{"_id":"60a559768ebc3e6e7e646d26","slug":"2-142-metric-tons-of-wheat-drenched-in-rain-tarpaulin-did-not-work-to-save-jpnagar-news-mbd3895143192","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से भीगा 2,142 मीट्रिक टन गेहूं, तिरपाल से बचाना नहीं आया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से भीगा 2,142 मीट्रिक टन गेहूं, तिरपाल से बचाना नहीं आया काम
विज्ञापन
अमरोहा। जिसका अंदेशा था वही हुआ। बुधवार को हुई बारिश में क्रय केंद्रों पर खुले में रखा गया गया 2,142 मीट्रिक टन गेहूं भीग गया। हालांकि पॉलिथीन और तिरपाल से उसको भीगने से बचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन कवायद कारगर साबित नहीं हुई। इसके बाद भी अधिकारी ज्यादा नुकसान की बात नहीं कह रहे हैं।
जिले में गेहूं की खरीद हो रही है। अब तक कुल 14,417 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, लेकिन क्रय केंद्रों से 12,275 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हुआ है, इसके चलते अभी 2,142 मीट्रिक टन गेहूं क्रय केंद्रों में आसमान के तले रखा हुआ है। बुधवार को दिन भर हुई बारिश से खुले में रखा गेहूं भीग गया। क्रय केंद्रों के गेहूं को तिरपाल से बचाने की कवायद कारगर नहीं हो सकी है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 41 क्रय केंद्र से खरीदारी चल रही है। अब तक कुल 14,417 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई है, जिसमें भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में 12,275 मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण हो सका है। बुधवार को बारिश हुई। इसके चलते गांधी मूर्ति-टीपी नगर चौराहे के क्रय केंद्र में खुले में गेहूं भीगने तो इसको बचाने के लिए तिरपाल से ढकने की कोशिश हुई, लेकिन शाम को बारिश की गति तेज हो गई। जिसके बाद विभाग की गेहूं बचाने की कवायद फेल हो गई। सर्वाधिक गेहूं पीसीएफ के 31 क्रय केंद्रों में कुल 1,560 मीट्रिक टन हैं। इसके बाद हसनपुर प्रथम के गोदाम में 126 मीट्रिक टन गेहूं है।
विज्ञापन
क्रय केंद्रों में कुल 2,142 मीट्रिक टन गेहूं है। बारिश से बचाव के लिए गेहूं को ढका गया है। गेहूं को बचाने के लिए कोशिश की जा रही है। इस बीच गेहूं का उठान शुरू हो गया है। जल्द ही सभी गेहूं को एफसीआई के गोदाम में रख दिया जाएगा। सुभाष मैथानी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन
जिले में गेहूं की खरीद हो रही है। अब तक कुल 14,417 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, लेकिन क्रय केंद्रों से 12,275 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हुआ है, इसके चलते अभी 2,142 मीट्रिक टन गेहूं क्रय केंद्रों में आसमान के तले रखा हुआ है। बुधवार को दिन भर हुई बारिश से खुले में रखा गेहूं भीग गया। क्रय केंद्रों के गेहूं को तिरपाल से बचाने की कवायद कारगर नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
जिले में गेहूं खरीद के लिए 41 क्रय केंद्र से खरीदारी चल रही है। अब तक कुल 14,417 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई है, जिसमें भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में 12,275 मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण हो सका है। बुधवार को बारिश हुई। इसके चलते गांधी मूर्ति-टीपी नगर चौराहे के क्रय केंद्र में खुले में गेहूं भीगने तो इसको बचाने के लिए तिरपाल से ढकने की कोशिश हुई, लेकिन शाम को बारिश की गति तेज हो गई। जिसके बाद विभाग की गेहूं बचाने की कवायद फेल हो गई। सर्वाधिक गेहूं पीसीएफ के 31 क्रय केंद्रों में कुल 1,560 मीट्रिक टन हैं। इसके बाद हसनपुर प्रथम के गोदाम में 126 मीट्रिक टन गेहूं है।
विज्ञापन
क्रय केंद्रों में कुल 2,142 मीट्रिक टन गेहूं है। बारिश से बचाव के लिए गेहूं को ढका गया है। गेहूं को बचाने के लिए कोशिश की जा रही है। इस बीच गेहूं का उठान शुरू हो गया है। जल्द ही सभी गेहूं को एफसीआई के गोदाम में रख दिया जाएगा। सुभाष मैथानी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी