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कांकाठेर में शिवलिंग पर बिराजे नाग देखने को लगी भीड़
Updated Thu, 13 Jul 2017 02:11 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
सावन के माह में शिवलिंग पर अचानक कहीं से आकर नाग बैठ गया। इतना ही नहीं दूध भी पीने लगा। फन फैलाए बैठे नाग की सूचना जब क्षेत्र में पहुंची तो लोगों की भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने नाग की पूजा करना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि नाग भगवान शिव के गले की शोभा बढ़ाता है। सावन का माह भगवान शिव के पूजन का माह है, इसलिए नाग देवता ने दर्शन दिए हैं।
क्षेत्र के गांव कांकाठेर में चामुंडा मंदिर में शिवलिंग बने हुए हैं। बुधवार सुबह अचानक शिवलिंग के पास काला नाग दिखाई दिया। वह फन फैलाए बैठा था। यह देख लोगोें ने सूचना फैला दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जिसे भी शिवलिंग पर नाग बैठे होने की खबर मिलती रही। वह मौके की ओर दौड़ने लगा। श्रद्धालुओं ने सावन माह में शिवलिंग पर नाग बैठने की बात को शुभ मानते हुए पूजा अर्चना शुरू कर दी। दूध पिलाने के लिए रखा, तो नाग ने दूध पीना भी शुरू कर दिया।
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गजरौला।
सावन के माह में शिवलिंग पर अचानक कहीं से आकर नाग बैठ गया। इतना ही नहीं दूध भी पीने लगा। फन फैलाए बैठे नाग की सूचना जब क्षेत्र में पहुंची तो लोगों की भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं ने नाग की पूजा करना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि नाग भगवान शिव के गले की शोभा बढ़ाता है। सावन का माह भगवान शिव के पूजन का माह है, इसलिए नाग देवता ने दर्शन दिए हैं।
क्षेत्र के गांव कांकाठेर में चामुंडा मंदिर में शिवलिंग बने हुए हैं। बुधवार सुबह अचानक शिवलिंग के पास काला नाग दिखाई दिया। वह फन फैलाए बैठा था। यह देख लोगोें ने सूचना फैला दी। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जिसे भी शिवलिंग पर नाग बैठे होने की खबर मिलती रही। वह मौके की ओर दौड़ने लगा। श्रद्धालुओं ने सावन माह में शिवलिंग पर नाग बैठने की बात को शुभ मानते हुए पूजा अर्चना शुरू कर दी। दूध पिलाने के लिए रखा, तो नाग ने दूध पीना भी शुरू कर दिया।
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