही उनमें ताला डाल दिया और चले गए। दिन भर बैंक पूरी तरह बंद रहे, जिसकी वजह से करीब 20 करोड़ रुपए के लेनदेन पर प्रभाव पड़ा। इसके अलावा एसबीआई, प्रथमा, सिंडीकेट आदि बैंक हड़ताल में शामिल नहीं हुईं।
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उधर रोडवेज बस की एक यूनियन ने हड़ताल रखी। जहां पर दूसरी ने विरोध किया। इससे वहां पर मारपीट तक हो गई। तत्पश्चात काफी देर तक बसों का संचालन बंद रहा। दिन भर अधिकांश बसें अड्डे पर खड़ी रहीं। इसके अलावा टेलीफोन की व्यवस्थाएं भी कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण बाधित हुईं। तकनीकी खराबियों को आज दूर नहीं किया जा सका, जिसके चलते उपभोक्ता परेशान दिखे।
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