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गजरौला में निजी क्लीनिक सीज करने के विरोध पर हंगामा
Updated Tue, 20 Jun 2017 02:23 AM IST
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क्लीनिक पर सर्जन मिला न मान्यता के दस्तावेज, हंगामा
गजरौला। नगर के सांईनाथ क्लीनिक की जांच करने पहुंचे एसीएमओ की टीम को क्लीनिक पर न तो सर्जन मिला न मान्यता से संबंधित दस्तावेज। इस पर टीम ने क्लीनिक का संचालन अवैध बताते हुए सील करने की कोशिश की तो संचालिका ने हंगामा कर दिया। दस्तावेज दिखाने के लिए एक दिन का समय मांगा। इसको लेकर एसीएमओ और नोडल अधिकारी से उसकी तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि संचालिका के तेवर देख एसीएमओ ने फौरी तौर पर क्लीनिक बंद कराकर एक दिन का समय दे दिया।
नगर के मोहल्ला जलाल नगर निवासी बत्तीस वर्षीय शबाना को प्रसव पीड़ा के दौरान 27 मई को नगर के सांईंनाथ क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। 28 मई को पर प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। पुलिस मौके पर पहुंची थी, हालांकि मामला रफा-दफा हो गया था। इसके बाद मृतका के भाई बिजनौर के चांदपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शब्दलपुर निवासी अमजद खान ने सीएमओ से मामले की शिकायत की थी। सीएमओ ने एसीएमओ और नोडल अधिकारी डा.दिनेश खत्री को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। सोमवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और नोडल अधिकारी डा.दिनेश खत्री टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। क्लीनिक की मान्यता से संबंधित कोई कागज नहीं दिखाए जाने और क्लीनिक पर कोई सर्जन नहीं मिलने पर एसीएमओ की ओर से क्लीनिक को सील कराने की कोशिश की गई। इस पर संचालिका ने हंगामा कर दिया। क्लीनिक की मान्यता से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए एक दिन का समय मांगा। इसको लेकर एसीएमओ से जमकर नोकझोंक हुई, हालांकि क्लीनिक संचालिका के तेवर देख एसीएमओ बैकफुट पर आ गए। फौरी तौर पर क्लीनिक बंद करा दिया, मगर सील नहीं किया। मान्यता से संबंधित कागज दिखाने के लिए एक दिन का समय देते हुए एसीएमओ बैरंग लौट आए।
वर्जन
सांईनाथ क्लीनिक की मान्यता से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखाए गए। मौके पर कोई सर्जन भी नहीं मिला। क्लीनिक को सील करने की कोशिश की गई, लेकिन संचालिका ने क्लीनिक सील नहीं होने दिया। मान्यता से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए एक दिन का समय दिया गया है, हालांकि फोरी तौर पर क्लीनिक पर ताला लगवाया गया है। -डा.दिनेश खत्री, एसीएमओ व नोडल अधिकारी अमरोहा।
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फोटो भी है।
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गजरौला। नगर के सांईनाथ क्लीनिक की जांच करने पहुंचे एसीएमओ की टीम को क्लीनिक पर न तो सर्जन मिला न मान्यता से संबंधित दस्तावेज। इस पर टीम ने क्लीनिक का संचालन अवैध बताते हुए सील करने की कोशिश की तो संचालिका ने हंगामा कर दिया। दस्तावेज दिखाने के लिए एक दिन का समय मांगा। इसको लेकर एसीएमओ और नोडल अधिकारी से उसकी तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि संचालिका के तेवर देख एसीएमओ ने फौरी तौर पर क्लीनिक बंद कराकर एक दिन का समय दे दिया।
नगर के मोहल्ला जलाल नगर निवासी बत्तीस वर्षीय शबाना को प्रसव पीड़ा के दौरान 27 मई को नगर के सांईंनाथ क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। 28 मई को पर प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। परिजनों ने डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। पुलिस मौके पर पहुंची थी, हालांकि मामला रफा-दफा हो गया था। इसके बाद मृतका के भाई बिजनौर के चांदपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव शब्दलपुर निवासी अमजद खान ने सीएमओ से मामले की शिकायत की थी। सीएमओ ने एसीएमओ और नोडल अधिकारी डा.दिनेश खत्री को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। सोमवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और नोडल अधिकारी डा.दिनेश खत्री टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। क्लीनिक की मान्यता से संबंधित कोई कागज नहीं दिखाए जाने और क्लीनिक पर कोई सर्जन नहीं मिलने पर एसीएमओ की ओर से क्लीनिक को सील कराने की कोशिश की गई। इस पर संचालिका ने हंगामा कर दिया। क्लीनिक की मान्यता से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए एक दिन का समय मांगा। इसको लेकर एसीएमओ से जमकर नोकझोंक हुई, हालांकि क्लीनिक संचालिका के तेवर देख एसीएमओ बैकफुट पर आ गए। फौरी तौर पर क्लीनिक बंद करा दिया, मगर सील नहीं किया। मान्यता से संबंधित कागज दिखाने के लिए एक दिन का समय देते हुए एसीएमओ बैरंग लौट आए।
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सांईनाथ क्लीनिक की मान्यता से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखाए गए। मौके पर कोई सर्जन भी नहीं मिला। क्लीनिक को सील करने की कोशिश की गई, लेकिन संचालिका ने क्लीनिक सील नहीं होने दिया। मान्यता से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए एक दिन का समय दिया गया है, हालांकि फोरी तौर पर क्लीनिक पर ताला लगवाया गया है। -डा.दिनेश खत्री, एसीएमओ व नोडल अधिकारी अमरोहा।
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