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पहाड़ों पर बरसात से खादर क्षेत्र के गांवों में दहशत
Updated Tue, 11 Jul 2017 02:23 AM IST
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गंगा का जलस्तर बढ़ा, हरिद्वार व बिजनौर बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
पिछले दस दिन में गंगा में छोड़ा जा चुका 6.22 लाख क्यूसेक पानी
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाको में लगातार झमाझम बारिश होने से खादर क्षेत्र व मैदानी इलाकों के लोगों में दहशत का माहौल हो गया। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी होने के साथ बिजनौर व हरिद्वार बैराज से पिछले दस दिनों में 6.22 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने की खबर ने गंगा किनारे के किसानों की बैचेनी बढ़ा दी है। हालांकि गंगा खतरे के निशान से अभी नीचे है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तहर से सतर्क है।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का सिलसिला जारी है। दो दिन पहले तिगरी गंगा का जलस्तर दो सौ गेज मीटर तक पहुंच गया था। इससे खादर क्षेत्र के किसानों में बैचेनी बढ़ गई थी। लेकिन रविवार व सोमवार को गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से गंगा किनारे बसे लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन सोमवार को हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में करीब 65 हजार क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया। जिसका असर मैदानी इलाकों में मंगलवार को देखा जा सकता है।
शनिवार को ब्रजघाट में 199.60 गेेज मीटर व 200.00 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। गंगा में जल स्तर बढ़ने से तटों पर स्थित झोपड़ियों में रहने वाले पुरोहित व दुकानदार पूरी तरह से पीछे हट गए हैं। लेकिन रविवार व सोमवार को को गंगा के जलस्तर में कोई खास बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं की गई। जबकि जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से काफी नीचे है। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए लगातार तटबंधन का कार्य कराया जा रहा है। तटों पर मिट्टी के बोरे रखवाकर कटान की स्थिति निपटने की तैयारी की जा रही है।
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तिगरी बाढ़ खंड जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दो दिन से गिरावट दर्ज की गई, लेकिन मंगलवार को जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो सकती है। हालांकि गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे बह रह रही है।
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पिछले दस दिन में गंगा में छोड़ा जा चुका 6.22 लाख क्यूसेक पानी
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाको में लगातार झमाझम बारिश होने से खादर क्षेत्र व मैदानी इलाकों के लोगों में दहशत का माहौल हो गया। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी होने के साथ बिजनौर व हरिद्वार बैराज से पिछले दस दिनों में 6.22 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने की खबर ने गंगा किनारे के किसानों की बैचेनी बढ़ा दी है। हालांकि गंगा खतरे के निशान से अभी नीचे है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तहर से सतर्क है।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का सिलसिला जारी है। दो दिन पहले तिगरी गंगा का जलस्तर दो सौ गेज मीटर तक पहुंच गया था। इससे खादर क्षेत्र के किसानों में बैचेनी बढ़ गई थी। लेकिन रविवार व सोमवार को गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट से गंगा किनारे बसे लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन सोमवार को हरिद्वार व बिजनौर बैराज से गंगा में करीब 65 हजार क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया। जिसका असर मैदानी इलाकों में मंगलवार को देखा जा सकता है।
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शनिवार को ब्रजघाट में 199.60 गेेज मीटर व 200.00 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। गंगा में जल स्तर बढ़ने से तटों पर स्थित झोपड़ियों में रहने वाले पुरोहित व दुकानदार पूरी तरह से पीछे हट गए हैं। लेकिन रविवार व सोमवार को को गंगा के जलस्तर में कोई खास बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं की गई। जबकि जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से ब्रजघाट में 201.9 गेज मीटर और तिगरी में 202.5 गेज मीटर से काफी नीचे है। प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए लगातार तटबंधन का कार्य कराया जा रहा है। तटों पर मिट्टी के बोरे रखवाकर कटान की स्थिति निपटने की तैयारी की जा रही है।
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तिगरी बाढ़ खंड जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दो दिन से गिरावट दर्ज की गई, लेकिन मंगलवार को जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो सकती है। हालांकि गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे बह रह रही है।