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शनैश्चरी अमावस्या पर स्थान आज, ब्रजघाट पर लग सकता है जाम
Updated Sat, 24 Jun 2017 02:23 AM IST
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तिगरी गंगा धाम पर भी स्नान को उमड़ेंगे श्रद्धालु, जाम से निपटने को पुलिस ने हाईवे के अवैध कट कराए बंद
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
शनिवार को आषाढ माह के आगमन पर शनैश्चरी अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। ब्रजघाट गंगा पर जाम लग सकता है। जाम से निजात के लिए शुक्रवार शाम से ही हाईवे के कटों को बंद कर दिया गया है। साथ ही भक्तों की सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
आषाढ़ माह में शनैश्चरी अमावस्या पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु ब्रजघाट गंगा में स्नान करते हैं। इसके लिए मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, संभल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित वेस्टर्न यूपी के दूरस्थ जनपदों से श्रद्धालु में स्नान के लिए उमड़ते हैं। जानकारों के मुताबिक आषाण माह की पहली अमावस्या पर गंगा में स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र दान करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल के भागीदार बनते हैं। शुक्रवार देर शाम से ही श्रद्घालु ब्रजघाट पहुंचने शुरू हो गए। शनिवार तड़के चार बजे तक गंगाघाट श्रद्घालुओं से खचाखच भर गया था। ब्रजघाट पर अपराध नियंत्रण के लिए सादी वर्दी में पुलिस तैनात रहेगी। शनैश्चरी अमावस्या पर ब्रजघाट और तिगरी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने से एनएच-24 और तिगरी मार्ग पर जाम लगने की भी आशंका है। एनएच-24 पर जाम के झाम से निपटने के लिए गढ़मुक्तेश्वर पुलिस और गजरौला पुलिस ने पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं।
तो इसलिए खास है शनैश्चरी अमावस्या
गजरौला। शनिवार के दिन पड़ने की वजह से इसे शनि अमावस्या या शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। ब्रजघाट अमृत परिसर मंदिर के पुजारी शिव मूर्ति पांडेय के मुताबिक शनिवार को पड़ने वाली इस अमावस के दिन गंगा में स्नान व दान करने से अक्षय फल मिलते हैं। माना जाता है कि जब अमावस शनिवार को पड़ती है, तो तीर्थ पर स्नान करने से बड़े से बड़ा पाप धुल जाता है, इस बार शनैश्चरी अमावस्या होना इसलिए भी खास है, क्योंकि यह संयोग 10 साल बाद बना है। इससे पहले साल 2007 में अमावस्या शनिवार के दिन पड़ी थी। शनि ग्रह को सीमा ग्रह भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता के अनुसार जहां पर सूर्य का प्रभाव खत्म हो जाता है वहीं से शनि का प्रभाव शुरू होता है।
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इस दिन दान करने का विशेष महत्व
* मान्यता है कि इस दिन पितरों के नाम पर काले कपड़े दान करने चाहिए।
* काले रंग की खाने की चीजें भी दान करने को अच्छा माना गया है।
* मान्यता है कि शनि की धातु लोहा है, यही वजह है कि लोहे के साथ अनाज दान करने से शनिदेव खुश होते हैं।
* शनिवार को चना और उड़द की दाल का दान करने की भी मान्यता है।
अमावस्या पर ब्रजघाट पर स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांति व्यवस्था के सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। हाईवे पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। हाईवे पर बने सभी कटों को बंद करवा दिया गया। अपराध नियंत्रण के लिए सादी वर्दी में पुलिस तैनात रहेगी। ब्रजघाट पर डग्गामार वाहनों का जमघट नहीं लगने दिया जाएगा।
- जगवीर सिंह चौहान, सीओ धनौरा।
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
शनिवार को आषाढ माह के आगमन पर शनैश्चरी अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। ब्रजघाट गंगा पर जाम लग सकता है। जाम से निजात के लिए शुक्रवार शाम से ही हाईवे के कटों को बंद कर दिया गया है। साथ ही भक्तों की सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
आषाढ़ माह में शनैश्चरी अमावस्या पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु ब्रजघाट गंगा में स्नान करते हैं। इसके लिए मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, संभल, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान सहित वेस्टर्न यूपी के दूरस्थ जनपदों से श्रद्धालु में स्नान के लिए उमड़ते हैं। जानकारों के मुताबिक आषाण माह की पहली अमावस्या पर गंगा में स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र दान करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल के भागीदार बनते हैं। शुक्रवार देर शाम से ही श्रद्घालु ब्रजघाट पहुंचने शुरू हो गए। शनिवार तड़के चार बजे तक गंगाघाट श्रद्घालुओं से खचाखच भर गया था। ब्रजघाट पर अपराध नियंत्रण के लिए सादी वर्दी में पुलिस तैनात रहेगी। शनैश्चरी अमावस्या पर ब्रजघाट और तिगरी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने से एनएच-24 और तिगरी मार्ग पर जाम लगने की भी आशंका है। एनएच-24 पर जाम के झाम से निपटने के लिए गढ़मुक्तेश्वर पुलिस और गजरौला पुलिस ने पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं।
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तो इसलिए खास है शनैश्चरी अमावस्या
गजरौला। शनिवार के दिन पड़ने की वजह से इसे शनि अमावस्या या शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। ब्रजघाट अमृत परिसर मंदिर के पुजारी शिव मूर्ति पांडेय के मुताबिक शनिवार को पड़ने वाली इस अमावस के दिन गंगा में स्नान व दान करने से अक्षय फल मिलते हैं। माना जाता है कि जब अमावस शनिवार को पड़ती है, तो तीर्थ पर स्नान करने से बड़े से बड़ा पाप धुल जाता है, इस बार शनैश्चरी अमावस्या होना इसलिए भी खास है, क्योंकि यह संयोग 10 साल बाद बना है। इससे पहले साल 2007 में अमावस्या शनिवार के दिन पड़ी थी। शनि ग्रह को सीमा ग्रह भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता के अनुसार जहां पर सूर्य का प्रभाव खत्म हो जाता है वहीं से शनि का प्रभाव शुरू होता है।
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इस दिन दान करने का विशेष महत्व
* मान्यता है कि इस दिन पितरों के नाम पर काले कपड़े दान करने चाहिए।
* काले रंग की खाने की चीजें भी दान करने को अच्छा माना गया है।
* मान्यता है कि शनि की धातु लोहा है, यही वजह है कि लोहे के साथ अनाज दान करने से शनिदेव खुश होते हैं।
* शनिवार को चना और उड़द की दाल का दान करने की भी मान्यता है।
अमावस्या पर ब्रजघाट पर स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांति व्यवस्था के सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। हाईवे पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। हाईवे पर बने सभी कटों को बंद करवा दिया गया। अपराध नियंत्रण के लिए सादी वर्दी में पुलिस तैनात रहेगी। ब्रजघाट पर डग्गामार वाहनों का जमघट नहीं लगने दिया जाएगा।
- जगवीर सिंह चौहान, सीओ धनौरा।