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ठोकर को कटान से बचाने के लिए शुरु हुआ कार्य
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:06 AM IST
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गजरौला। गंगा के उफान में उतार और चढ़ाव खेतों का कटान कर रहा है। कटान सिहाली मेव में ठोकर नंबर पांच तक जा पहुंचा था। जिसे बचाने के लिए शुक्रवार को काम शुरू कर दिया। बाढ़ नियंत्रण ने मिट्टी से भरे कट्टे ठोकर के पास लगवाए। वहीं गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.90 मीटर दर्ज किया गया जबकि, गुरुवार को 200 मीटर था। ब्रजघाट में जलस्तर 198.15 मीटर रहा। उधर शुक्रवार को बिजनौर से 107398 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रोजाना घट बढ़ रहे पानी ने खेतों का कटान शुरू कर दिया है। उधर, सिहाली मेव के पास ठोकर नंबर पांच तक पानी पहुंच गया था। ठोकर कटती देख बाढ़ नियंत्रण ने आनन फानन काम शुरू कर दिया। मिट्टी भरकर कट्टों को ठोकर के पास लगाया जाता रहा। गौरतलब है कि ठोकर ही खेतों के कटान को रोकती है। अगर ठोकर कट जाती तो गंगा का पानी दूर तक कटान की मार करता है। ऐसे में किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींची हुई है। हर रोज थोड़ा थोड़ा करके खेत गंगा में समा रहे है। सिहाली मेव में कई किसानों के खेत कट रहे हैं।
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शुक्रवार को तिगरी में गंगा का जलस्तर 199.90 मीटर दर्ज किया गया जबकि, गुरुवार को 200 मीटर था। ब्रजघाट में जलस्तर 198.15 मीटर रहा। उधर शुक्रवार को बिजनौर से 107398 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रोजाना घट बढ़ रहे पानी ने खेतों का कटान शुरू कर दिया है। उधर, सिहाली मेव के पास ठोकर नंबर पांच तक पानी पहुंच गया था। ठोकर कटती देख बाढ़ नियंत्रण ने आनन फानन काम शुरू कर दिया। मिट्टी भरकर कट्टों को ठोकर के पास लगाया जाता रहा। गौरतलब है कि ठोकर ही खेतों के कटान को रोकती है। अगर ठोकर कट जाती तो गंगा का पानी दूर तक कटान की मार करता है। ऐसे में किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींची हुई है। हर रोज थोड़ा थोड़ा करके खेत गंगा में समा रहे है। सिहाली मेव में कई किसानों के खेत कट रहे हैं।
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