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गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:54 AM IST
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गजरौला। गंगा में जलस्तर गिरावट जारी है। लेकिन, बहाव में अभी भी तेजी बनी हुई है। खेतों में गंगा का पानी अभी भी खड़ा हुआ है। तिगरी में दस सेमी की गिरावट के साथ 199.80 और ब्रजघाट में 198.20 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है।
शनिवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट लगातार चौथे दिन भी जारी रही। तिगरी में जलस्तर दौ सौ का आंकड़ा पार कर गया था। उधर पहाड़ पर बारिश थमी तो जलस्तर नीचे खिसकना शुरु हो गया है। खादर के ग्रामीणों की मानें तो यह बेहद मामूली कमी है। गंगा का बहाव अभी भी काफी तेज बना हुआ है जोकि, ग्रामीणों के लिए खतरें की घंटी से कम नहीं है। आर पार जाने वाले ग्रामीणों की जान जोखिम हैं। इसके अलावा जलस्तर के बढ़ने से खेतों में घुसा हुआ पानी जस का तस बना हुआ है। अगर ज्यादा दिनों तक पानी खेतों में खड़ा रहा तो फसलें चौपट होने का अंदेशा है। खादर में धान की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। वहीं चारे का संकट खादर में पशुपालकों को परेशानी में डाल रहा है। कई कई फीट पानी से होकर लोग चारा लाने को मजबूर हैं। उधर शनिवार को बिजनौर से 67299 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ब्रजघाट में खतरे का निशान 199.34 और तिगरी में 202 पर लगा हुआ है। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर ने जलस्तर की पुष्टि की।
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शनिवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट लगातार चौथे दिन भी जारी रही। तिगरी में जलस्तर दौ सौ का आंकड़ा पार कर गया था। उधर पहाड़ पर बारिश थमी तो जलस्तर नीचे खिसकना शुरु हो गया है। खादर के ग्रामीणों की मानें तो यह बेहद मामूली कमी है। गंगा का बहाव अभी भी काफी तेज बना हुआ है जोकि, ग्रामीणों के लिए खतरें की घंटी से कम नहीं है। आर पार जाने वाले ग्रामीणों की जान जोखिम हैं। इसके अलावा जलस्तर के बढ़ने से खेतों में घुसा हुआ पानी जस का तस बना हुआ है। अगर ज्यादा दिनों तक पानी खेतों में खड़ा रहा तो फसलें चौपट होने का अंदेशा है। खादर में धान की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। वहीं चारे का संकट खादर में पशुपालकों को परेशानी में डाल रहा है। कई कई फीट पानी से होकर लोग चारा लाने को मजबूर हैं। उधर शनिवार को बिजनौर से 67299 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ब्रजघाट में खतरे का निशान 199.34 और तिगरी में 202 पर लगा हुआ है। बाढ़ नियंत्रण के जेई रणधीर ने जलस्तर की पुष्टि की।
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