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अस्पताल और मरीज के बीच बाढ़ के पानी ने बढाई दूरी
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:40 AM IST
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गजरौला। खादर में बढ़ते मर्ज और अस्पताल के बीच पानी ने दूरी बना दी है। बिना नाव में सवार हुए अस्पताल तक नहीं पहुंचा जा सकता है। इन दिनों नाव से मरीजों को ढोने का ही काम हो रहा है।
खादर में बसा गांव दारानगर इन दिनों बीमार है। पूरा का पूरा गांव बुखार से जूझ रहा है। ऐसे में अस्पताल और गांव के बीच रामगंगा पोषक नहर ने फासला बढ़ा दिया है। गांव से निकलकर करीब एक किलोमीटर चलते ही रामगंगा पोषक नहर आ जाती है। जिसमें एक नाव खूंटे से बंधी है। गुरुवार को करीब एक बजे रामगंगा के तट पर खड़ी नाव में पार उतरने के लिए दो किशोर, एक बुजुर्ग और एक महिला आई। पूछने पर मालूम हुआ कि सभी के सभी दवाई लेने के लिए पड़ोस के कस्बे में गए थे। लौटते वक्त नाव में सवार होकर गांव जाना है। ऐसा गांव के सभी लोगों के साथ हो रहा है। इन दिनों केवल दवाई लेने के लिए ही पार आना जाना पड़ रहा है। बूढ़ा हो या बच्चा सभी नाव चलाना जानते हैं। मुद्दे की बात करें तो बाढ़ का पानी होने के कारण गांव वालों का पूरा दिन ही आने जाने में गुजर जाता है। अगर एक मरीज सुबह दवाई लेने के लिए निकलता है तो शाम होने तक ही लौट पाता है।
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खादर में बसा गांव दारानगर इन दिनों बीमार है। पूरा का पूरा गांव बुखार से जूझ रहा है। ऐसे में अस्पताल और गांव के बीच रामगंगा पोषक नहर ने फासला बढ़ा दिया है। गांव से निकलकर करीब एक किलोमीटर चलते ही रामगंगा पोषक नहर आ जाती है। जिसमें एक नाव खूंटे से बंधी है। गुरुवार को करीब एक बजे रामगंगा के तट पर खड़ी नाव में पार उतरने के लिए दो किशोर, एक बुजुर्ग और एक महिला आई। पूछने पर मालूम हुआ कि सभी के सभी दवाई लेने के लिए पड़ोस के कस्बे में गए थे। लौटते वक्त नाव में सवार होकर गांव जाना है। ऐसा गांव के सभी लोगों के साथ हो रहा है। इन दिनों केवल दवाई लेने के लिए ही पार आना जाना पड़ रहा है। बूढ़ा हो या बच्चा सभी नाव चलाना जानते हैं। मुद्दे की बात करें तो बाढ़ का पानी होने के कारण गांव वालों का पूरा दिन ही आने जाने में गुजर जाता है। अगर एक मरीज सुबह दवाई लेने के लिए निकलता है तो शाम होने तक ही लौट पाता है।
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